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वरिष्ठ नागरिक को नि:शुल्क सहायता

माया केयर फाउंडेशन पिछले 13 सालों से सभी जरूरतमंद बुजुर्गों को उनकी भावनात्मक और बौद्धिक जरूरतों को पूरा करने के लिए मुफ्त में सेवाएं प्रदान कर रही है। ताकि वे एक सुखी और आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।इनमें वरिष्ठों को अस्पताल ले जाना, बैंक के काम में सहायता करना, सरकारी काम में सहायता करना, दुकान से…

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चर्चा का वो विषय बना ,

चर्चा का वो विषय बना , नाम जोशी मठ। शहर धर्म कर्म की भूमि वो, राज्य उत्तराखंड जिला चमोली। जन जन करता बातें उसकी, क्या हुआ है ऐसा आज दीवारे दरक रहीं, जमीन धस रहीं, बेघर हुए लोग रातों रात। क्या मुद्दा सिर्फ़ इतना है, या अन्य कोई गहन आशंका है। रेलवे हो प्रयाग प्रोजेक्ट,…

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बने विजेता वो सदा, ऐसा मुझे यकीन। आँखों में आकाश हो, पांवों तले जमीन।।

जीवन में सफल होने के लिए धैर्य रखना और अपने सपनों के लिए समर्पित रूप से कड़ी मेहनत करना महत्वपूर्ण है। जीवन में कुछ भी मुफ्त नहीं है, और इसलिए हमें जीवन में बड़ी चीजें हासिल करने के लिए अपने सभी प्रयास करने और अपनी सीमाओं को चरम तक पहुंचाने की जरूरत है। इसके अलावा,…

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पर्यटन ,दर्शनीय स्थलों पर जाकर सुकून महसूस करें

मध्यप्रदेश के इंदौर संभाग के धार जिले के विकासखंड बाग़ के समीप लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर 5 वी -7 वी सदी में निर्मित 12 बौद्ध गुफाएं है । इनकी बनावट अजंता -एलोरा ,श्रीलंका ,बौद्ध गुफा की लगभग एक समान है । गुफाओं में मूर्तियां ,लाइट रिफ्लेक्टिंग पेंटिंग आकर्षकता का केंद्र है ।यहाँ पर…

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पुराने हांडी में नया चावल पका रहें धनाढ्य नेता .!

बहुत पुराने वक्त से हम सुनते आ रहे हैं कि जनतंत्र, जनता का, जनता के लिए और जनता के द्वारा शासन होता है। जनतंत्र में जनता होती थी, सरकार होती थी, चुनाव होते थे, नीतियां होती थी, संसद और विधायकाऐं होती थीं, जिनमें जनता द्वारा सरकार को चुना जाता था। सरकार जनता के कल्याण के…

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जोशीमठ की डरावनी तस्वीर   

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव जोश             जोशी मठ की तस्वीरें सभी को डरा रही हैं । मकानों में पड़ती दरारें और सम्पूर्ण क्षेत्र का धीरे-धीरे जमीन में धंसते जाना भय तो पैदा करेगा ही । हजारों घर इसकी चपेट में आ चुके हैं और संभव है कि यह संख्या इससे भी अधिक हो जाए । नए साल…

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जीवन की गतिशीलता के आनंद का उत्सव :मकर संक्रांति

संक्रान्ति का अर्थ है, ‘सूर्य का एक राशि से अगली राशि में संक्रमण (जाना)’। एक संक्रांति से दूसरी संक्रांति के बीच का समय ही सौर मास है।इस दिन, सूर्य मकर रेखा (दक्षिणायन) से कर्क रेखा (उत्तरायण) की ओर बढ़ता है।पूरे वर्ष में कुल 12 संक्रान्तियां होती हैं। लेकिन इनमें से चार संक्रांति मेष, कर्क, तुला…

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वासंतिक दोहे

छे ऋतुओं का अंजनी,अपने यहां विधान। रहता है दो माह तक,वसंत ऋतु का मान।। माह चैत-बैशाख में,खुशी लाता वसंत। शोभा बढ़ता धरा की, चारो तरफ अनंत।। ऋतुओं के अनुरूप ही,बदलता खान-पान। भंवरे और तितलियां,करती हैं गुणगान।। चारो ओर सज जाते,वन-उपवन,घर-द्वार। बहती रहती हर तरफ,मस्त फगुआ बयार।। आता फूल में पराग, औ बाग में बहार। सुहाते…

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कुदरत की पीर, जोशीमठ की तस्वीर

 जोशीमठ की स्थिति यह एक बहुत ही गंभीर चेतावनी है कि लोग पर्यावरण के साथ इस हद तक खिलवाड़ कर रहे हैं कि पुरानी स्थिति को फिर से बहाल कर पाना मुश्किल होगा। जोशीमठ समस्या के दो पहलू हैं। पहला है बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास, जो हिमालय जैसे बहुत ही नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र…

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स्वार्थों के लिए मनुवाद का राग -प्रियंका सौरभ

मनुस्मृति या भारतीय धर्मग्रंथों को मौलिक रूप में और उसके सही भाव को समझकर पढ़ना चाहिए। विद्वानों को भी सही और मौलिक बातों को सामने लाना चाहिए। तभी लोगों की धारणा बदलेगी। दाराशिकोह उपनिषद पढ़कर भारतीय धर्मग्रंथों का भक्त बन गया था। इतिहास में उसका नाम उदार बादशाह के नाम से दर्ज है। फ्रेंच विद्वान…

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