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लघुकथा – कर्मठ : डोली शाह
बचपन में ही राहुल को मां छोडकर इस दुनिया से चली गयी तो पिता ने घर के साथ खेती-बाड़ी का काम संभाल कर मा की कमी को पूरा करते हुए उसकी परवरिश की । राहुल भी जब कुछ बडा हुआ तो वह भी पिता के हर कार्यों में हाथ बंटाता साथ मे पढने के लिए …
जन भागिदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण असंभव है
-लाल बिहारी लालनई दिल्ली । जब इस श्रृष्टि का निर्माण हुआ तो इसे संचालित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों का एक सामंजस्य स्थापित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों के बीच एक परस्पर संबंध का रुप प्रकृति ने दिया जो कलान्तर मे पर्यावरण कहलाया। जीवों के दैनिक जीवन को संचालित करने के लिए उष्मा…
छंद- गीतिका : यह समझ
मापनी- 2122 2122 2122 212 पदांत- यह समझ समांत- अहले साँस चलती है समय से तेज पहले यह समझ। चल सके तो वक़्त के ही संग बहले यह समझ। पंचतत्वों से बना अनमोल है यह तन मिला, ये बचें इनके लिए हर कष्ट सहले यह समझ। यह अगर हैं संतुलित तो मानले तू है सुखी,…
द्वि-दिवसीयअखिल भारतीय वेद विज्ञान सम्मेलन 2023
महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की 200वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में द्विदिवसीयअखिल भारतीय वेद विज्ञान सम्मेलन 2023 द्वितीय दिवस महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की 200वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में द्विदिवसीयअखिल भारतीय वेद विज्ञान सम्मेलन 2023 का आयोजन सी सुब्रमण्यम हॉल, पूसा संस्थान; नई दिल्ली में किया जा रहा है। प्रस्तुत कार्यक्रम का आयोजन विश्ववेद परिषद्, परमार्थ…
मजदूरों के हितों की रक्षा जरुरी है – लाल बिहारी लाल
मजदूर दिवस पर विशेष (1 मई)जब इस धरती का निर्माण हुआ तो इसमें पहले मजदूर के रुप में त्रिदेवों –ब्रम्हा, विष्णु एवं महेश ने काम किया। फिर अलग अलग रुप से काम को श्रेणियों में बांट दिया गया। निर्माण का काम ब्रम्हा जी,कार्यपालिका का काम विष्णु जी और फिर न्यायपालिका का काम भगवान महादेव को बनाया गया। इन सब…
धरा रुपी मां को बचाने के लिए लाल को आगे आना ही होगा- लाल बिहारी लाल
देश दुनिया में पर्यावरण का तेजी से क्षति होते देख अमेरिकी सीनेटर जेराल्ट नेल्सन ने 7 सितंबर 1969 को घोषणा की कि 1970 के बसंत में पर्यावरण पर राष्ट्रब्यापी जन साधारण प्रदर्शन किया जायेगा। उनकी मुहिम रंग लायी और इसमें 20 लाख से अधिक लोगो ने भाग लिया। और उनके समर्थन में जानेमाने फिल्म और…
रोजगार मेले पर मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र पर कसा तंज, कहा- कम और बहुत देर से दिया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘रोजगार मेले’ को लेकर सरकार पर कटाक्ष किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘रोजगार मेले’ को लेकर सरकार पर कटाक्ष करते हुए गुरूवार को कहा कि बहुत कम रोजगार दिया गया है और बहुत देर से दिया गया है। खरगे ने ट्वीट किया, ‘‘मोदी जी फिर से रोज़गार के…
कभी निष्फल नहीं हो सकता हमारा दूसरों को प्यार सम्मान अथवा महत्त्व देना
कुछ समय पहले की बात है कि एक हिंदी फिल्म देख रहा था। फिल्म और मुख्य पात्र का नाम है मिली। मिली एक मॉल के फूड जंक्शन में काम करती है। एक दिन गलती से मिली रेस्टोरेंट के फ्रीजर रूम में बंद हो जाती है। फ्रीजर रूम की सरदी के कारण उसकी हालत बहुत खराब…
अभिव्यक्ति और भावनाओं को तलाशने का शक्तिशाली माध्यम है ‘कला’
( विश्व कला दिवस पर विशेष) कला हमेशा से ही अभिव्यक्ति और भावनाओं को तलाशने का एक शक्तिशाली माध्यम रहा है।दुनियाभर में आज यानी 15 अप्रैल को वर्ल्ड आर्ट डे (विश्व कला दिवस) मनाया जा रहा है। कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इस दिन को हर साल 15 अप्रैल को मनाया जाता…
डॉ. अम्बेडकर भारत के भव्यभाल पर एक सुरम्य तिलकहैं
संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर महान समाज सुधारक और विद्वान थे।उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन जातिवाद को खत्म करने और गरीब, दलितों, पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए अर्पित किया।श्रमिकों, किसानों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन भी किया था। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मन्त्री, भारतीय संविधान के जनक एवं भारत गणराज्य…
