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भगत सिंह: “इंकलाब से आज तक”
“क्रांति बंदूक की गोली से नहीं, बल्कि विचारों की ताकत से आती है।” भगत सिंह का जीवन केवल एक क्रांतिकारी गाथा नहीं, बल्कि एक विचारधारा का प्रतीक है। उनकी शहादत से पहले उनके विचारों की ताकत थी, और उनकी शहादत के बाद भी उनका प्रभाव अमर है। आज जब हम आर्थिक असमानता, सांप्रदायिकता और भ्रष्टाचार…
बुद्ध का सदियों का सफर
जैसे-जैसे बौद्ध दर्शन समय के साथ-साथ बदलता गया, वैसे-वैसे बौद्ध कला भी बदलती गई। परंपरा के शुरुआती दौर में, बुद्ध को कभी भी मानव रूप में नहीं दिखाया गया। बल्कि, उनकी उपस्थिति को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया। पैरों के निशान, एक बोधि वृक्ष या यहाँ तक कि एक साधारण पगड़ी – ये उनकी छवि…
खुशी-एक सामूहिक जिम्मेदारी
“असफलता” जैसी कोई चीज़ नहीं होती। सदियों से बुद्धिमान लोग यही कहते आए हैं। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने स्पष्ट रूप से कहा था, “…असफलता का अर्थ है “सीखने का पहला प्रयास”। कलाम जी की इस परिभाषा को मुझसे बेहतर शायद कोई और व्यक्ति नहीं अपना सकता। 21वीं सदी की शुरुआत में अपने गृह…
हिंदी दिवस के उपलक्ष्य पर महर्षि यूनिवर्सिटी में विशेष व्याख्यान और पुरस्कार वितरण
महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी, नोएडा के मीडिया विभाग में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में 16 सितम्बर को *“डिजिटल मीडिया में हिंदी की ताकत और संभावनाएँ”* विषय पर विशेष व्याख्यान और पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार, संपादक एवं प्रकाशक श्री मनमोहन शर्मा (शरण) रहे। उन्होंने अपने अनुभव साझा…
बच्चों, किशोरों में बढ़ती स्क्रीन टाइम की समस्या से पूरा विश्व परेशान है।
विजय गर्ग स्वीडन ने स्कूलों में स्क्रीन को बैन कर दिया। अब वहां किताबों की वापसी हो रही है। बच्चे सिर्फ किताबों से ही पढ़ेंगे। स्वीडन ने सुधारा, बाकी देश कब सुधारेंगे, वक्त बताएगा। अपने देश में तो अधिकांश दल अपने-अपने घोषणा पत्रों में बच्चों को लैपटाप और मोबाइल देने की बातें करते हैं। नौ…
व्यंग्य : शठम् शाठयं समाचरेत्….
पंकज सीबी मिश्रा /राजनीतिक विश्लषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी जी हां ! प्रस्तुत व्यंग्य शुद्ध मवेशी संस्कृति को इंगित करता एक आंखे खोलने वाला आलेख है जिसे पढ़कर कुछ ठौर और धिंढोर के आंखो में सूजन आ सकती है । कल किसी दिशा से आवाज़ आई- ‘ वोट चोर, गद्दी छोड़। वोट चोर ने इस…
युवाओं के आक्रोश में झुलसा नेपाल
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव एक और पड़ोसी देश युवाओं के आक्रोश का केन्द्र बिन्दु बन गया । श्रीलंका के बाद बंगलादेश और अब नेपाल में युवाओं ने हिसंक आन्दोलन कर सत्ताधीशों को कुर्सी से उतार दिया । नेपाल में लोकतंत्र ज्यादा पुराना नहीं है, इसके पूर्व राजशाही थी और नेपाल का एक बड़ा वर्ग मानता रहा…
“नशा समाज को खोखला कर देता है और राष्ट्र निर्माण में सबसे बड़ी बाधा है।”
ड्रग्स की समस्या केवल एक विभाग या एजेंसी की जिम्मेदारी नहींहै,बल्कि पूरे समाज,सरकार और नागरिकों का सामूहिक दायित्व,होल ऑफ़ द गवर्नमेंट एप्रोच है- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र गोंदिया – भारत एक ऐसे युग से गुजर रहा है जहां विकास आधुनिकता और वैश्वीकरण की चुनौतियाँ समानांतर रूप से सामने खड़ी हैं। इनमें सबसे खतरनाक…
वेदों में आधुनिक भौतिकी के समाधान
सहस्त्रशीर्षा पुरुषःसहस्त्राक्ष सहस्त्रपात। स भूमि सर्वतःस्पृत्वाsत्व तिष्ठद्यशांगुलम।.पुरुषसूक्त 1 जो सह स्त्र सिर वाले, सहस्त्रों नेत्र वाले और सहस्त्र चरण वाले विराट पुरुष है, वह सारे ब्रह्माण्ड को आवृत करक भी दस अंगुल शेष रहते हैं ।।1 सूक्त2— पुरुष एवेदं सर्वं यदभूतमयच्चभाव्यम। उतामृत्वस्येशानो यदन्नेनाति रोहति।। जो सृष्टि बन चुकी, जो बनने वाली है, यह सब विराट…
खुशरीत कालरा बनीं मिस सुप्रेमेसी इंडिया 2025
खुशरीत कालरा बनीं मिस सुप्रेमेसी इंडिया 2025 – सुप्रेमेसी पेजेंट्स की विजेता चंडीगढ़, 31 अगस्त 2025: हयात रीजेंसी, चंडीगढ़ में आयोजित सुप्रेमेसी पेजेंट्स 2025 के भव्य ग्रैंड फिनाले का समापन शानदार अंदाज़ में हुआ, जहाँ खुशरीत कालरा को विजेता का ताज पहनाया गया। यह आयोजन सुप्रेमेसी टैलेंट्स द्वारा आयोजित किया गया, जिसकी संस्थापक और निदेशक…
