Special Article
रूपाली डोले के संचालन में सजा हृदयांगन संस्था मुंबई का रंगारंग कार्यक्रम
गणतंत्र दिवस के अवसर पर सजी बच्चो और किशोरो की महफिल गूगल मीट पर ।। ढाई घंटे चले इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संभाली देहरादून से आदरणीया डा0 विद्युत प्रभा चतुर्वेदी मंजू जी ने एवं कार्यक्रम को नई ऊंचाई दी इंदौर से रूपाली जी डोले ने ।। संस्था ने उन्हे *हृदयांगन उत्कृष्ट मंच संयोजिका सम्मान 2022…
गण और तंत्र की बढ़ती दूरी
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव सर्वजन हिताय, सर्वजन रक्षाय और सर्वजन सुखाय की भावना से निहित एक सार्वभौमिक संविधान की छाया के तले बहुभाषी, बहुजातीय, बहुधर्मावलंबियों का समूह स्वच्छन्दता और निर्भीकता के साथ जीवनयापन कर रहा हो वह गणतंत्र अपनी माधुर्य मुस्कान के साथ अपना 73 वां दिवस मनाने जा रहा है । स्तुत्य तो होगा ही ।…
क्या आज भी सुरक्षित नहीं हैं बेटियां ?
लोभी लोगों का डरकर नहीं डटकर सामना करें। कहने को हम सभी 21वीं सदी में जी रहे हैं बावजूद इसके मानवता कहीं किसी दरख़्त के नीचे दबी चली जा रही है । वर्तमान में जब हम आधुनिकता, विकास और स्वतंत्रता की बात करते हैं तो कहीं न कहीं ये सब दलीलें और बातें झूठी प्रतीत…
जागो वोटर जागो : सम्पादकीय
मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (प्रधान संपादक) आज सेना दिवस (15 जनवरी) है, भारतीय सेना को सहृदयता कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए नमन करता हूँ ।कोरोना – नए वेरिएंट (ओमीक्रॉनद्ध) की बात करें तो हाँ संख्या अति शीघ्रता से बढ़ अवश्य रही है किन्तु हमें यहाँ अपनी सोच को नियंत्र्ति करना होगा । मौसम बदलना–खाँसी–जुकाम के मामले हमेशा…
अभी तो कई खिसकेंगे , यह तो बस शुरुआत है !
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक उथल पुथल तेज हो गई है । जैसे – जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही हैं, विपक्ष और पक्ष के खेमे के सेनापति खेमा बदलना शुरू कर दिए हैं । जिसकी शुरुआत मंगलवार को बसपा से आए भाजपा में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने कर दी । पांच…
चुनावी पतंगों से सज चुका आसमान
राजनीतिक सफरनामा चुनावी पतंगों से सज चुका आसमान कुशलेन्द्र श्रीवास्तव लोहड़ी पर्व पर पतंगबाजी होती है । पहले अपनी पतंग को हवा में ऊंचा उड़ाओ और फिर हवा में उड़ रही दूसरी पतंग को काट डालो । राजनीति में भी ऐसा ही होता है । आवश्वासनों से भरी रंगबिरंगी पतंगें आसमान में उड़ती…
वर्ष 2022 संकल्प : क्या करें?… क्या न करें?…
डॉ. नीरू मोहन ‘वागीश्वरी’ वर्ष आते हैं और चले जाते हैं परन्तु अपने साथ बहुत-सी दुखद और सुखद यादों के अनुभव छोड़ जाते हैं; जिनको याद करके मन कभी खुश हो जाता है और कभी दुखी। मुझे लगता है सभी को अपने आने वाले समय का इंतज़ार रहता है मगर वह कैसा बीतेगा इसका एहसास…
नयी ऊर्जा की ओर : आशा सहाय
वर्ष 2021 गुजर चुका है।समस्याओं और उपलब्धियों से यह लर्षभरा रहा ,ऐसा कहने में हमें संकोच नहीं होता. इसलिए कि समस्याओं ने राष्ट्र को अगर परेशान किया तो उनके समाधान भी देश ने ढूँढ लिए । कोरोना से जूझने के लिए टीकाकरण अभियान ने सामान्य जनता को सामान्य जीवनशैली की ओर उन्मुख कर दिया।यद्यपि इतनी…
सम्पादकीय : मनमोहन शरण ‘शरण’
‘उत्कर्ष मेल’ के सभी पाठकों को नववर्ष 2022 की शुभकामना देता हूँ और प्रभु के श्रीचरणों में निवेदन करता हूँ कि सभी देशवासियों को मन–बुद्धि–कौशल से दृढ़तापूर्वक संकल्प के साथ कार्य करने की शक्ति दें । सभी स्वस्थ रहें, सुखी हों ऐसा आशीर्वाद प्रदान करें ।नव वर्ष का उत्साह एक तरफ है और कोरोना के…
नए वर्ष 2022 से आपकी कितनी उम्मीदें और क्यों ?
महामारी की चपेट में जूझ रहे पूरे विश्व को विगत दो वर्षो से दैनिक लाइफ स्टाइल में काफी उठा पटक देखने को मिली । वर्तमान परिवेश में नए आंग्ल वर्ष का आगमन सबके लिए कम उत्साहजनक, अधिक चिंताजनक और अतीत के डर से ज्यादा सचेत हो सकता है । हर वर्ष एक वर्ष जाता है,…
