Latest Updates

विश्व के 100 हिंदी रचनाकारों में हिंदी लेखिका सविता चड्ढा 83वें स्थान पर

राही सहयोग संस्थान जयपुर ने विश्व के सौ रचनाकारों की सूची प्रकाशित की है।  यह बहुत ही खुशी  की बात है कि पंजाब केसरी में नियमित लेखन करने वाली हिंदी साहित्यकार को इस सूची में 83वां स्थान मिला है।इस रैंकिंग पर  सविता जी का कहना है कि गीता के अनुसार कर्मयोग ही लेखक की कर्मभूमि…

Read More

पेगेसस से भी खतरनाक अवसरवादी नेता

ब्राह्मण सम्मेलन क्युकी ब्राह्मणों को उलझाना है । ईद पर टोपी क्युकी मुसलमानों को टोपी पहनाना है ,ये सब नेताओं का चाल चरित्र है । ये नेता तो इतने गिरे है कि डकैत फूलन देवी तक को माला फूल पहनाकर सोशल मीडिया पर परोश रहे , उससे भी ज्यादा शर्मनाक रहा जब मियां खलीफा की…

Read More

आंकड़ों के खेल ने बढ़ा दीं मुश्किलें

राजनीतिक सफरनामा — कुशलेन्द्र श्रीवास्तव जब आंकड़ों का पौधा लहलहाता है तो धरातल दिखाई देना बंद हो जाता है । सरकार के सारे काम आंकड़ों के इर्दगिर्द ही घूमते हैं । यही तो कारण है कि संसद में स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने बता दिया कि हाल ही में सम्पन्न हुए कोरोनाकाल में किसी की भी…

Read More

स्वतंत्र् है अपनी धरा, मन में बहती गंग है

सम्पादकीय, मनमोहन शर्मा ‘शरण’ सर्वप्रथम आप सभी को स्वतंत्र्ता दिवस की हार्दिक बधाई एवं अनन्त शुभकामनाएँ ।इस बार विशेष इसलिए भी है कि 15 अगस्त 2021 को हम 75वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं जो अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है ।आज हम एक पड़ाव पर पहुँचे हैं जहां हमें 7 दशक…

Read More

भारत की एकता शांति समृद्धि और विकास का संकल्प हो

कविता मल्होत्रा (संरक्षक , स्तंभकार, उत्कर्ष मेल) भारत की आज़ादी का जश्न मनाने के लिए राष्ट्रीय ध्वज फहरा देने भर से किसी भी भारतवासी का अपने राष्ट्र के प्रति दायित्व पूरा नहीं हो जाता।भारत की एकता, शांति, समृद्धि और विकास का प्रतीक तिरंगा फहराना कोई रस्म नहीं बल्कि अपने देश के प्रति रक्षात्मक प्रवृत्ति का…

Read More

सावन कजरी और झूला

वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही,पूर्वांचल के बाग झूला गीतों से चहक उठते हैं और कजरी गायन की प्रथा का पालन शुरू हो जाता है, भाद्रपद कृष्णपक्ष की तृतिया को कजरी तीज मनाई जाती है,इस दिन महिलाएं व्रत करती हैं और रतजगा करते हुए कजरी गायन करती हैं।कजरी मे मुख्यतः संयोग वियोग और वर्षा…

Read More

मानसिक स्वास्थ्य के प्रति रहें सचेत

तनाव, चिंता और दुःख जैसी अनेक भावनाओं का हम सभी अनुभव करते हैं, और अधिकांश समय ये भावनाएं जल्दी से समाप्त भी हो जाती हैं लेकिन कुछ लोगों के लिए यह भावनाएँ अधिक जटिल बनी रहती हैं और जीवन की गुणवत्ता को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती हैं। तब इसका निदान करना जरूरी हो जाता…

Read More

बिधान चंद्र रॉय

(डॉक्टर मनोज कुमार) (01 जुलाई,1882 से  01 जुलाई, 1962) प्रारंभिक जीवन :- बिधान चंद्र रॉय का जन्म 1 जुलाई, 1882 को बिहार के पटना जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम प्रकाश चन्द्र रॉय और माता का नाम अघोरकामिनी देवी था। बिधान ने मैट्रिकुलेशन की परीक्षा पटना के कोलीजिएट स्कूल से सन् 1897 में…

Read More

सच्ची आजादी, अमृतोत्सव भी सच्चा!

सम्पादकीय (मनमोहन शर्मा ‘शरण’) यह सच है कि अभी भारत में कोरोना के मामलों में काफी कमी देखी जा रही है किन्तु ध्यान रहे आगे बरसात का मौसम आने को है तब हमें विशेष सावधानी बरतनी है और कोरोना गाईडलाइन्स का कड़ाई से पालन करते हुए इसको पैर पसारने नहीं देना है । कोरोना वैक्सीन…

Read More

बातों से बात नहीं बनती साहब!

सम्पादकीय (मनमोहन शर्मा ‘शरण’) पूरे विश्व में मानव जाति पर कोरोना बहुत बड़े संकट के रूप में छाया हुआ है । भारत की बात करें तो दूसरी लहर में क्या–क्या घटित हो गया यह किसी से छिपा नहीं है । दूसरी लहर में युवाओं पर कहर टूटा और संख्या गिनती से परे है । कुछ…

Read More