Special Article
गुरूकुल
श्रीमती कविता मल्होत्रा दोस्तों मित्रता दिवस की रस्म हम यूँ निभा लेते हैं निस्वार्थ प्रेम बनकर निस्वार्थता को मित्र बना लेते हैं अपने घरौंदों की जड़ें दिमाग़ में न बनाकर दिलों में बनाई जाएँ तो हर एक घर ही मंदिर हो जाए !! दिलों को अपनी ख्वाहिशों की सियासत नहीं बल्कि जीवन के परम उद्देश्य…
बातों से कब बात बनी है….(सम्पादकीय) मनमोहन शर्मा ‘शरण’
अगस्त माह में अनेक त्यौहार–पर्व हैं जिनके द्वारा सांस्कृतिक, संस्कारिक, आ/यात्मिक एवं राष्ट्रीय मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है ।रक्षा–बंधन, जहां भाई–बहन के प्यार–विश्वास और संकल्प की खुश्बू आती है तो वहीं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आ/यात्मिक चिंतन का महापर्व आएगा जिसमें जीवन जीने की कला हम जानते हैं । 15 अगस्त राष्ट्रीय चिंतन एवं देशभक्ति…
भारत को आत्मनिर्भर बनाने में एंटरप्रेन्योरशिप की भूमिका
इस कोरोना महामारी ने हमे बहुत कुछ सिखाया है और लोगो को अपनी अच्छाई और खामी दोनों को ही समझने में काफी मदद की है। इस बात से किसी को भी संदेह नही होना चाहिए कि इस महामारी ने देश को भी बहुत कुछ सिखाया है तथा कई खामियों को भी उजागर किया है। ऐसे…
(कारगिल युद्ध 26 जुलाई ) विजय दिवस
कर्नल सारंग थत्ते ( सेवा निवृत्त ) 26 जुलाई : हर वर्ष इस दिन पूरे देश में विजय दिवस मनाया जाता है. यह युद्ध हम पर थोपा गया था और यह पाकिस्तान की सोची समझी साजिश थी, जब एक तरफ हम बस डिप्लोमसी में व्यस्त थे तब जनरल मुशर्रफ अपने युद्ध के नक्शे पर…
डाॅ. अशोक कुमार ज्योति बने सहायक प्रोफेसर
डाॅ. अशोक कुमार ज्योति ने हाल ही में काशी हिंदू विश्वविद्यालय में हिंदी विषय के सहायक प्रोफेसर के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया है।दरभंगा जिले के किरतपुर प्रखंड के ढाँगा गाँव में जनमे डॉ. अशोक कुमार ज्योति हिंदी-विषय में स्नातकोत्तर, पीएच्.डी., शिक्षा-विशारद हैं एवं उन्हें पत्रकारिता में भी स्नातकोत्तर-उपाधि प्राप्त है। इनके पिता जी…
सम्पादकीय : मनमोहन शर्मा ‘शरण’
….आखिर चीन बातचीत को तैयार हो गया और आपसी संवाद के माध्यम से समस्या का हल ढूंढने के लिए सहमत हो गया ।और कोई रास्ता ही नहीं छोड़ा था भारत सरकार ने, हमारे वीर सैनिकों तथा भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारीयों ने ।एक वार वह होता है जो सामने से लगता है और जिसके बचाव…
हॉन्गकॉन्ग को लेकर भारत ने बदले अपने सुर
चीन अपने पडोसी देशों से रिश्ते बद से बदतर करता जा रहा है, चाहे वह ताइवान हो, जापान हो या कोई और देश,वह हर किसी से उलझने का साहस करता नजर आ रहा है। अगर हॉन्गकॉन्ग की बात करे तो ये बोलना कतई गलत नही होगा कि चीन ने वहा लोक-तंत्र की हत्या कर दी…
भारतीय सेना की तरह पुलिस पर भरोसा क्यों नहीं है?
—-प्रियंका सौरभ देश भर में हम आये दिन पुलिस द्वारा हिरासत में लिये गए लोगों की मृत्यु और यातना की घटनाों को सुनते हैं जिसके फलस्वरूप पुलिस की छवि पर दाग लगते है। यही नहीं अपराधी प्रवृति के लोगों में पुलिस के प्रति क्रूरता जन्म लेती है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा में अभी-अभी पुलिस वालों के…
रूस के व्लादिवोस्तोक शहर पर चीन के दावे ने मचाई हड़कंप
रूस के व्लादिवोस्तोक शहर पर चीन के दावे ने अंतरास्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। इस कारवाई मे चीन की दिलेरी कम और बेवकूफी ज्यादा नज़र आ रही है।आज के वक़्त में जब दुनिया के सारे बड़े देश चीन के खिलाफ है तथा इस मुश्किल वक़्त में जब चीन को सबसे ज्यादा रूस की…
पेट्रोल डीजल और शराब के भरोसे भारत की अर्थव्यवस्था
हमारे भारत समेत पूरे विश्व में इस समय आर्थिक और सामाजिक हाहाकार मचा हुआ है । हम सब अपने अपने घरों में स्वेच्छा से नजरबंद है । हम पिछले तीन महीने से लॉक डाउन की स्थिति में खुद को सेल्फ आइसोलेट करके सरकार और समाज की मदद कर रहे थे ,पर सिर्फ इतना ही मुद्दा…
