Special Article
बिहार चुनावःः रेबड़ियों के भरोसे
राजनीतिक सफरनामा : बिहार चुनावःः रेबड़ियों के भरोसे — कुशलेन्द्र श्रीवास्तव बिहार चुनाव अपने रंग मे रंगा चुके है । एक तरफ दीपावली और छठ जैसे महापर्व चल रहे थे वहीं दूसरी ओर नेता सारा कामकाज छोड़कर चुनाव में लगे थे । पांच साल के लिए मेहनत होती है यह ‘‘कर लो भैया आपको, माई…
My 86th Birthday Morning: A Lesson from Nature
By [Dr. M.K. Shingari], Author of 8 Books (5 Technical, 3 Non-Technical)On the morning of 1st November, I completed 85 years of my life and stepped into the 86thyear of my active and disciplined journey. My regular routine is to rest between 8:00 PMand 3:00 AM, rising at the beginning of Brahma Muhurat, a sacred…
त्योहार मनाएं, लेकिन शरीर को सेहतमंद रखने के लिए ये फेस्टिव मंत्र भी अपनाएं
विजय गर्ग इस दौरान न तो खानपान पर लोगों का कंट्रोल रह पाता है और न ही वो यह ध्यान रख पाते हैं कि उनके शरीर के लिए कौन सी चीज ठीक है और कौन सी नहीं। इस दाैरान तले-भुने पकवान, मिठाइयां और अल्कोहल का जमकर इस्तेमाल होता है। जब खाने को आसपास इतनी सारी…
त्योहारों का सेल्फ़ी ड्रामा
(त्योहार अब दिल से नहीं, डिस्प्ले से मनाए जाते हैं — हम अब त्योहारों से ज़्यादा अपनी तस्वीरें मना रहे हैं।) अब त्योहार पूजा, मिलन और आत्मिक उल्लास का नहीं, बल्कि ‘कंटेंट’ का मौसम बन गए हैं। दीपक की लौ से ज़्यादा रोशनी अब मोबाइल की फ्लैश में दिखती है। भक्ति, व्रत और परंपराएँ अब…
कार्तिक माह में अहोई, प्रबोधिनी, अमावस्या एवं छठ का है विशेष महत्व : पंकज सीबी मिश्रा , राजनीतिक विशलेषक / पत्रकार जौनपुर यूपी
दीपो ज्योति परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दन:। दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोऽस्तु ते।। कार्तिक माह में अहोई, प्रबोधिनी, अमावस्या एवं छठ का है विशेष महत्व पंकज सीबी मिश्रा , राजनीतिक विशलेषक / पत्रकार जौनपुर यूपी ध्वज, धनाढ्य, धर्म सम्मत और धार्मिक होना ही अंतिम लक्ष्य नहीं है सनातन का अपितु मानवता का पालन करना ही…
अंधकार से प्रकाश की ओर : मनमोहन शर्मा ‘शरण’
सर्वप्रथम आप सभी को आगामी पखवाड़े में पड़ने वाले त्यौहारों के लिए बधाई एवं अनन्त शुभकामना। दीपावली का दीप जगे आप सभी के घर में मन में, श्रीकृष्ण का ज्ञान मिले’ श्री गोवर्धन जी ‘ की पूजा के साथ और भाई-बहन के पचित्र प्रेम बंधन का प्रतीक भैयादूज पर्व के साथ भाई बहने का प्यार-सम्मान…
जीवन की रक्षा के लिए भी विकास के समांतर धरती को बचाने का संकल्प लेना होगा
विजय गर्ग सभ्यता की शुरुआत से ही प्रकृति और मनुष्य के बीच बहुत गहरा संबंध रहा है। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं, लेकिन आज ऐसा लगता है कि इंसान को प्रकृति की उतनी रह गई है। इसमें दोराय नहीं कि पर्यावरण परवाह नहीं रह सिमटता नजर आ पर संतुलन को बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन…
“बदला हुआ भारत: क्रिकेट और आत्मसम्मान का नया अध्याय”
“एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत का रुख़ और खेल के मैदान से परे राष्ट्रीय गौरव की झलक” एशिया कप 2025 का फाइनल केवल क्रिकेट का खेल नहीं था। भारत ने पाकिस्तान को हराने के साथ ही ट्रॉफी स्वीकार करने से इनकार कर दिया, क्योंकि पुरस्कार देने वाला पाकिस्तान का प्रतिनिधि था। इससे प्रस्तुति…
धर्मो रक्षति रक्षितः बनाम अहिंसा परमो धर्म: ; इस विजयदशमी दोनों आमने – सामने
“नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे, त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोऽहम्।” लेख :- पंकज सीबी मिश्रा, राजनीतिक विश्लेषणक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी यह वर्ष खास है क्यूंकि दो अक्टूबर गाँधी जयंती और दशहरा दोनों एक साथ है। एक अहिंसा का प्रतीक है तो दूसरा धर्म के विजय अर्थात हिंसा का। इस विजयादशमी पर संघ के 100 वर्ष पूर्ण…
Mediation and Justice in India: The Promise of Section 5 of the Mediation Act, 2023
Dr. Sukhda PritamAdditional District and Sessions Judge Introduction: The Everyday Struggle for Justice In the courtroom, it is often seen the silent fatigue on the face of a woman waiting for her maintenance order, sometimes clutching her child’s hand, sometimes sitting alone with eyes fixed on the floor. For her, justice is not an abstract…
