Special Article
“रहे उजाला हर दिल में,ना कोई तमस हो बारह महीने हर दिन बसँती प्रेम दिवस हो”
ना रहे किसी भी रूह में, मैं मेरी की हवस उतरे हर दिल में इश्क ए इब़ादत, तो मने समस्त ब्रह्माण्ड में बसँती एक प्रेम दिवस कितने भाग्यशाली होते हैं वो बच्चे जिन्हें उच्च शिक्षा के अवसर अपने देश में भी मिलते हैं और विदेशों में भी।अगर समाज के ये तथाकथित उच्च शिक्षित विद्वान अपनी…
मझधार मे कांग्रेसी नैया !
बुधवार को अचानक राहुल गांधी के ट्वीट ने सियासी गलियारे मे हलचल पैदा कर दी । राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे के औपचारिक घोषणा ने हालांकि किसी को चौकाया तो नही पर उनके द्वारा ट्वीट किये गए कारणों ने राहुल की जमकर किरकिरी करा दी । लोकसभा चुनाव के बाद से अपने…
वरिष्ठ नागरिकों की समस्याएं*
राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” शिक्षक एवम साहित्यकार परिवार में जिनकी आयु साठ वर्ष हो गए या जिनकी सेवानिवृति हो गई। वे वरिष्ठ नागरिक कहलाते हैं। वरिष्ठ जन ही परिवार की नींव होती है। लेकिन आज की पीढ़ी वरिष्ठ के साथ रहना पसन्द नहीं करते। वे एकल परिवार में स्वतंत्रता के साथ रहना चाहते हैं। किसी…
विश्व जनसंख्या दिवस पर विशेष (11 जुलाई)
लाल बिहारी लाल । सन 1987 में विश्व की जनसंख्या 5 अरब को पार गई तभी से सारी दुनिया में जनसंख्या रोकने के लिए जागरुकता की शुरुआत के क्रम में 1987 से हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाते आ रहे हैं। आज सारी दुनिया की 90% आबादी इसके 10% भू भाग…
जीवन मूल्यों को समाहित करती – पीहू पुकार – लाल बिहारी लाल
रवीन्द्र जुगरान हिंदी काब्य जगत में एक उद्यमान प्रतिभा हैं। इनकी 49 अतुकांत कविताओं का संग्रह –पीहू पुकार शीर्षक से अनुराधा प्रकाशन ,नई दिल्ली ने प्रकाशित किया है।इस एकल संकलन में शुरुआत मंगल गान से है में – हे मां बिलख रहे है तेरे लाल में कवि ने इस प्रतिकूल वातावरण में अपने दायित्वो का …
