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अगले वर्ष: राजनीति और नीतिगत चुनौतियां : डॉ. विजय गर्ग

जैसे-जैसे वर्ष 2025 समाप्त होता जा रहा है, हम 2019 के कगार पर खड़े हैं और आगे क्या होने वाला है, इसका अनुमान लगा रहे हैं। क्रिस्टल बॉल क्या कहती है? इससे उभरती घटनाओं और राजनीतिक बदलावों की संभावना का पता चलता है जो आने वाले वर्ष में दुनिया को आकार दे सकते हैं। उल्लेखनीय…

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दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोरखपुर में  भीम प्रसाद प्रजापति के दो काव्य कृतियों का लोकार्पण

गोरखपुर। संगम सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था तथा दिग्विजय नाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 14-12-25 दिन रविवार को महाविद्यालय सभागार में कवि श्री भीम प्रसाद प्रजापति की काव्य कृतियों ‘अनजाने पथ’ एवं ‘चाँद का बगीचा’ का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. रामदेव शुक्ल ने…

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आर्य समाज मधुबनी बिहार का शताब्दी समारोह

साधना पथ , (प्रथम भाग) पुस्तक का विमोचन         निर्णय ग्रंथों के प्रणेता, मिथिला विभूति, आर्य समाज के प्रकांड विद्वान् पण्डित शिव शंकर शर्मा काव्य तीर्थ जी से  प्रभावित होकर दरभंगा जिले के कमतौल ग्राम में आर्य समाज की स्थापना हुई थी। आर्य समाज कमतौल के प्रधान जी मधुबनी जिले के श्री त्रिवेणी लाल जी के…

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वृद्धाश्रम नहीं, सम्मानाश्रम चाहिए

लेखक : विजय गर्ग समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने बुज़ुर्गों के साथ कैसा व्यवहार करता है। आज जब जीवन की गति तेज़ हो गई है, रिश्तों में व्यावहारिकता ने भावनाओं की जगह ले ली है, तब हमारे सामने एक दर्दनाक सच्चाई उभरकर आई है — वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या।…

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प्रेम की संपूर्णता–डॉ शिप्रा मिश्रा

            प्रेम में ऊब-डूब मत देना गुलाब जो मुरझा जाएँ किताबों में रखे सुषमा सौंदर्य मौलिकता सब भूल जाएँ देना इत्र में भीगे गुलाबी पत्र जिसे नोटबुक में पढ़ा जा सके नजरें बचाकर जब जहाँ जैसे जी चाहे रखा जा सके सहेजकर उन तमाम प्रेमी युगल के लिए जानते हैं जो प्रेम की मौन मूक…

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मैं कैसे पढ़ूँ?

       रोहन बड़े ही सहज भाव से पास आकर खड़ा हो गया,“मैम आप कहती तो हैं कि तुमलोग डॉक्टर, इन्जीनियर ,शिक्षक कुछ भी बन सकते हो, परंतु हमारे यहाँ तो दो जून का भोजन भी मुश्किल से बनता है, हमारे माँ-बाप हमें कहाँ से डॉक्टर और इन्जीनियर बनायेंगे? उसमें तो बहुत अधिक पैसे लगते हैं।”…

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काल और उसके रहस्य : आशा सहाय

जब कब अब और तब जैसे शब्द निरर्थक हैं अगर इनके साथ काल नहीं जुड़ा हो।पूर्वोक्त शब्दों से हम काल को मापने का दम्भ भरते हैं। वस्तुतः भौतिक दृष्टि से इसे मापना अत्यंत कठिन है। यह अपनी व्यावहारिक सुविधा के लिए करना चाहते हैं ताकि दो घटनाओं के मध्य की स्थिति को हम मस्तिष्क मे…

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नायब सिंह सैनी – एक कुशल मुख्यमंत्री

नायब सिंह सैनी – एक कुशल मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार का एक साल का सफर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बोलने का अंदाज़ लोगों को बेहद आकर्षित करता है, ये सहज और सरल तरीके से गंभीर बात कह जाते हैं। ये 12 मार्च, 2024 से हरियाण के मुख्यमंत्री हैं, 2024 का हरियाणा विधान सभा चुनाव इनके…

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बुद्ध का सदियों का सफर

जैसे-जैसे बौद्ध दर्शन समय के साथ-साथ बदलता गया, वैसे-वैसे बौद्ध कला भी बदलती गई। परंपरा के शुरुआती दौर में, बुद्ध को कभी भी मानव रूप में नहीं दिखाया गया। बल्कि, उनकी उपस्थिति को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया। पैरों के निशान, एक बोधि वृक्ष या यहाँ तक कि एक साधारण पगड़ी – ये उनकी छवि…

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हिंदी दिवस के उपलक्ष्य पर महर्षि यूनिवर्सिटी में विशेष व्याख्यान और पुरस्कार वितरण

महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी, नोएडा के मीडिया विभाग में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में 16 सितम्बर को *“डिजिटल मीडिया में हिंदी की ताकत और संभावनाएँ”* विषय पर विशेष व्याख्यान और पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार, संपादक एवं प्रकाशक श्री मनमोहन शर्मा (शरण) रहे। उन्होंने अपने अनुभव साझा…

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