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नयी ऊर्जा की ओर : आशा सहाय

वर्ष 2021 गुजर चुका है।समस्याओं और उपलब्धियों से यह लर्षभरा रहा ,ऐसा कहने में हमें संकोच नहीं होता. इसलिए कि समस्याओं ने राष्ट्र को अगर परेशान किया तो उनके समाधान भी देश ने ढूँढ लिए । कोरोना से जूझने के लिए टीकाकरण अभियान ने सामान्य जनता को सामान्य जीवनशैली की ओर उन्मुख कर दिया।यद्यपि इतनी…

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आशंकाओं के भंवरजाल में नव वर्ष का उत्सव

इस एक जनवरी को उदित हुए सूरज के लाल रंग में उच्छवास नहीं है । घर की दीेवाल पर टंगें नए कैलेण्डर की चमक में भी आकर्षण नहीं है । शेष बचे पेड़ों की शाखाओं पर चिड़ियां तो चहक रहीं हैं पर इन पक्षियों की चहक मंे भी उत्साह नहीं सुनाई दे रहा है ।…

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बनें रब का सेवादार

कविता मल्होत्रा (संरक्षक, स्तंभकार) “माता-पिता केवल शब्द नहीं ये जीवन का हैं सार ईश्वरीय श्रवण कुमार वही जो सृष्टि का सेवादार” शिक्षा के क्षेत्र में अनेक प्रकार की संभावनाएँ होती हैं जो किसी भी व्यक्ति के अस्तित्व को तराश कर एक सुघड़ आकार देतीं हैं।हर व्यक्ति की पसंद अलग होती है।अपनी पसंद के अनुसार हर…

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वाराणसी के लोकप्रिय नेता है दयाशंकर मिश्र दयालु , रहते है सर्वसुलभ !

 वाराणसी को भाजपा का गण कहा जाता है क्योंकि  काशी ने ही मुरली मनोहर जोशी जैसा मजबूत संघ विचारक , सांसद  नेता और महेंद्र नाथ पांडेय जैसा जनप्रिय मंत्री दिया है । वर्तमान राजनीति में वाराणसी में विधानसभा चुनावों में एक जो सबसे चर्चित और लोकप्रिय चेहरा नजर आ रहा वो है राज्य सरकार में…

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हे प्रभु ! इन्हें क्षमा करना

कुश्लेन्द्र श्रीवास्तव (स्थाई स्तंभकार) अब इससे अधिक तो कुछ कहा ही नहीं जा सकता कि ‘‘हे प्रभु ! इन्हें क्षमा करना..ये नहीं जानते कि वो क्या कह रहे हैं । जैसे आम ‘‘बौरा’’ जाता है वैसे ही ‘‘खास’’ भी बौरा ही जाते हैं । कंगना भी खास होते ही बौरा गई लगने लगीं हैं ।…

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लोक आस्था का महा पर्व-छठ व्रत

             लाल बिहारी लाल         छठ मईया की महिमा,जाने सकल जहान। “लाल पावे” जे  पूजे, सदा करी कल्याण।।                                         (लाल बिहारी लाल) सृष्टी की देवी प्रकृति नें खुद को 6 बागों में बांट रखा है। इनके छठे अंश को मातृदेवी के रुप में पूजा जाता है। ये ब्रम्हा की मानस पुत्री हैं। छठ व्रत यानी इनकी…

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अनशन

   “कमली खाना खा ले बेटा ,जिद नहीं करते । देख ले खाना नहीं खायेगी तो कमजोर हो जायेगी।”  “ठीक है माँ मैं खाना खा लूँगी पर तू भी मेरा एडमिशन करा दे ।”  “नहीं बेटा तेरे पिताजी नहीं मान रहे हैं , कोई अच्छा रिश्ता मिल रहा है ,वे उसे छोड़ना नहीं चाहते हैं…

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अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था स्व. हरविंदर सिंह लबाना जी की स्मृति में कवि सम्मेलन का आयोजन

४ अक्टूबर २९२१, को “अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था” दिल्ली के तत्वावधान में समूह की राष्ट्रीय अध्यक्षा आ० Madhu Madhubala Labana जी द्वारा, स्व. हरविंदर सिंह लबाना जी की स्मृति में और आ० राकेश शम्स (एटा) जी की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें “आदित्य साहित्य साधना संस्था” के संस्थापक, प्रसिद्ध कवि और व्यंग्यकार…

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अंतरराष्ट्रीय काव्य प्रेमी मंच द्वारा विश्व के सबसे बड़े वर्चुअल आनलाइन भारत को जाने कार्यक्रम

अंतरराष्ट्रीय काव्य प्रेमी मंच द्वारा विश्व के सबसे बड़े वर्चुअल आनलाइन भारत को जाने कार्यक्रम में शिखा पोरवाल वैकुंवर कनाडा से संचालन करेंगीं। डाँ शिल्पा शिप्री जी भी उनके साथ संचालन की बागडोर सम्हालेंगी। विश्व के श्रेष्ठतम कवि संचालकों को संचालन का दायित्व सौंपा गया हैं।कार्यक्रम का संयोजन डॉ. ममता सैनी तंज़ानिया कर रही है…

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एकमात्र हिंदी

हिंदी ही एकमात्र ऐसी भाषा है जो हमारे पूरे भारत में बोली और समझी जाती है ।चाहे हमारे बच्चे कितनी भी  अंग्रेजी हया किसी और भाषा को सीख ले परंतु वार्तालाप तो हिंदी में ही करते हैं। क्योंकि हमारी जड़े तो हिंदी में ही हैं, जो बात हमारी मातृभाषा मैं है वह बात किसी और…

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