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लोक आस्था का महा पर्व-छठ व्रत

             लाल बिहारी लाल         छठ मईया की महिमा,जाने सकल जहान। “लाल पावे” जे  पूजे, सदा करी कल्याण।।                                         (लाल बिहारी लाल) सृष्टी की देवी प्रकृति नें खुद को 6 बागों में बांट रखा है। इनके छठे अंश को मातृदेवी के रुप में पूजा जाता है। ये ब्रम्हा की मानस पुत्री हैं। छठ व्रत यानी इनकी…

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अनशन

   “कमली खाना खा ले बेटा ,जिद नहीं करते । देख ले खाना नहीं खायेगी तो कमजोर हो जायेगी।”  “ठीक है माँ मैं खाना खा लूँगी पर तू भी मेरा एडमिशन करा दे ।”  “नहीं बेटा तेरे पिताजी नहीं मान रहे हैं , कोई अच्छा रिश्ता मिल रहा है ,वे उसे छोड़ना नहीं चाहते हैं…

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अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था स्व. हरविंदर सिंह लबाना जी की स्मृति में कवि सम्मेलन का आयोजन

४ अक्टूबर २९२१, को “अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था” दिल्ली के तत्वावधान में समूह की राष्ट्रीय अध्यक्षा आ० Madhu Madhubala Labana जी द्वारा, स्व. हरविंदर सिंह लबाना जी की स्मृति में और आ० राकेश शम्स (एटा) जी की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें “आदित्य साहित्य साधना संस्था” के संस्थापक, प्रसिद्ध कवि और व्यंग्यकार…

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अंतरराष्ट्रीय काव्य प्रेमी मंच द्वारा विश्व के सबसे बड़े वर्चुअल आनलाइन भारत को जाने कार्यक्रम

अंतरराष्ट्रीय काव्य प्रेमी मंच द्वारा विश्व के सबसे बड़े वर्चुअल आनलाइन भारत को जाने कार्यक्रम में शिखा पोरवाल वैकुंवर कनाडा से संचालन करेंगीं। डाँ शिल्पा शिप्री जी भी उनके साथ संचालन की बागडोर सम्हालेंगी। विश्व के श्रेष्ठतम कवि संचालकों को संचालन का दायित्व सौंपा गया हैं।कार्यक्रम का संयोजन डॉ. ममता सैनी तंज़ानिया कर रही है…

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एकमात्र हिंदी

हिंदी ही एकमात्र ऐसी भाषा है जो हमारे पूरे भारत में बोली और समझी जाती है ।चाहे हमारे बच्चे कितनी भी  अंग्रेजी हया किसी और भाषा को सीख ले परंतु वार्तालाप तो हिंदी में ही करते हैं। क्योंकि हमारी जड़े तो हिंदी में ही हैं, जो बात हमारी मातृभाषा मैं है वह बात किसी और…

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हिन्दी भाषा देश की आन बान शान

मंजू लता (राजस्थान_ आज का दिन मेरे लिए बहुत ही खुशी का दिन होता है । आज मेरे विषय हिन्दी को सम्मान दिया जाता है । हमारे भारत में पूरे साल भर हिन्दी भाषा के साथ उपेक्षित व्यवहार किया जाता है । आज के दिन को हिन्दी दिवस मनाकर इतिश्री कर ली जाती है ।…

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व्यंग्य- भारतीय तालिबानी

अफगानिस्तान में एक ओर नई सरकार बनी तो यहाँ दूसरी तरफ पुरानी सरकार को गिराने की तैयारी है। ये भारतीय तालिबानियों की बात ही निराली है। इन्हें सबसे ज्यादा खतरा भारत में ही नजर आता है और तंज कसना इन्हें बखूबी भाता है। थोक के भाव में जैसे कम गुणवत्ता के फल मिल जाते हैं…

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वराह गिरि वेंकट गिरि

डॉक्टर मनोज कुमार (10 अगस्त 1894 से 23 जून 1980) प्रारंभिक जीवन :- वराह गिरि वेंकट गिरि (वी. वी. गिरि) का जन्म 10 अगस्त, 1894 को ओडिशा के बेहरामपुर में एक तेलुगू भाषी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। वी. वी. गिरि का विवाह अल्पायु में ही सरस्वती बाई से करा दिया गया था। उनके पिता…

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समाज के सर्वांगीण निर्माण में हिंदी भाषा एक महत्वपूर्ण टूल

हम सभी बखूबी जानते हैं कि, भारत एक बहु सांस्कृतिक और बहुभाषी देश है, लेकिन एक स्तर ऐसा भी है, जहाँ हम एकता के सूत्र में बंधे हुए है और वह है, भावनात्मक एकता का सूत्र। भारत जैसे बहु सांस्कृतिक और बहुभाषी देश को इस एकता के सूत्र में पिरोने के लिए और सुदृढ़ बनाने…

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आंकड़ों के खेल ने बढ़ा दीं मुश्किलें

राजनीतिक सफरनामा — कुशलेन्द्र श्रीवास्तव जब आंकड़ों का पौधा लहलहाता है तो धरातल दिखाई देना बंद हो जाता है । सरकार के सारे काम आंकड़ों के इर्दगिर्द ही घूमते हैं । यही तो कारण है कि संसद में स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने बता दिया कि हाल ही में सम्पन्न हुए कोरोनाकाल में किसी की भी…

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