सभी रचनायें
बरसी एैसे प्रभु कृपा,दिलों से दिल की बात मिली उमड़ा सावन हिंदी भवन में स्नेह की सौग़ात मिली
इसे प्रभु कृपा नहीं तो और क्या कहा जाए, जब विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अभिन्न रचनाकारों ने, अपने लेखन से अनुराधा प्रकाशन को साहित्यिक समृद्धि देकर, इस काबिल बनाया कि एक साथ 15 पुस्तकों का लोकार्पण सँभव हो पाया। 21 जुलाई 2019 का दिन अनुराधा प्रकाशन के लिए एक ऐतिहासिक दिन बन कर आया, जिसमें…
अतिवादिता समाधान नहीं
अतिवादिता समाधान नहीं —————————————- दो गहरे और शीर्ष महत्व के आकर्षणों में फँसा है हमारा भारत। भारत काअर्थ निश्चय ही भारतीय समाज की मनोदशाओं सेहै।परिणामतःमात्र मानसिक द्वन्द्व तथाउलझन ही नहीं,भौतिक स्तर पर भी संघर्ष झेलने ही पड़ते हैं।आग बढ़ने के लिए हमने एक निश्चित दिशा नहीं तलाशी है।जैसे जैसै हम आसमान की ऊँचाइयों,धरती की गहराइयों…
उच्च शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात स्त्रियों को नौकरी करना चाहिए या नहीं?
लेखक – नवीन कुमार जैन (बड़ामलहरा) उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बाद लड़कियों का नौकरी करना जरूरी है और लड़कियों को उच्च शिक्षा प्राप्त कर नौकरी करनी चाहिए क्योंकि इससे वे स्वावलंबी बनेंगी, आत्मनिर्भर बनेंगी और उन्हें उनके कार्यक्षेत्र पर उन्हें अपने कौशल को प्रदर्शित करने का अवसर भी प्राप्त होगा, उन्हें वहाँ अपने विचारों…
ब्रिक्स एवं एस सी ओ देशों के सम्मेलन में चारू त्यागी ने किया भारत का प्रतिनिधित्व
ब्रिक्स एवं एस सी ओ देशों के अंतर्राष्ट्रीय युवा सम्मेलन का आयोजन रूस में 4 से 9 जून तक किया गया जिसमें गंतव्य संस्थान की कोषध्यक्ष सुश्री चारु त्यागी एवम युवा सचिव सुश्री सुकृति त्यागी ने भारत की ओर से प्रतिनिधित्व किया , अन्य प्रतिभागियों में ध्वनि जैन, लक्ष्य कालरा, दक्ष गोयल, हर्ष सिन्हा,शशांक बानी…
