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ऐसे करें हिंदी भाषा के पेपर की तैयारी

 डॉ. नीरू मोहन ‘ वागीश्वरी नई दिल्ली : सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं नज़दीक हैं । 10 वीं एवं 12 वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए यह समय बहुत कीमती होता है उन्हें इस समय को बहुत ही सावधानी से खर्च करना चाहिए । 10 वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए यह स्थिति तनावग्रस्त होती है ।…

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जे.एन.यू के परिसर में शोला किसने भड़काया?

जे. एन. यू.के परिसर में शोला किसने भड़काया?कलम-किताब के बदले में डंडा किसने चलबाया?इस गंभीर समस्या  के  तह तक  राष्ट्र को जाना है,ऐसे असामाजिक तत्वों को नेस्तनाबूद कर देना है.भारत माता के दामन पर दाग लगाने वाला कौन?हिंसा फैलाने वालों पर जननेता फिर क्यों हैं मौन?जाति,धर्म,राजनीति से ऊपर उठकर गुरुजन सोचें,अपनी प्रखर प्रज्ञा से युवजन…

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एडवोकेट प्रदीप शर्मा ने उत्कर्ष मेल को अपनाया

अति हर्ष का विषय है कि श्री प्रदीप शर्मा एडवोकेट सुपुत्र् श्री रामसिंह शर्मा (करनीकोट–अलवर, राजस्थान निवासी) ने ‘उत्कर्ष मेल ’ पाक्षिक समाचार पत्र् को अपनाया और संरक्षण हेतु पहल की । उत्कर्ष मेल एवं अनुराधा प्रकाशन परिवार आभार व्यक्त करता है । श्री प्रदीप शर्मा जी में छात्र् जीवन से ही नेतृत्व गुण आपमें…

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इस नववर्ष पर, देश के चप्पे-चप्पे में उजाला हो तम का सँहार करता हर दिल,निर्भय शिवाला हो

2020 सयानेपन की उम्र में कदम बढ़ाती हर उम्र की वो गणना है जहाँ पहुँच कर टीन एेज समाप्त हो जाती है।इस कमसिन उम्र में पाँव न फिसले,इसीलिए हर धार्मिक इँसान अपनी अपनी सामर्थ्यानुसार विद्याध्ययन के साथ साथ स्वाध्याय की ओर अग्रसर होता है और अपने चिंतन से अपने जीवन के उद्देश्य की खोज पर…

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दस्तावेज दिखाने में परेशानी किसे ?

चीजें शीशे की तरह साफ हो रही  हैं , दंगाई सन्न है , विपक्ष धीरे-धीरे समझ रहा कि एन डी ए सरकार अपने मेनिफेस्टो के अनुसार आगे बढ़ रही । देश के मुसलमानों के लिए कोई एन आर सी नही है। कोई भी किसी से 1971 से पहले के दस्तावेज नही मांग रहा है। ऐसा…

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देश में NRC का विचार नोटबंदी जैसा : प्रशांत किशोर

नई दिल्ली: जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर अर्थात एनआरसी (NRC) के मामले  पर ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा,  ‘देशभर में एनआरसी का विचार नागरिकता की नोटबंदी के बराबर है. जब तक आप इसे साबित नहीं करते तब तक आप अमान्य हैं. हम अपने अनुभव से…

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भारतीय साहित्य पर्यावरणीय चेतना से ओत-प्रोत है – अजिम्स मुहम्मद भारतीय साहित्य में पर्यावरण विमर्श पर कोडुंगल्लूर में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न

पर्यावरण प्रदूषण या पर्यावरण में मानव के हस्तक्षेपों के कारण आजकल जो प्राकृतिक विपत्तियाँ दुनिया भर में हो रही हैं, इनसे हम सब वाकिफ़ हैं ।  पर्यावरण के प्रति जागरूक होने का समय बीतता जा रहा है । युवा वर्ग इस गंभीर समस्या के प्रति सचेत नज़र आते हैं ।  भारत इस विषय में गहराई…

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खुद से खुद के सँवाद की लिपि को गढ़ा जाए

नववर्ष की ढेरों शुभकामनाओं के साथ एक नया प्रण लिखें समूची मानवता के उत्थान हेतु बिताया हर एक क्षण लिखें —- समय का महाकुँभ अपनी गति से निर्बाध चलता रहता है और हर साल अपने साथ अनेक खट्टी मीठी सँवेदनाएँ और  जीवन रूपी महासागर में आए मानसिक प्रदूषण की लहरों का कुछ कचरा भी अपने…

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नही है कोई रक्षक तेरा ऐ भारत की नारी

नही है कोई रक्षक तेरा ऐ भारत की नारी। करनी होगी तुझ को खुद ही अब अपनी रखवारि। वन कालका या बन चंडी कौइ भी रूप अपना। हाथों मे हथिआर लेकर, तू दैत्य संहार कर डाल। कोई नही आयेगा आगे,कभी तुझ को बचाने। पर आ जायेगें कैई राक्षस ,तुमको जिन्दा जलाने । बंद कर दे…

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ऐसे सुधरेगा वहशी समाज

सुबह जैसे ही टी वी खोलते ही लोगों ने हैदराबाद के चारों बलात्कारियों के एन्काउन्टर में मारे जाने का समाचार सुना,तो पूरे देश में खुशी व उल्लास का वातावरण छा गया। ऐसे वीभत्स कांड के इतनी जल्दी पटाक्षेप ने जन मानस में आशा का संचार कर दिया। 16 दिसम्बर को निर्भया कांड को सात साल…

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