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दीपावली

            ” माँ आज भी ज्यादा दीये नही बिके ।”ठेले को किनारे लगाते हुए अशोक उदास होकर बोला ।     माँ ने उसे सांत्वना देते हुए कहा,” अरे कल बिक जायेंगे,क्यों परेशान हो रहा है ? देख मेरे भी दीये ज्यादा नहीं बिके हैं।”माँ बेटे को समझा तो रही थी पर मन ही मन बुरे…

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केजरीवाल आलोचना की जगह निंदा करते हैं – दिल्ली चुनाव 2020 भाग -2

कल हमने बात की दिल्ली चुनाव में भाजपा की रणनीति के बारे में | आज मैं आपको बताउँगा आप की कहानी | आप आंदोलन से निकली हुई पार्टी है, अन्ना हजारे के ऐतिहासिक जन आंदोलन का राजनैतिक प्रकटीकरण | जनलोकपाल के मुद्दे पर इस पार्टी का गठन हुआ था, हालांकि इसमें अन्ना की वैचारिक सहमति…

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यूँ तो बहुत सी चीज़ें अच्छी लगती हैं,

यूँ तो बहुत सी चीज़ें अच्छी लगती हैं, उसे अच्छा लगते रहने को बरक़रार रखने के लिए भी, बहुत सी चीजों का साथ चाहिए जैसे- मौसम का साथ,मिज़ाज का साथ,साथियों का साथ,माहौल , तालुक्कात,रवायत और दिल में ढेर सारा प्यार और जज़्बा……… आसान तो नहीं सब कुछ पा लेना आसान बनाना पड़ता है कभी अन्दाज़…

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अनारी नारी (कविता-4)

अनारी नारी अशिक्षा की पिटारी बड़ी बीमारी।। शिक्षित नारी परिवारी जेवर फूलों की क्यारी।। नारी महान देती जीवन दान करो सम्मान।। नारी जनक पीढ़ियों की पोषक छुये फ़लक।। नारी दिवस लड़े अधिकार को मारे गर्भ को।। सशक्त नारी हर क्षेत्र पे कब्जा तोड़ती भ्रम।। क्रांति जगाती भ्रांतियां झुठलाती दिये की बाती।। केवल बेटा दकियानूसी सोच…

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हिंसा की दीमक के खिलाफ लड़ना ही हमारा मूल उद्देश्य होना चाहिए

कश्मीर और हिमालय हैं भारत के अभिन्न अंग कश्मीर जाना भारत के किसी भी अन्य राज्य अथवा  शहर की तुलना में जाने से बहुत अलग तरह का अनुभव है। पर्यटकों और उनके कश्मीरी मेजबानों के बीच एक गहरा रिश्ता है और उनके बीच एक गंभीर अंतर भी होता है। पर्यटकों का स्वागत करते हुए, घाटी…

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गरीब-मजदूर पर बड़ी चोट पड़ी : मन की बात (पीएम)

मन की बात: देश में जानलेवा कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ की. पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के मुकाबले भारत में कोरोना वायरस कम फैला है. हमें अभी और सावधानी बरतनी होगी. उन्होंने कहा कि दो गज की दूरी का नियम हो, मुंह पर मास्क…

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अलौकिक नारी (कविता-8)

नारी की एक अलौकिक कहानी है, उसकी जन्म से मृत्यु तक रवानी हैं। जब वो जन्मती हैं किसी आँगन में, तब वह सभी की प्यारी बन जाती हैं । जब वो छमाछम आँगन में खेलती हैं, तब वो सभी की हँसी बन जाती हैं। जब वो बड़ी होकर  शिक्षा लेती हैं, घर में सभी की…

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राज्यपाल को राह दिखाई कोर्ट ने

राजनीतिक सफरनामा          राज्यपाल को राह दिखाई कोर्ट ने                                                                                                     कुशलेन्द्र श्रीवास्तव माननीय सर्वोच्च न्यायालय का एक फैसला इन दिनों चर्चाओं में हैं । ‘‘राज्यपाल किसी पार्टी के प्रतिनिधि के प्रतिनिधि नहीं बन सकते’’ इस सख्त टिप्पणी के बहुत गहरे मायने हैं । तमिलनाडु सरकार द्वारा वहां के गवर्नर द्वारा विधानसभा में पारित प्रस्तावों को…

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स्वाधीन भारत बनाम रक्ष्य वचन पर्व

थाल सजाकर बहन कह रही,आज बँधालो राखी। इस राखी में छुपी हुई  है, अरमानों की  साखी।। चंदन रोरी अक्षत मिसरी, आकुल कच्चे-धागे। अगर नहीं आए तो  समझो, हम हैं बहुत अभागे।। क्या सरहद से एक दिवस की,छुट्टी ना मिल पायी? अथवा कोई और वजह है, मुझे बता दो भाई ? अब आँखों को चैन नहीं…

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“नव्य भारत”

 ये गण का तंत्र, कैसा हो गया मन का मंत्र, हरेक जप रहा नव्य भारत ऐसा  हो कि सारा गणतंत्र जागरूक… अन्तर्मन दहके ज्वाला सा मुख मचा हाहाकर.. सेंध लगा नियमों में लोकतंत्र के नाम मजाक  बनाया समेटा था बहुत जा रहा बिखर – बिखर हर कोई सोच रहा अपनी – अपनी… नव्य भारत ऐसा…

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