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अन्तर्द्वन्द्व—(कहानी) : आशा सहाय

सन्नाटा है चारो तरफ।मैं चीख रही हूँ।लगता है, दूर दूर तक मेरी चीख की आवाज पहुँच गयी होगी।पर, नहीं – कहींकोई आवाज नहीं।एक गहरे सन्नाटे की ध्वनिसे भरा पड़ा है सबकुछ।सन्नाटे की एक विचित्र सी गूँज मस्तिष्क को बौखलाहट से भर रही है।और अधिक जोर से चीखने का मन हो  रहा है।पर,चीख जैसे मेरे अन्दर…

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पूजा का शंख : अजय कुमार पाण्डेय

पूजा का शंख             आज दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजा की थाली सजाते हुए सविता ने शंख निकाला तो कुछ देर के लिए उसे हाथ में लेकर ठिठकी रह गई। इस शंख में उसे दो मासूम सी आंखें अपनी ओर ताकती दिखाई दीं। इन आंखों में एक करुणा थी, एक अपनापन था, एक शिकायत…

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हिंदी हास्य नाटक : अंगूर तो मीठे थे, का होगा मंचन

पंचानन पाठक हास्य नाटक समारोह में भव्य कल्चरल सोसाइटी पंजीकृत प्रस्तुत हिंदी हास्य नाटक : अंगूर तो मीठे थे लेखक प्रेम भारती,निदेशक संजय अमन पोपली,दिनांक 5 सितंबर,21,शाम 7 बजे अक्षरा प्रेक्षागृह, आरएमएल हॉस्पिटल के साथ,नई दिल्ली। कहानी बच्चूसिंह चौरसिया व सपना पति पत्नी हैं। इनके सामने घर में मुरालीलाल वह नीलम रहते हैं। मुरारीलाल को…

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मुंबई का ठाकरे और हिंदुत्व का शूटआउट !

मुंबई में शूटआउट शब्द बड़ा प्रसिद्ध है । ये शूटआउट शब्द निश्चित रूप से आपने बॉलीवुड फिल्मों में सुना होगा किन्तु जब बाला साहब ठाकरे नाम का दिग्गज मुंबई में राज करता था तब हिंदुत्व का ध्वज महाराष्ट्र के आसमान पर सबसे ऊंचाई पर लहराता था और शूटआउट शब्द केवल माहौल बिगाड़ने वाले के लिए…

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गणेश चतुर्थी पर श्री गणेश करें

श्रीमती कविता मल्होत्रा (संरक्षक-स्तंभकार-उत्कर्ष मेल) गणेश चतुर्थी पर श्री गणेश करें चिंतन ही जीवन का उद्देश्य करें ✍️ बुद्धि समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त करने के लिए मनुष्य उम्र भर एक प्रतियोगी की तरह अनेक रास्तों से गुज़रता है।अधिकतर रास्ते स्वार्थ सिद्धि की बुनाई से गुँथे होते हैं इसलिए गंतव्य पर न पहुँच कर बहुत से…

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“मिल जाओ मोहन”

एक छोटे से गांव में मोहन अपनी मां के साथ रहता था। एक छोटा सा खेत था उनके पास। उसमें फसल उगाकर मां मोहन की परवरिश कर रही थी। मोहन एक होनहार छात्र था। कक्षा में हमेशा प्रथम आता।मेहनत से पढ़ाई करता। जो समय बचता उसमें मां की काम में सहायता कर देता। पिता का…

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गीतिका (गज़ल)

तेरे होंठों की चंचल हंसी से मेरेदिल में फूलों के जैसे चमन खिल गयेतेरी बाँहों में सिमटी तो ऐसा लगामेरे पहलू में धरती गगन खिल गये तेरी धड़कन में धड़कन मेरी खो गयीदेह अधरों से पावन मेरी हो गयीयूँ संवारा मुझे प्रीत की रीत नेशब्द के भाव से सब वचन खिल गये दो बदन प्रेम…

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बातों से बात नहीं बनती साहेब : सम्पादकीय

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ श्रीकृष्ण जगत के मीत हैं,  ज्ञान भक्ति देते सदा, भक्त गा रहे गीत हैं जी हाँ मित्रे, 30 अगस्त को पूरे भारत में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व श्रद्धापूर्वक  मनाया है । आज पूरे विश्व में जो चुनौति भरा माहौल निर्मित हुआ है उसमें अपने कर्म को ज्ञानमय चिंतन–भक्तिमय भाव और कर्ममय व्यवहार की…

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शिक्षक दिवस / Teachers Day

The way you care, the knowledge you shareThe love you shower, has mens powerYou work with Optimism. Dear teacher you are awesome. आज के दिन 5 सितंबर को हम लोग टीचर्स डे मनाते हैं। टीचर्स डे मनाने के लिए आज का दिन means  5 सितंबर को ही  दिन क्यों चुना  गया है?  क्योंकि आज 5…

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बाल गोपाल छवि अति सुंदर

मंजू लता (राजस्थान) बाल गोपाल छवि अति सुंदर,सभी का मन मोहने वाली,कमल के समान सुंदर नयन ,मुस्कान जैसे चन्द्रमा की चाँदनी,और झांकते मोती जैसे दाँत ,अति सुंदर ,अति सुंदर। माथे पर मोर पंख मुकुट ,गले में वैजयंती माला ,कानों में कुण्डल,पीताम्बर धारण कर ,पावों में पैंजनिया ,कमर पर करधनी रूनझुन करती,ठुमक ठुमक कर चलते ,बड़े…

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