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सँभल जाए अगर माली, महके हर रूह की डाली : कविता मल्होत्रा

एक प्राकृतिक आपदा की तरह कोरोना वायरस समूचे विश्व पर मँडराया और वैश्विक बँधुत्व की सीख देकर आगे निकल गया।लेकिन अब भी सीमा पार से परस्पर वैमनस्य के कारण शहादत की खबरें आती हैं तो एैसा लगता है कि अभी मानव को बहुत कुछ सीखना है। कई लोगों को बेरोज़गारी का रोना रोते देखा और…

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अस्पताल से जिन्दा कैसे लौटे

“बीमारी से बड़ी बन चुकी है इलाज की लूट” आज अस्पताल जीवनदान से ज़्यादा भय और लूट का केंद्र बन गए हैं। नॉर्मल केस को वेंटिलेटर तक पहुँचाना, अनावश्यक टेस्ट कराना और दवा कंपनियों से कमीशन लेना आम हो गया है। मरीज और परिजन मानसिक, आर्थिक और शारीरिक कष्ट झेलते हैं। डॉक्टरों की छवि भगवान…

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बेटियों पर अत्याचार : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

बेटियों पर बढ़ती दरिंदगी, आखिर समाज को हो क्या गया है ? यह प्रष्न तो अब स्वाभाविक रूप् से सामने आने लगा है । व्यक्ति इतना दरिंदा भी हो सकता  है ? समाज के इस घिनौने रूप् की कभी कल्पना भी किसी न की होगी । एक के बाद एक घटनायें घटती जा रही हैं…

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ग़ज़ल

इस नये साल पर दें तुम्हें क्या बधाइयाँ। हर सिम्त हैं चीखें-पुकार, ग़म- रुलाइयाँ। हम जायें किधर इधर कुंआ, उधर खाइयाँ गुमराह हो गयी हैं हमारी अगुआइयाँ। काबिज़ हैं ओहदों पर तंग़ज़हन ताक़तें, हथिया रहीं सम्मान सभी अब मक्कारियाँ। ईमानदारियों की पूछ- परख है कहाँ, मेहनत को भी हासिल नहीं हैं कामयाबियां। माँ,  बहन, बेटियों…

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लाल बिहारी लाल पत्रकारिता के लिए सम्मानित

सोनू गुप्ता नई दिल्ली। हमारा मैट्रो हिन्दी दैनिक समाचार पत्र के साहित्य संपादक सह साहित्य टी.वी.के संपादक  श्री लाल बिहारी लाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान एवं समाजिक सरोकार के लिए जैमिनी अकादमी ,पानीपत द्वारा हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर युगल किशोर शुक्ल  स्मृति  सम्मान-2024 से डिजीटल रुप से सम्मानित किया गया है।…

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सम्पादकीय : मनमोहन शरण ‘शरण’

‘उत्कर्ष मेल’ के सभी पाठकों को नववर्ष 2022 की शुभकामना देता हूँ और प्रभु के श्रीचरणों में निवेदन करता हूँ कि सभी देशवासियों को मन–बुद्धि–कौशल से दृढ़तापूर्वक संकल्प के साथ कार्य करने की शक्ति दें । सभी स्वस्थ रहें, सुखी हों ऐसा आशीर्वाद प्रदान करें ।नव वर्ष का उत्साह एक तरफ है और कोरोना के…

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घर पर खाली समय में क्या करें

मन को फिर बच्चा बनाये कागज़ की नाव बनाये, दूर तलक मनकी पींगें जाए सपनों के आओ महल बनाये।। बुन ले सपनों की दुनिया, मन उलझाके मन सुलझाये। खोलकर मन की अलमारी को, भावों के कपड़ों को जांचे। बदल-बदल कर उन कपडों को, खुद में खुद को पहचाने।। खाली समय में क्या करें, मन की…

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शरद पूनम

शरद ऋतु की सुहानी आई है पूनम की रात बरस की इसी रात में होती येअमृत बरसात खीर बना कर सब रखें चंद्र-किरण इसमें  झरे भोग लगा कर खाने से रोग भागें तन के सगरे इसी रात में श्रीकृष्ण ने गोपिन संग रास रचाया रास देखने भोला शंकर पार्वती संग में था आया वर्जित  अन्य…

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ऋतुराज

आए है ऋतुराजनंदन,करो अभिनंदन खिले खिले सब लगेंगे, होगा वन्दन।। प्रकृति नित रसपान करेगी, नये नये चोला गढेगी बढ जाएँगी सुन्दरता जब, यह परवान चढेगी  ।। नव सृजित फल आएँगे, सुन्दर बाग दिखेंगे बच्चो की टोली होगी, कोयल की बोली सुनेंगे। बसंत की हर बात निराली, झूमे मन मतवाली पवन भी होती मस्त मौला खूब…

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युवाओं को अपनी संस्कृति, कला और विरासत से जोड़कर बनायें एक श्रेष्ठ नागरिक –  पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव

युवा आने वाले कल के भविष्य हैं। इनमें आरम्भ से ही अपनी संस्कृति, कला, विरासत, नैतिक मूल्यों के प्रति आग्रह पैदा कर एक श्रेष्ठ नागरिक बनाया जा सकता है। सोशल मीडिया के इस अनियंत्रित दौर में उनमें अध्ययन, मनन, रचनात्मक लेखन और कलात्मक प्रवृत्तियों की आदत  न सिर्फ उन्हें नकारात्मकता से दूर रखेगी अपितु उनके…

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