Latest Updates

तू चल मैं आया ! : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

राजनीतिक सफरनामा                                                                          चलो कपिल सिब्बल भी चल दिए दूसरे घर की ओर उन्हें राज्यसभा मेें जो जाना था । कुर्सी चाहिए जहां मिल जाए । नेता तो रमता जोगी बहता पानी जैसा होता है । आज यहां कल कहां उसे खुद ही नहीं मालूम होता । कुर्सी चाहिए, वे बगैर कुर्सी के नहीं रह सकते…

Read More

मुखर राजनीति के महानायकों के लायक नहीं माहौल !

बिहार राजनीति में उठापटक ,बीते दस तारीख की देर रात्रि तब समाप्त हो गया जब बिहार विधानसभा चुनाव के सभी दो सौ तैतालिस सीटों के परिणाम जारी कर दिए गए । भाजपा, जदयू ,हम और वी आई पी की संयुक्त गठबंधन वाली एन डी ए ने एक सौ पच्चीस सीटों पर कब्ज़ा करके बिहार विधानसभा…

Read More

खुराक (कहानी)

गर्मी की चिलचिलाती धूप में, खड़ी दोपहरी में चरवाहे किसी पेड़ के नीचे बैठ जाते ,अपनी अपनी पोटली खोलते खाना खाते तथा वहीं पास के किसी कुएँ या तालाब का पानी पीकर कुछ देर आराम करते थे।उनके आसपास ही पेड़ों की छाया में उनके गाय ,बछड़े, भैंस भी वहीं पास में आज्ञाकारी बच्चे की तरह…

Read More

असाधारण व्यक्तित्व के धनी थे देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद

लाल बिहारी लाल गुदरी के लाल देशरत्न डा.राजेन्द्र प्रसाद का जन्म 3 दिसम्बर 1884 को बिहार के तत्कालिन सारण जिला (अब सीवान)के जीरादेई गांव में एक कायस्थ परिवार में हुआ था। इनके पिता महादेव सहाय हथुआ रियासत के दीवन थे। अपने पाँच भाई-बहनों में वे सबसे छोटे थे इसलिए पूरे परिवार में सबके लाडले थे।…

Read More

आजादी का पर्व मनाते,भारतवासी शान से!

आजादी के महापर्व पर समर्पित देश भक्ति कविता:-1-आजादी का पर्व मनाते,भारतवासी शान से!अगस्त15 याद दिलाता, जीना है सम्मान से॥मुगल हटाये सत्ता से, तो अंग्रेजी शासन आया!इंकलाब हो जिंदाबाद, तब वीरों को नारा भाया॥किया सफाया उनका हमनें, अपना सीना तान के!आजादी का पर्व मनाते भारतवासी शान से॥2- आज तिरंगे से ही मेरी, दुनियाँ में पहिचान है!करते…

Read More

वारिष्ट साहित्यकार श्रीमती सविता चड्ढा की कलम से (अनुभव-2)

मेरी शादी को एक साल हो गया था। उन दिनों हम लोग पहाड़गंज के कटरा राय जी में रहते थे और वहां से प्रतिदिन बस के द्वारा में संसद मार्ग अपने कार्यालय ट्रांसपोर्ट भवन जाया  करती थी।  एक दिन जब मैं बस में चढ़ी तो मैंने देखा बस में काफी लोग खड़े हुए हैं और…

Read More

राजनीतिक सफरनामा : लहर लहर लहराया तिरंगा

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव                  हवा की मदमस्त ऊंचाईयों पर लहराने वाले देश के तरंगे को सलाम है । हमारे देश की स्वतंत्रता के इस पावन पर्व पर उन शहीदों को स्मरण कर उन्हें भी सलाम है जिनकी कुर्बानियों हमें आजाद भारत की स्वर्णमयी धरा को सौंपा है । हर भारतवासी गर्व से अपने मस्तक को ऊंचा कर…

Read More

कबीरा खड़ा बाज़ार में ………..

 देश में आपसी सद्भाव का मौसम बनता बिगड़ता रहा है । इन सबके बीच दिल्ली से भाजपा नेता बग्गा की गिरफ्तारी , शाहीन बाग से बुलडोजर की बिना एक्शन वापिस लौटना , कांग्रेस का पत्थरबाजो का हिमायती होना और ताजमहल का भी ऑपरेशन कराने के खबर के बीच अब राजनीति ज्ञानवापी और मथुरा की तरफ…

Read More

जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ

ऋतुएँ तो आती जाती रहेंगी नए-नए रंग दिखाती रहेंगी आ.डॉ सरोजिनी प्रीतम जी हंसिकाओं से हंसाती रहेंगीं एक ऐसी हास्य परी जो अपने सान्निध्य में आने वाले हर उम्र के व्यक्ति को मुस्कुराहटों का अनमोल तोहफ़ा निःशुल्क उपलब्ध करवातीं हैं।हर घटना पर अपने चुटीले अँदाज़ से व्यंग्यात्मक हंसिकाएं रचकर समूची मानव जाति की मानसिकता को…

Read More

सुरेश बाबू मिश्रा जी की 2 रचना एवं परिचय

सेक्युलर मिश्रित आबादी वाले इस मुहल्ले का माहौल आज बेहद गर्म था । एक समुदाय के कुछ नौजवानोंने यह टिप्पणी कर दी थी कि पूरे देश में कोरोना का संक्रमण एक खास जमात के लोगों के गैरजिम्मेदाराना बर्ताव के कारण फैला है । यह बात दूसरे समुदाय के लोगों को बहुत नागवार गुजरी । देखते…

Read More