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बूढ़े नहीं,भूतपूर्व नौजवान

साठ वर्ष से ऊपर के हो गए तो क्या हुआ!अपने को बूढ़ा तो नहीं समझते न!समझना भी नहीं है। क्या कहा-लोग कहते हैं, लोगों की परवाह मत करो,लोगों का काम है कहना।अरे!रिटायर्ड ही तो हुए हो,टायर्ड तो नहीं।टायर्ड होना भी नहीं है,जो काम स्वयं कर सकते हो,वह स्वयं करना ही है।बार बार पत्नी को हर…

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गुरु महिमा

हे गुरुदेव! प्रथम वंदन आपको साक्षात दण्डवत प्रणाम , बिना गुरु के ज्ञान अधूरा , फिर -फिर  गोता खाय, गुरु मंत्र को आत्मसात कर , भव सागर पार कर जाय। गुरुदेव मानव को नवजीवन देते , गुरुदेव मानव का तिमिर मिटाते, गुरुदेव मानव को प्रकाशवान बनाते , गुरुदेव हृदय में ज्ञान दीप जलाते, गुरुदेव ही…

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कहानी : विश्वास

राजीव  करीब  काम में फस कर दो साल से घर नहीं आ पा रहा था । सारी सुविधाओं के बीच भी रेनू विरह  की वेदना झेल रही थी। उसके ऊपर राह चलते आने -जाने वाले लोगों का ताना मानो हर दिन एक नई ही कहानी सुनने को मिल जाती, लेकिन वह अपना दर्द कभी राजीव…

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हिन्दी की व्यथा

ये अंधेरा क्यों है? आज तो बत्ती जला दो, वैसे तो कोई आता नहीं मेरे घर, शायद आज कोई भूले भटके आ जाये  आज “हिन्दी दिवस  है न किसी न किसी को तो मेरी याद आ ही जायेगी। सूना रहता है मेरा आंगन, मेहमान क्या…कोई कौवा भी                                                 मेरी मुंडेर पर नहीं बैठता है। क्या मैं…

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राष्ट्रीय कवि संगम के तत्वाधान में ऑनलाइन अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन आयोजित

पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय कवि संगम हापुड पिलखुवा इकाई के तत्वावधान में एक अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन ऑनलाइन आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रांतीय मुख्य संयोजक वरिष्ठ कवि अशोक गोयल ने की। *कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि प्रांतीय प्रभारी शील वर्धन रहे व सानिध्य वरिष्ठ कवि एवं सहित्यकार प्रेम निर्मल का रहा।कार्यक्रम का…

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विश्व एड्स दिवस ( 1 दिसंम्बर) पर विशेष

एड्स का जागरुकता ही बचाव है – लाल बिहारी लाल ++++++++++++++++++++++++++++++++++  लगातार थकान,रात को पसीना आना,लगातार डायरिया,जीभ/मूँह पर सफेद धब्बे,,सुखी खांसी,लगातार बुखार रहना आदी पर एड्स की संभावना हो सकती  हैं। ++++++++++++++++++ लाल बिहारी लाल  नई दिल्ली।लगभग 200-300 साल पहले इस दुनिया में मानवों में एड्स का नामोनिशान तक नही था। यह सिर्फ अफ्रीकी महादेश…

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प्रिय ‘हिन्दी’ को नमन( मुक्तक)

हिन्दी दिवस पर मेरी प्रिय भाषा तुम्हें नमन अतिशय प्रचुर तुम्हारा गरिमामय शब्द धन राष्ट्र भाषा , संपर्क भाषा ,जन भाषा तुम्ही निज सामर्थ्य से प्रेषित करो जग में कवि मन प्राकृत शौरसैनी संस्कृत की श्रेष्ठ सुता उन्नति मूल कहते  भारतेन्दु की वंदिता वैज्ञानिकता हो चुकी प्रमाणित तुम्हारी निज डोर बांधी भारत की तुमने एकता…

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राष्ट्रीयता के स्तम्भ है पण्डित दीनदयाल उपाध्याय !

जातिवाद से ऊपर उठकर पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जी ने अंत्योदय उत्थान का जो प्रयास प्रारम्भ किया आज वो सबके लिए अनुकरणीय है । उत्तर प्रदेश में जहां एक तरफ जातिवाद चरम पर है वहीं दूसरी तरफ पढ़े लिखे वर्ग का प्रतिनिधित्व भी बढ़ा है किन्तु दुखद है कि आज भी कुछ लोग जातिवाद के नाम…

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ये लाल टोपी वाले तेरा नाम तो बता !

राजनीतिक सफरनामा   कुशलेन्द्र श्रीवास्तव अब उत्तर प्रदेश की राजनीति ‘टोपियों’’ पर जाकर उलझ गई है । राजनीति को तो किसी न किसी बिन्दु पर जाकर उलझना ही था सो वह टोपी पर उलझ गई । वैसे तो राजनीति को उलझने के लिए विकास नाम की चादर मिली हुई है पर यह चादर फट चुकी…

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