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ये चाक जिगर के सीना भी जरूरी है

ये चाक  जिगर के सीना  भी जरूरी है कुछ रोज़ खुद को जीना  भी जरूरी है ज़िंदगी रोज़ ही नए कायदे सिखाती  है बेकायदे होके कभी पीना भी जरूरी है सब यूँ ही दरिया पार   कर जाएँगे क्या सबक को डूबता सफीना भी जरूरी है  जिस्म सिमट के पूरा ठंडा न पड़  जाए  साल में …

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परिवार

ढूँढ़ रही इस जगत में फिर     खुशहाली से भरा परिवार।     जिसमें थी बसती एकता     नेह अरु प्रेम गले का हार।     दादा-दादी औ चाचा-चाची     ताऊ ताई बुआ हर कोई।     चहल-पहल से घर जो गूँजे     सारी ही वो पलटन खोई।     सिमट गया दो जन में घर     रहता था…

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बाढ़ पीड़ितों के घर में विपदा बरस रही है

बाढ़ पीड़ितों के घर में विपदा बरस रही है.बाढ़ क्षेत्र में सर्वत्र ही तबाही-ही-तबाही है.न पीने को पानी है;न खाने को ही भोजन,भुक्तभोगी कहते हैं, दीखता नहीं प्रशासन.बाढ़ बहाकर ले गया सारी संचित निधियां,दह गया तैयार फसल, लुट गई हैं खुशियां.दूध के लिए मासूम सब जार-बेजार रोते हैं,दवा बिना रोगी को यमदूत खड़ा दिखते हैं.सड़ी…

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साइबर सुरक्षा हेतु पासवर्ड व मन दोनों मजबूत रखना होगा

डॉ मनोज कुमार तिवारी वरिष्ठ परामर्शदाता एआरटीसी, एसएस हॉस्पिटल, आईएमएस, बीएचयू, वाराणसी साइबर अपराध एक आपराधिक गतिविधि है जो कंप्यूटर, कंप्यूटर नेटवर्क या नेटवर्क डिवाइस को लक्ष्य करके किया जाता है, साइबर अपराध साइबर अपराधियों या हैकर्स द्वारा किया जाता है। साइबर अपराध व्यक्ति या संगठन द्वारा किया जाता है। कुछ साइबर अपराधी उन्नत तकनीकों…

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चिटफंड कंपनियों के जरिए धोखाधड़ी में शामिल लोगों बख्शा नहीं जाएगा

सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि चिटफंड कंपनियों में निवेश करने वाले लोगों से धोखाधड़ी में शामिल रहे व्यक्तियों को छोड़ा नहीं जाएगा और वे चाहे किसी भी पद पर क्यों न हों, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सेबी चिटफंड के मामलों को देख रही है…

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भिखारी

भिखारी होनाआसान नहींरखना पड़ता है गिरवीअपना अहमअभिमानमान सम्मानको मिटाकर वाणी में रखनी पड़ती हैमिठास कुछ भी कहे लोगतब भी रखनी पड़ती हैदीनताशरीर में लानी पड़ती हैमालिनताआंखों में बेबसीलाचारी याकोई दैहिक अपंगता शरीर के साथ मनको भी अकर्मण्यबनाना पड़ता हैरखना पड़ता है भरोसाभाग्य पर कभी मिल जाता हैबहुत कुछकभी-कभीपड़ जाते हैं फाखेकभी हालात बना देते हैंदेते…

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शोषक भी हम – शोषण भी हमारा, फिर न्याय के लिए भटकना कैसा..!

पंकज सीबी मिश्रा  / राजनीतिक विश्लेषक़ एवं पत्रकार जौनपुर यूपी  स्टार्टअप से बात शुरू हुई औऱ जज के घर करोड़ों के अधजले नोट मिले, मुद्रा लोन को बढ़ावा दिया जाना था औऱ अडानी को अरबों का लोन मिला, स्वरोजगार की बात चली औऱ सरकारी नौकरियों को कम कर दिया गया। रोजगार देने वाले 70% से…

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है विजयी जो साँसारिक चुनौतियों से हारा नहीं कौन है जिस हृदय में मन्दिर और गुरुद्वारा नहीं

प्रकृति ने सँपूर्ण सृष्टि को समान रूप से अपने तत्व देकर गढ़ा है। अब ये तो मानव जाति पर निर्भर करता है कि वो किस परिस्थिति में किस तत्व की प्रधानता का वरण करे। चाहे माँ दुर्गा की आराधना हो, चाहे विजयादशमी का अवसर हो, प्रत्येक साँसारिक उत्सव एक ही आध्यात्मिक प्रतीक की ओर इशारा…

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दफ्तरों के इर्द-गिर्द खुशियां टटोलते पति-पत्नी

आज एकल परिवार और महिलाओं की नौकरी पर जाने से दांपत्य सुख के साथ-साथ पारिवारिक सुख जो होना चाहिए वह नहीं है। बच्चे किसी और पर आश्रित होने के कारण टीवी मोबाइल में घुसे रहते हैं। कामकाजी पति-पत्नी के मामलों में यह बात सामने आ रही है कि दोनों ऑफिस के बाद घर में मोबाइल…

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गर्मी की कुण्डलियाँ

अजय कुमार पाण्डेय 1 दिन सारा जलता लगे, लगे सुलगती शाम  रवि को कुछ इसके सिवा, और नहीं है काम और नहीं है काम, धूप में लगा तपाने बरसा के फिर आग, लगा औकात दिखाने न विद्युत है न नीर, जी रहे दिन गिन गिन सब प्राणी बेचैन, कठिन अब गर्मी के दिन। 2 जल…

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