माटी में मिल गई माफियागिरी
कुशलेन्द्र श्रीवास्तव ‘‘जैसी करनी, वैसी भरनी’ यह कहावत तो सदियों से लोकमानस में गूंजती आ रही है और अनेक बार इसे चरितार्थ होते हुए भी देखा है । उत्तरप्रदेश का कथित डान अब इसे चरितार्थ कर रहा है । बबूल बोओगे तो कांटे ही पाओगे सो अीतक अहमद अब कांटों का ताज पहनकर चीत्कार कर…
