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अवस्था कोई भी हो व्यवस्था प्राकृतिक ही होनी चाहिए

कविता मल्होत्रा करोना काल ने ये तो साबित कर ही दिया कि शिक्षा सिर्फ़ पुस्तकों से सीखना और तथ्यों को कंठस्थ करना मात्र नहीं है।बल्कि प्रकृति के हर क़दम का अवलोकन करने की सतत प्रकिया है, जिसमें जीवन का सार छिपा है।हर मौसम,पत्तों के झड़ने,उगने बहार और इंतज़ार के सहज स्वीकार करने की क्रियाएँ सिखाता…

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सम्पादकीय : मनमोहन शर्मा ‘शरण’

….आखिर चीन बातचीत को तैयार हो गया और आपसी संवाद के माध्यम से समस्या का हल ढूंढने के लिए सहमत हो गया ।और कोई रास्ता ही नहीं छोड़ा था भारत सरकार ने, हमारे वीर सैनिकों तथा भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारीयों ने ।एक वार वह होता है जो सामने से लगता है और जिसके बचाव…

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संपादक मनमोहन शर्मा ‘शरण’ होंगे सम्मानित

हिन्दी की विश्व-प्रसिद्ध साहित्यिक संस्था साहित्य-मंडल श्रीनाथद्वारा, राजस्थान के त्रिदवसीय (14 -16 सितम्बर 2022) राष्ट्रीय आयोजन में “उत्कर्ष मेल” (पाक्षिक पत्र) के सम्पादक श्री मनमोहन शर्मा ‘शरण’ को “सम्पादक रत्न” सम्मान  प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है। शर्मा जी उत्कर्ष मेल पाक्षिक पत्र का सम्पादन 12 वर्षों से नयी दिल्ली से नियमित  रूप…

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गर्मी

1 धरती सारी जल उठी, आसमान है मौन रहबर भी भटका हुआ, राह दिखाए कौन राह दिखाए कौन, पड़ा असमंजस भारी होते सब हैरान, परेशां दुनिया सारी देती सबको प्यार, हमारे दुर्गुण सहती यही मातृ रूपेण, हमारी प्यारी धरती। 2 व्याकुल जन्तु जीव सभी, हलाकान दिन रैन धूप चिलचिलाती बड़ी, करे बहुत बेचैन करे बहुत…

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देश में कोरोना की दूसरी लहर, नहीं संभले तो बरपेगा कहर

नई दिल्‍ली : देश में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर लगातार बढ़ रही है। केंद्र सरकार पहले ही राज्‍यों को इस बारे में आगाह कर चुकी है कि यदि  समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति विस्‍फोटक हो सकती है। 31 मार्च को बीते 24 घंटों में कोरोना वारयस संक्रमण के जो नए…

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आश्चर्य (लघुकथा)

आज सुबह जितेश का फ़ोन आया; हिमांशु ने फ़ोन रिसीव किया बोला: हेल्लो, क्या हालचाल जितेश, कैसे हो ?जितेश बोला; क्या भाई तबियत खराब है ?”भाई जितेश तुम अब बार-बार बिमार कैसे हो जाते हो ?” हिमांशु ने पूछा ! “भाई याद है मुझे आज भी वह दिन जब मै बच्चा था,और गाँव में रहता था…

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कैसे

कैसे गीत गजल कविता के छंदों का विस्तार करूं । भय से विस्फारित जब आंखें ,कैसे उनसे प्यार करूं ।। घायल मन , निर्बल है तन, चेतना शून्य कुंठित विचार । प्रलयंकारी बाढ़ -वेदना का कैसे प्रतिकार करूं ।। 1 जिसको खुद उपचार चाहिए वह प्रियजन की चिता जलाता। अंधकार है गहन सूझता नहीं किरण…

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अरुणा पाठक को मिला कोहिनूर सम्मान
संस्कारधानी साहित्य शिखर सम्मान।

मंच संचालन कवि साक्षात्कारकर्ता के रूप में काव्य अंतर्राष्ट्रीय पटल द्वारा मां पीतांबरा देवी पीठ दतिया में आयोजित वार्षिकोउत्सव पुस्तक विमोचन काव्य गोष्ठी समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था के द्वारा रेखा शर्मा डॉ अरविंद आसींम जाने-माने कवियों के उपस्थिति पर कोहिनूर सम्मान दिया गया। निरंतरता से श्रेष्ठ संचालन और साक्षात्कार लेने…

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कहानी : विश्वास

राजीव  करीब  काम में फस कर दो साल से घर नहीं आ पा रहा था । सारी सुविधाओं के बीच भी रेनू विरह  की वेदना झेल रही थी। उसके ऊपर राह चलते आने -जाने वाले लोगों का ताना मानो हर दिन एक नई ही कहानी सुनने को मिल जाती, लेकिन वह अपना दर्द कभी राजीव…

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