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माटी में मिल गई माफियागिरी   

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव ‘‘जैसी करनी, वैसी भरनी’ यह कहावत तो सदियों से लोकमानस में गूंजती आ रही है और अनेक बार इसे चरितार्थ होते हुए भी देखा है । उत्तरप्रदेश का कथित डान अब इसे चरितार्थ कर रहा है । बबूल बोओगे तो कांटे ही पाओगे सो अीतक अहमद अब कांटों का ताज पहनकर चीत्कार कर…

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राम का नया स्कूल

          राम एक नवी कक्षा का विद्यार्थी है और हमेशा से पढ़ने लिखने में बहुत ही अच्छे दिमाग का रहा है।आठवी कक्षा तक उसकी अटेंडेंस हमेशा पूरी रहती थी और उसकी पिछली कक्षा आठवीं में तो उसकी अटेंडेंस लगभग 97% थी।          इससे उसकी टीचर भी उससे बहुत…

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शिक्षित वर्ग में जातीय पूर्वाग्रह का स्थायित्व

संविधान ने समानता और सामाजिक न्याय के आदर्शों को स्थापित किया, परंतु भारतीय समाज में जाति चेतना अभी भी गहराई से विद्यमान है। शिक्षित और शहरी वर्गों में यह चेतना प्रत्यक्ष भेदभाव के बजाय सूक्ष्म रूपों में प्रकट होती है—जैसे रोजगार, विवाह और सामाजिक नेटवर्क में। आर्थिक प्रगति और आधुनिकता ने जाति को कमजोर किया…

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26वाँ महावीर पुरस्कार मिलेगा 4 स्वयंसेवी संस्थाओं को –

भारत के पूर्व मुख्यन्यायधीश श्री एमएन वेंकटचलैया की अध्यक्षता वाली चयन समिति का निर्णय चेन्नई (तमिलनाडु) : 11 जनवरी,  2023 भगवान महावीर फाउंडेशन (बीएमएफ), कमजोर और वंचितजन  को निस्वार्थ सेवा प्रदान करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मान देने और समाज की ओर से आभार व्यक्त करने के लिए समर्पित है। फाउंडेशन चार क्षेत्र जैसे-…

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कुरुक्षेत्र धर्मक्षेत्र  कैसे बना

धर्म की उत्पत्ति का मुख्य आधार मानव जीवन से है अर्थात जब से मनुष्य की उत्पत्ति हुई है इसके साथ-साथ ही धर्म की उत्पत्ति हुई है। मानना उचित है क्योंकि धर्म मानव जीवन में ही पाया जाने वाला एक मानवीय गुण है। ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक दृष्टिकोण से धर्म की उत्पत्ति हुई है। धीरे-धीरे इनका विकास…

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मँद न होने पाए लौ आज़ादी के हुस्न ओ जमाल की प्रीत की डोर से बँधी रहे कलाई हर माँ के लाल की

मँद न होने पाए लौ आज़ादी के हुस्न ओ जमाल की प्रीत की डोर से बँधी रहे कलाई हर माँ के लाल की वो कितना खूबसूरत नज़ारा होगा जब समस्त भारत बिना किसी भेदभाव के एकता की डोर से बँधा हर लम्हा आज़ादी का जश्न मनाएगा।लेकिन क्या एैसा सँभव है? जी हाँ अगर शिव जी…

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बाल कविता – शरारती चिम्पू

एक मदारी का बंदर था चिम्पू, रोज उछल कूद बहुत मचाता। अपनी शैतानी पर खूब इठलाता, एक रोज चिम्पू हो गया आजाद। मदारी को छोड़ जंगल जा पहुचा, मोबाइल मदारी का है उसके पास। सब जंगल के जानवरों को दिखाता, अपना  रोब  उन  पर  खूब  जमाता। सबका  दिल  मोबाइल  पर  आया, जंगल का राजा आया…

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नयन पिरो रहे अश्रु माल हैं !

कदम कदम पर साथ मिला औ , काँधे पर चढ़ना , इठलाना ! दूर दूर तक रखी निगाहें , पलकों में सब सिमटा आना ! दूर आपसे रहकर जाना , जीना भी सचमुच बवाल है !!  खेल कूद या खाना पीना , कैसे मस्ती में है जीना ! हार जीत कैसे पच जाये , कैसे…

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श्रीचौरासिया ब्राह्मण समाज ने राष्ट्रीय हित व समाज हित भागीदारी सुनिश्चित की |

अखिल भारतवर्षीय श्रीचौरासिया ब्राह्मण महासभा ने श्री चौरासिया ब्राह्मण समाज की भागीदारी राष्ट्र हित समाज हित मे सुनिश्चित 504000/- पांच लाख चार हजार रूपये की राशी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष तथा पी एम केयर्स फण्ड मे जमा करा कर की | ………. महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री प्रदीप शर्मा अधिवक्ता ने बताया की प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत…

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नफरत का आतंक

कातिल जहाँ बेखौफ है कौन सा ये देश हैकानून का है राज नहीं पर कहलाता प्रदेश हैजहाँ कत्ल को लानत नहीं इज्जत वो समझने लगेभारत माता के आंगन में भी क्या विषधर साँप पलने लगे? कितने दिन कितनी रातें कितने घण्टों में सजा मिलेगीफाँसी से ज्यादा कुछ और क्या कानून की रजा मिलेगीइस क्रूरता को…

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