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जल्द ही आम आदमी से जुडी सुविधाएं भी उपलब्ध कराएंगे डाकघर

जी हाँ, जल्द ही हमें जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र, सीवर, बिजली व पानी के बिलों का भुगतान, पैन कार्ड, पेंशन से संबधित मामले, रेल व हवाई टिकटों की बुकिंग, फास्ट टैग की खरीद,मोबाइल व डीटीएच रीचार्ज जैसी सुविधाओं के लिए विभिन्न स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा। आगामी एक अप्रैल से ये…

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राष्ट्रभाषा  हिंदी के आगे आज भी नतमस्तक है समाज ..!

हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी भाषा की सार्थकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अधिकतर  कालजई रचनाएं हिंदी भाषा में ही उद्धृत है । हिंदी हमारी राजभाषा है अर्थात राज्य के कामकाज में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा है। अंग्रेजों से स्वतंत्र होने के बाद भारत ने 14 सितंबर 1953…

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नारी (कविता-7)

हम नारी आज की हो या कल की सब को साथ लेकर चलती हैं   अपने सच्चे मन से बड़े जतन से  खेल गुडिया का हो या  हो प्रसाद की पुडिया  मायेका हो या ससुराल  सब कुछ साँझा करती हैं प्यार , दुलार या हो उपहार  खुद अपने लिए छाटती नहीं  काट  -छाट से बचा  रख लेती…

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मैं कैसे पढ़ूँ?

       रोहन बड़े ही सहज भाव से पास आकर खड़ा हो गया,“मैम आप कहती तो हैं कि तुमलोग डॉक्टर, इन्जीनियर ,शिक्षक कुछ भी बन सकते हो, परंतु हमारे यहाँ तो दो जून का भोजन भी मुश्किल से बनता है, हमारे माँ-बाप हमें कहाँ से डॉक्टर और इन्जीनियर बनायेंगे? उसमें तो बहुत अधिक पैसे लगते हैं।”…

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पंजाबी फिल्म मजनू 22 मार्च को होगी रिलीज़, एक और रोमांटिक पोस्टर ने बढ़ाई दर्शकों की धड़कन .!

     पंजाबी फिल्मों की एक खास बात यही होती है कि वे अपनी मिट्टी की खुशबू को कभी नहीं भूलते।चाहे आप किसी पंजाबी फिल्म की शूटिंग अमेरिका, कनाडा या ब्रिटेन में कर लें लेकिन जब तक उसमें पंजाबियत की खुशबू नहीं आ जाती तब तक उस फिल्म के मूल में वो बात नहीं नज़र…

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गुरूकुल

श्रीमती कविता मल्होत्रा दोस्तों मित्रता दिवस की रस्म हम यूँ निभा लेते हैं निस्वार्थ प्रेम बनकर निस्वार्थता को मित्र बना लेते हैं अपने घरौंदों की जड़ें दिमाग़ में न बनाकर दिलों में बनाई जाएँ तो हर एक घर ही मंदिर हो जाए !! दिलों को अपनी ख्वाहिशों की सियासत नहीं बल्कि जीवन के परम उद्देश्य…

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नशे की जद में भामाशाह की नगरी

” लगेगी आग तो आएंगे घर कई जद में, यहां पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है “ आज में जिस विषय पर लिख रहा हूँ उस विषय पर बशीर बद्र साहब की यह पंक्तियां एकदम सटीक बैठती नजर आती हैं माफ करना आज में जो लिख रहा हूँ वो शायद आपको बुरा लग सकता है?…

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नये साल का रोचक इतिहास

लाल बिहारी लाल नव वर्ष उत्सव  मनाने की परंपरा 4000 वर्ष पहले बेबीलोन(मध्य ईराक) से शुरु हुई थी जो 21 मार्च को मनाया जाता था, पर रोम के शासक जुलियस सीजर ने ईसा से 45 ई. पूर्व जूलियन कैलेंडर की स्थापना विश्व में पहली बार की तब ईसा पूर्व इसके 1 साल पहले का वर्ष…

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साक्षात्कार : आने वाली पीढी के लिए ज्ञान का महासागर भरा पडा है। –रामदेव धुरंधर

मॉरीशस के वरिष्ठ साहित्यकार रामदेव धुरंधर से राजेन्द्र परदेसी की बातचीत । प्रश्न 1 – मित्र रामदेव धुरंधर जी, आपसे एक महत्वपूर्ण प्रश्न करता हूँ। हिन्दी जगत में एक धारणा बनी होती है आप भारत के नागरिक थे जो मॉरिशस में जा कर बस गए हैं। आप इस पर क्या कहेंगे?उत्तर – आपका प्रश्न स्वयं…

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अनुराधा प्रकाशन की एक साथ 15 पुस्तकों का भव्य लोकार्पण संपन्न

21 जुलाई 2019, प्रातः 11 बजे से शाम 3 बजे तक अनुराधा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित 13, 14 नहीं 15 पुस्तकों का भव्य लोकार्पण देश के जाने माने साहित्यकारों, चिंतको एवं समाजसेवियों की उपस्तिथि में किया गया, इंद्र देव ने वर्षा बात में शुरू की जब कार्यक्रम समापन होने को था , लेकिन उससे पहले प्रभु…

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