डॉक्टर सरोजिनी प्रीतम कहिन
आदर्श छात्र ने कहा-आचार्य महासमर के लिए आदर्श स्थिति कहो वे हंसकर बोले’- आखों पर पटटी-/ बुद्धि पर पर्दा और सेनापति – धृतराष्ट्र हो ठाठ धोबी के कुत्तों के न तो – घर –घाट फिर भी – अलग ही ठाठ नमक आमलेट खाने लगे … स्वाद बिगड़ गया पत्नी पर चिल्लाये … घर में नमक…
