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कुछ बेबसी ऐसी भी

          आज पहली बार आभास हुआ कि कुछ विवाहित महिलाएं कितनी वेबस और लाचार होती हैं। चाहे वे नौकरी करने वाली हों या घरेलू  महिलाएं दोनों के ही साथ बहुत सारी पाबन्दियां जुड़ी होती हैं।अभी कल की ही तो बात है मिसेज शर्मा पति के दो शर्ट पैंट लेकर गली गली प्रेस वाले की दुकान…

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अप्रेल फूल बनाया…… !

अब अप्रेल फूल कोई नहीं बनाता । पहले तो एक दिन निर्धारित कर दिया गया था कि केवल इसी दिन किसी को भी कोई भी अप्रेल फूल बना सकता है । इसी कारण से ही एक अप्रेल को लोग सतर्क हो जाते थे और कोषिष करते थे कि वे अप्रेल फूल न बन पाएं ।…

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गुल्ली”

 जानकीनाथ जी के घर आज सुबह से ही चहल-पहल हो रही थी।उनकी पत्नी ने एक पुत्र रत्न को जन्म दिया था। कई वर्षों की भगवान के पूजा पाठ तथा विनती के बाद अब जाकर भगवान ने उनकी प्रार्थना सुनी थी।पूरे गांव भर में मिठाई बंटवाई जा रही थी। तभी एक गिल्ली छिटकर जानकीनाथ के पिता…

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डी. एम. का चश्मा

राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश में बंदर डी.एम. साहब का चश्मा लेकर भाग गया । बंदर नहीं जानता डी. एम. साहब के रूतबे को । उसे तो सारे मानुष एक जैसे ही नजर आते हैं । उसने डी. एम. साहब का चश्मा देखा और छीन कर भाग गया । हो सकता है कि…

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पनाह : उज्जवला  साखलकर

ये ठहरी आखिर महानगरी मुम्बई की सड़क , जहाँ दिन हो या रात हर समय गाड़ियों और लोगों का महापुर जमा रहता है I हर कोई अपनी धुन में, बस जल्दी गंतव्य तक पहुँचने की होड़ I आज भी  पूरी की पूरी सड़क कार, टैक्सी, बस और टू-व्हीलर से भरी हुई थी और इसमें सावित्री…

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जीवन गरम चाय की प्याली

पुस्तक समीक्षा : कविता मल्होत्रा ये गर्म चाय की प्याली नहीं बल्कि जीवन को सार्थक दृष्टिकोण देती वो खुशहाली है, जिसके अमृत पान से समूचे ब्रह्मांड में जागृति रूपांतरित हो सकती है। समीक्षा तो नहीं हो पाएगी मुझसे इस अनाहद नाद की कोशिश ज़रूर रहेगी,जागृति संग रहे आपके हर अल्फ़ाज़ की  कई दिन से इस अनूठे…

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छिलका आन्दोलन

स्वच्छ वातावरण, जैविक खेती, हृष्ट पुष्ट गायों एवं पशुओं के लिए एक सजग प्रयास “छिलका आन्दोलन” | हर वर्ग, जाती, धर्म, गरीब, अमीर, प्रत्येक संगठन, सामाजिक संस्थाओं और हर जन की भागीदारी का एक प्रयास स्वस्थ, स्वच्छ, सुन्दरतम भारत के लिए| भारतीय संस्कृति प्राचीनतम और सर्वश्रेष्ठसंस्कृति है | भारतीय धर्म और ज्ञान विज्ञान विश्व में…

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क्या बताऊँ जो दिल के अंदर है,

क्या बताऊँ जो दिल के अंदर है,सिर्फ़ नाकामियों का लश्कर है ۔ लूटने पर वही है आमादा,जिसको समझा गया कि रहबर है. वाह वाही बटोर ली जिसने,लोग कहते हैं वो सुख़नवर है तू कहाँ मेरे ग़म से वाक़िफ़ है,मेरा ग़म ही मेरा मुक़द्दर है۔ राहे हक का सफर तो मुश्किल हैनूरे हक से ये दिल…

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कृषि संशोधन बिल से किसानों को राहत देने की कोशिश !

केंद्र सरकार ने बीते दिनों राज्य सभा में कृषि संशोधन बिल पास कराया जिसपर विपक्ष ने जम कर हंगामा काटा । सरकार ये जो तीन बिल किसानों के हित में लेकर अाई है उससे पंजाब की राजनीति में हाहाकार मचा हुआ है । पंजाब के किसानों में सबसे अधिक बेचैनी देखी जा रही । केन्द्र…

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फागुन लाया रंग की बौछार

फागुन लाया रंग की बौछार भरी पिचकारी गुलाबी हरी लाल टेसू  फूल भरी नारंगी थाल खेतन सजे सरसों पीला हार । सिया राम सब रंगे गुलाल खेले जन अवध प्रभु निहारसरयू किनारे लंबी कतार ढोल नगाड़े मृदंग झंकार। कान्हा पर हुई फूलों की बरसात ग्वाल बाल सखियां राधा का भरा प्यारछेड़खानी लठियन  लड्डूअन न्योछार मची ब्रज धूम होली त्यौहार। काशी में भोले…

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