बिना बुलाए क्रोध नहीं आता है
बिना बुलाए क्रोध नहीं आता है,निमंत्रण देने पर ही वहआता है.स्वागत की पूरी तैयारी देखकर,मन केआँगन में प्रवेश करता है.अंदर घुसते ही तांडव-नृत्य कर, अपनी हाजिरी दर्ज करवाता है.शिव-तांडव का सबको पता है,विध्वंस करने ही वह आता है.क्रोध कभी तांडव करे ही नहीं,इस हेतु संयम से काम लीजिए.क्रोध के उठते तीव्र उफान को,प्रेम के फुहारा से…
