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भारतीय संस्कृति– विशेषताएँ

जहाँ तक संस्कृति कीबात है,  अगर वैदिक संस्कृति ही भातीय संस्कृति है तो इसकी सर्वाधिक पुरातनता में अब कोई संशय नहीं।यह वैदिक संस्कृति आर्य संस्कृति है।  ऐसा प्रतीत होता है कि मानव के अस्तित्व मे आते ही जिन प्रश्नों से मानव का साक्षात्कार हुआ होगा– वे कौन ,क्या और कैसे जैसे प्राथमिक प्रश्न ही रहे…

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क्या आरक्षण 50 प्रतिशत की सीमा से अधिक होना चाहिए?

संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 क्या गारंटी देते हैं? औपचारिक और वास्तविक समानता में क्या अंतर है? क्या आरक्षण अवसर की समानता या निरंतरता के विचार में एक अतिरिक्त प्रावधान है? क्या आरक्षण के लाभ केवल ओबीसी, एससी और एसटी तक ही सीमित हैं? समतलीकरण के लिए आरक्षण ही क्यों जरूरी है? अनुच्छेद 15…

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ऐसा मेरा भारत है

गीत- ऐसा मेरा भारत है अवतारों की जन्‍मभूमि है, वेदभूमि की ताकत है, कण-कण में ईश्‍वर बसते हैं हर जीवन शरणागत है मातृभूमि है, कर्मभूमि है, ऐसा मेरा भारत है। सप्‍त पुरी हैं चारधाम हैं, भिन्‍न-भि‍न्‍न संस्‍कृतियाँ हैं महाभारत रामायण वेद- पुराणों जैसी निधियाँ हैं, सर्वधर्म समभाव सहेजे, ऐसा मेरा भारत है ।  मस्‍तक है…

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जन भागिदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण असंभव  है

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष (5 जून,) जन भागिदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण असंभव  है लाल बिहारी लाल नई दिल्ली । जब इस श्रृष्टि का  निर्माण हुआ तो इसे संचालित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों का एक सामंजस्य  स्थापित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों के बीच एक परस्पर संबंध का रुप प्रकृति ने…

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समरथ को नहीं दोष गुसांई

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव              रावण की ऊंचाई और बढ़ा दी गई है । रावण तो हर साल ऊंचा होता जा रहा है, उसे जितना भी ऊंचा हम बनाते जा रहे हैं उतना ही रावणीय कृत्य भी बढ़ता जा रहा है । हम तो रावण के पुतले का दहन इस विचार के साथ करते हैं कि रावण…

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सूखे आंगन की दीवारी : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

(राजनीतिक सफरनामा ) दीपमाला से कांक्रीट के आंगन सज चुके हैं और सीमेन्ट की मोटी-पतली दीवालों पर भी लाइटिंग जगमगा रही है । अब यही तो प्रदर्शित करती है कि दीपावली का त्यौहार आ चुका है । ऊंची-ऊची बिल्डिंगों पर रोशनी जगमग हो रही है, उनके परिवार के मुस्कुराते हुए चेहरों पर और पा लेने…

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बारीश कि बूंदें

मनीषा गुप्ता ‘मिशा’ छ्त पर पड़ती बारिश की बूंदे आज  जैसे  फिर राज को अतीत कि तरफ़ खींच रही थी। एक एक बुदं राज के दिल पर नश्तर कि तरह चुभ रही थी । बरसो जिन बुदों से पीछा  छुड़ा कर वो भाग रहा था आज वक्त  ने फिर उसको उसी जगह आने को मजबुर…

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जनता से जो वादे किये थे उन्हें पूरा नहीं किया : मनमोहन

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 14 दिसम्बर को रामलीला मैदान पर कांग्रेस की ‘भारत बचाओ रैली’ को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह साल पहले देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया है। उन्होंने आगे यह भी कहा…

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यादे यूँ भी पुरानी चली आईं (गीत)

मन की बाते बताये तुम्हें क्याहै ये पहली मुहब्बत हमारीभले दिन थे वो गुजरे जमानेमीठी मीठी सी अग्न लगाई हम तो डरते हैं नजदीक आकेजान ले लो – ऐ जान हमारीकब से बैठे दबाये लबो कोकब से यारी है गम से हमारी चढगयी सर आसमाँ तकये नशीली रात खुमारीबजते घुघरू से आवाज आईदेखो कैसी चली…

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पूर्वोत्तर हिंदी साहित्य अकादमी का ‘सारस्वत सम्मान एंव पुस्तक लोकार्पण समारोह’ संपन्न

पूर्वोंतर हिंदी साहित्य अकादमी ,तेजपुर,असम (भारत) द्वारा 8 मई 2022 को शंकरदेव कलाक्षेत्र, गुवाहाटी के प्रांगण में स्थित नीलमणि फूकन हॉल में ” सारस्वत सम्मान एंव पुस्तक लोकार्पण समारोह” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से आए हुए रचनाकारों ने हिस्सा लिया ।संयोजक मालविका रायमेधि दास ‘मेधा’ जी के…

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