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पेंशन का अधूरा वादा: भारत के बुज़ुर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा की लड़ाई

भारत आज जनसंख्यिकीय संक्रमण के उस मोड़ पर खड़ा है, जहाँ युवाओं की अधिकता के पीछे छिपी एक चुप्पी है — बुज़ुर्गों की बढ़ती आबादी, जिनके पास न आय का स्रोत है, न सामाजिक सुरक्षा का भरोसा। जिस देश में “बुजुर्गों को आशीर्वाद का भंडार” माना जाता है, वहाँ उनकी वृद्धावस्था की सबसे बड़ी सच्चाई…

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एक खुली चिट्ठी प्रधानमंत्री मोदी के नाम

आदरणीय महामना मान्यवर मोदी जी आपको इस वर्ष के पहले दिन से ही मन की बात एक आम नागरिक के तौर पर कहना चाह रहा था।कुछ अच्छा होने की आशा कीइंतजार करते करते थक कर आज लिख रहा हूं!बहुत ही अच्छा लगा था,जब आप पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेनेसे पहले लोकतन्त्र के…

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‘जीवन’ का दुरूपयोग‌

एक तरफ तो हम कहते हैं कि जल ही जीवन है और तो वही दुसरी तरफ हम अपने दैनिक जीवन में निरंतर जल संसाधनों का दुरूपयोग कर उनका दोहन करते जा रहे हैं। जल सभी के लिए अति आवश्यक है। जैसे मानव जीव जंतु पशु पक्षी पेड़ पौधे  फसल उत्पादन आदि सभी के लिए अति…

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 हिंदी दिवस (डॉ चंद्रसेन भारती)

हम भारत के वासी हैं, हिंदुस्तान हमारा है। हिंदी दिवस हिंदी भाषा, यह संकल्प हमारा है। हिंदी दिवस मनाने को, हम आगे बढ़के आए हैं, मातृभूमि की रक्षा को, संकल्पित भाव सजाए है।  आर्य वृत्त भारतखंडे, आदिकाल ने नाम दिया। इंडिया की पड़ी जरूरत क्यों, क्यों  इसमें बदलाव किया। भारत मां के बनें  प्रहरी, लोकतांत्रिक…

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वोटर लिस्ट पर बवाल

राजनीतिक सफरनामा कुशलेन्द्र श्रीवास्तव वैसे तो बिहार विधानसभा के होने वाले चुनाव में अभी समय है पर उसको लेकर बिगुल बज चुका है । विपक्ष फिलहाल भाजपा से नहीं चुनाव आयोग से लड़ रहा है और इसमें भाजपा पर भी निशाना साध रहा है । दरअसल चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण कराने का…

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सही कदम

        घर के बाहर बारिश की झड़ी लगी हुई थी और अन्दर सीमा और रमेश चाय के साथ पकौड़े खाने का आनंद ले रहे थे । बारिश में ज्यादातर लोग चाय पकौड़े का आनंद लेते हैं। बातें करते करते सीमा को अपना बचपन याद आने लगा । कैसे वह बारिश में बाहर भाग जाती थी…

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बढ़ते हुए तलाक कर रहे सामाजिक ताने-बाने ख़ाक

पश्चिमी मीडिया और वैश्वीकरण के प्रभाव ने भारतीय समाज की प्रेम और रिश्तों की धारणा को प्रभावित किया है। युवा पीढ़ी पारंपरिक पारिवारिक अपेक्षाओं की तुलना में व्यक्तिगत खुशी और अनुकूलता को प्राथमिकता देने लगी है, जिसके कारण जब उनकी शादी में संतुष्टि नहीं मिलती है तो वे तलाक को एक व्यवहार्य विकल्प के रूप…

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व्यंग्य- बाबापंथी

आजकल बाबाओं का ट्रेंड चल गया है, एक गया तो छः महीने में दूसरा आना ही है लाइमलाइट में। देखते हैं इस बार वही हाल है या फिर बाबा कमाल है। कमाल से याद आया कि चाची 420 फ़िल्म की तरह किसी ने भी बाबा 420 फ़िल्म नहीं बनाई। मुंह में पान चबाते हुए एक…

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विश्व पुस्तक मेले का आगाज 10 फरवरी से दिल्ली में

लाल बिहारी लालनई दिल्ली। पुस्तकों का महाकुंभ बहुभाषी भारत के रंग नई दिल्ली में देखने को इस बार मिलेगा विश्व पुस्तक मेले में । 10 से 18 फरवरी तक आयोजित विश्व पुस्तक मेला में इस बार 40 देश और 2000 से ज्यादा प्रकाशकों(स्टाँल) की भूमिका रहेगी ।इस वर्ष मेले का थीम है बहुभाषी भारतः एक…

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सहयोग की भावना आध्यात्मिक वरदान है

डॉक्टर सुधीर सिंह एक-दूसरे की हिफाजत में सब सजग रहें,सहायता करने में हम  हमेशा ही आगे रहें.संकट से तब कोई  इंसान नहीं घबड़ायेगा,विपत्ति का सामना सब मिलकर करते रहें.सहयोग व्यक्ति  को  शक्ति प्रदान करता है,उत्साह व उमंग का सृजन  करता रहता है. व्यक्ति का व्यक्तित्व संवरता है सहयोग से,सद्भावना राष्ट्र को  सदा एकजुट रखता है.सहयोग…

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