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KCS FOUNDATION (NGO) द्वारा ‘बेटियाँ गौरव हैं’ सांस्कृतिक कार्यक्रम 12 जनवरी (रविवार) को सागरपुर – कैलाशपुरी रोड पर स्थित “सरस्ववी आँचल स्कूल’ में आयोजित किया गया.

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक प्रद्युम्न राजपूत, विशिस्ट अतिथियों में श्री हरबंस लाल गुप्ता, भगत अस्पताल के प्रमुख डॉक्टर चन्द्र मोहन भगत तथा राष्ट्रीय समाचार पत्र ‘उत्कर्ष मेल’ के संपादक मनमोहन शर्मा ‘शरण’ प्रमुख रहे. केसीएस फाउंडेशन पिछले काफी वर्षों से पूरी सक्रियता से समाजसेवा करती आ रही है.  स्वास्थ्य शिक्षा एवं जनजागरण हो,…

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आपस्तम्ब

हे श्रमवीर तुम्हारे कुदाल ने कंटकाकीर्ण मग सुगम किया । एक पैर पर थाम लिये जैसे अम्बर कर्मयोगी सूरज भी देख तुम्हे पिघल गया । ● लज्जित हैं कर्मवंचक अवसरवादी लोलुप तुम्हे देखकर; प्रतिमान तुम्हे मानते जिजीविषक स्वाभिमानी देखते तुम्हे मुड़मुड़कर।। ● तुम्हे देख स्मरण हो आती कृष्ण की कनिष्ठा पर धारित गोवर्धन पर्वत की…

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” आजादी एक सपना है।”

आजादी आज भी एक परिकल्पना है।  स्वतंत्र भारत अब भी बस एक सपना है। गुलामी अब अंग्रेजों की नहीं है बे रोजगारी और भ्रष्टाचार की है।     कश्मीर की है, लद्धाख की है    क्रंदन करते यू पी और बिहार की है। आजादी की लड़ाई में आंदोलन और कुर्बानी में।     आजाद भारत वो नवयुवक…

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हमारी गुरु- शिष्य परम्परा

क‌ष्ण पक्ष को पार कर पूर्ण चंद्र हमें प्रेरणा देता है पूर्णता की। पंद्रह दिवस की कटाई -छटाई के उपरांत जो पूर्ण रूप उसे पूर्णिमा को मिलता है वह द्योतक है उसकी अविराम साधना का।शायद इसीलिए वर्ष की बारहों पूर्णिमा अपने आप में समृद्ध हैं,किसी ना किसी सांस्कृतिक सौष्ठव से। श्रावणी पूर्णिमा रक्षाबंधन का पर्व…

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एक खुशी यह भी

                हल्की हल्की बारिश हो रही थी और हवा भी सर्द थी । रजाई में ही बैठे बैठे थोड़ी सी गर्म चाय मिल जाती तो कितना अच्छा होता पर नहीं ऐसा नहीं हो सकता था। घर में गहमागहमी का मौसम पसरा पड़ा था क्योंकी दादी जी की हालत ख़राब थी । कुछ समय बाद उनको…

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बंकिमचंद्र के जन्मदिन पर अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन

भारतीय स्वतंत्रता काल में क्रांतिकारियों का प्रेरणास्रोत -‘वंदे मातरम्’- जो 1937 में भारत का राष्ट्रगीत बन गया, जिसके रचयिता बंग्ला भाषा के प्रख्यात उपन्यासकार एवं कवि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के जन्मदिन पर “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” (साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था) के तत्वावधान में संस्था के अध्यक्ष श्री देवेंद्र नाथ शुक्ल एवं महासचिव डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद के संचालन…

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दिल्ली की डॉ.सरला सिंह स्निग्धा को मिला नेपाल के अंतरराष्ट्रीय हिंदी काव्य रत्न मानद सम्मान

14 सितंबर 2024 को हिंदी दिवस के अवसर पर डॉ सरला सिंह स्निग्धा को “हिंदी काव्य रत्न” मानद सम्मान से सम्मानित किया गया। हिंदी दिवस पर देश-विदेश के 16वर्ष से लेकर 75 वर्ष के वयोवृद्ध रचनाकारों ने हिंदी पर अपने स्वरचित कविता को शेयर किया गया था। “शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल,लुम्बिनी द्वारा हिन्दी…

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क्या हो गया है इन औरतों को?

“जब कोई महिला अपराध में शामिल होती है, तो समाज उसकी परवरिश, चरित्र और कोमलता पर सवाल उठाता है, जबकि पुरुष अपराधियों को अक्सर सहानुभूति या ‘दबंगई’ का जामा पहनाया जाता है।  अपराध का कोई लिंग नहीं होता और स्त्री भी इंसान है — जिसमें अच्छाई-बुराई, स्वतंत्रता और जिम्मेदारी, सब कुछ समाहित है। समाज को…

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“असली धुरंधर “

सत्य घटनाओं पर आधारित फिल्म ‘धुरंधर’ बेहद शानदार फिल्म है। सभी पात्रों ने बखूबी अपना -अपना पात्र निभाया है। कुछ दृश्य हदृय विदारक भी हैं। धुरंधर देखकर मन में एक ही ख्याल आया कि धन्य हैं, वे वीर जो अपने वतन की सुरक्षा में न जाने कितने घाव अपने शरीर और मन पर झेलते हैं।उन…

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आओं स्वस्थ्य बनाए

सुनसान राहें पंछियों का कोलाहल दुबके इंसान घरों में मुंडेर पर बोलता कौआ अब मेहमान नही आता संकेत लग रहे हो जैसे मानों भ्रम जाल में हो फंसे। नही बंधे झूले सावन में पेड़ों पर उन्मुक्त जीवन बंधन हुआ अलग अलग हुए अनमने से विचार बाहर जाने से पहले टंगे मन में भय से विचार।…

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