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खाड़ी का सामान्य जीवन और मीडिया की युद्ध-छाया”

— एक प्रवासी भारतीय (NRI) की नज़र से पिछले कुछ दिनों से भारतीय टीवी चैनलों और मीडिया पर खाड़ी देशों को लेकर लगातार तनाव और युद्ध की आशंकाओं से जुड़ी खबरें दिखाई जा रही हैं। तेज़ संगीत, लाल पट्टियों में चमकती “ब्रेकिंग न्यूज़” और बड़ी-बड़ी सुर्खियाँ—इन सबके बीच ऐसा माहौल बन जाता है मानो पूरा…

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जी हाँ, दिल्ली जीत गई

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (संपादक -उत्कर्ष मेल) चुनाव आते हैं, चले जाते हैं । एक्जिट पोल हो–हल्ला और परिणाम के बाद शांत होकर कहीं मंथन, कहीं चिंतन होता और जिंदगी अपनी वही रफ्तार पकड़ लेती है । विभिन्न राज्यों में चुनाव होते हैं किन्तु उनकी जीत–हार के मायने पार्टी–क्षेत्र् की जनता तक सीमित होते है ।…

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कमाई धंधा

करीब सन् उन्नीस सौ चौहत्तर पिचहत्तर का समय था ,तब तक बहुत ज्यादा शिक्षा का विकास नहीं हुआ था। समाज का एक ‌बड़ा तबका बहुत ही गरीब लाचार और बदहाल था। नीरजा का परिवार रेलवे की फोर्थ क्लास की कालोनी में रहा करते थे। वहां आसपास रेलवे के ही सफाई कर्मचारी भी रहा करते थे।…

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चेहरा उसका शगुफ़्ता सा गुलाब लगे है…

चेहरा उसका शगुफ़्ता सा गुलाब लगे है उजली शब का वो मुनव्वर माहताब लगे है l जब भी देखा है उसे तारीकियों से लड़ते वो फ़लक पर इक चमकता आफताब लगे है l क्या करें तारीफ़ हम उस जल्व ए जाना की सिर से पाँ तक जो ग़ज़ल की इक क़िताब लगे है l सब…

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21जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर

23 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में श्री श्री रविशंकर जी के नेतृत्व में विश्व योग दिवस के रूप में,  संयुक्त राष्ट्र और यूनेस्को द्वारा घोषित करने के लिए हस्ताक्षर किए गए। इसलिए श्री श्री रविशंकर जी को योग का संस्थापक कहा जाता है। 21 जून 2015 को भारत के प्रधानमंत्री श्री मोदी जी…

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बलात्कार की व्यापकता

  डॉ. अवधेश कुमार अवधजब से मूलभूत आवश्यकताओं के अभाव में लोगों के मरने की समस्या खत्म हुई है, मानव जनित एक नई समस्या ने आकर समाज को घेर लिया है। मानव द्वारा मानव का बलात्कार। उम्र और लिंग को नजरअंदाज करते हुए बलात्कार। निजी और सार्वजनिक स्थलों पर बलात्कार। दुधमुहे बच्चों से लेकर मरणासन्न तक…

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आज़ादी के बाद कितने आज़ाद

अब हमें 74वें स्वतंत्रता दिवस पर इस बात का गहनता से विचार करना है कि आज तक कितना स्वरूप बदला,बदला भी है, तो दिशा सकारात्मक है क्या? इतनी अधिक जनसंख्या औऱ विविधता से भरे राष्ट्र में सबको साथ ले कर चलना,सब को बराबर मान-सम्मान देना,किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे,इसका ध्यान रखना बहुत जरूरी…

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लोकसभा चुनाव के लिए आप ने दिल्ली से उतारे चार उम्मीदवार

आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने बताया है कि सभी समीकरण और इंडिया अलायंस के साथ हुए गठबंधन को ध्यान में रखते हुए कैंडिडेट के नामों की घोषणा की गई है।कुलदीप कुमार को पूर्वी दिल्ली, सोमनाथ भारती को नई दिल्ली, सहीराम पहलवान को दक्षिणी दिल्ली और महाबल मिश्रा को…

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बहिष्कार … कोरोना वापिस जाओ

सरताजों का ताज कोरोना फैले छूकर हाथ कोरोना छींक पे भी है इसका ज़ोर खांसी बन गई इसकी दोस्त जिसको ये (कोरोना) छू जाता है घर का वह हो जाता है दूर भागते देखके इसको दूर भगाओ कहते इसको नहीं नज़दीक अब जाना है (किसी भी जन के) नजदीकी चाहे रिश्ता उससे पास – पड़ोस…

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माँ

माँ तू ममता की मूर्ति है,तुझे दोष न दिखे संतानों में नव मास उदर में तूने पालादुःख सहकर भी मुझे संभालासौ बार न्योछावर तू हो जातीमेरी मीठी मीठी मुस्कानों मे,माँ तू ममता की मूर्ति है,तुझे दोष न दिखे संतानों में ।।1।। मैं हंसता हूं तू हँसती हैमैं रोता हूँ तू रोती है।मेरा संसार सजाती तुमअपने…

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