राष्ट्रपति ने किया विश्व पुस्तक मेले का उद्घाटन
नई दिल्ली : पुस्तक प्रेमियों के लिए 1 फरवरी 2025 से 52वें विश्व पुस्तक मेले का आगाज हो चुका है. जो आगामी 9 फरवरी तक रहेगा. देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में इसका उद्घाटन किया. विश्व पुस्तक मेले के पहले दिन ही भारी संख्या में साहित्य प्रेमी मेला घूमने पहुंचे….
बस एक चुप सी लगी है
दिनेश कपूर Alan Cambell और Johnson, काफी हद तक माउंटबैटन के अबुल फजल थे। हालांकि उतने करीब नहीं थे कि उसके गुसल की भी खबर लिखते। press attaché थे और अपने अंग्रेज आका की मीटिंग्स और appointments की में की गई गुफ्तगू के बारे में नोट्स लिखते और उसे दिखाते। एक तो ये dual लेखक…
योग जीने का विज्ञान
योग नहीं साधारण नाम है, योग तो जीने का ज्ञान है। भौतिक अध्यात्मिक भाव, आत्मिक हो या मानसिक। योग एकता का संदेश है, चेतना को करता एक है। भावनाओं का संतुलन करे, तालमेल बनाए मदद करे। बाहरी हो चाहे आंतरिक, दोनों तरह से पहुंचाता लाभ। मांसपेशियां और नसों को, कहता सद्भाव में कार्य करो। दिमांग…
हाउसिंग फॉर ऑल 2022 का लक्ष्य पूरा करने को बने अलग से मंत्रालय : केके खंडेलवाल
-चैलेंजिस फॉर हाउसिंग फॉर ऑल 2022 में बोले हरेरा चेयरमैन-रियल एस्टेट को जनता के हितों का ध्यान रखने की सलाह-अग्रवाल वैश्य समाज की ओर से आयोजित किया गया वेबीनारगुरूग्राम, 12 जुलाई। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेरिटी अथॉरिटी (हरेरा) के चेयरमैन डा. केके खंडेलवाल ने कहा कि हाउसिंग फॉर ऑल 2022 का लक्ष्य पूरा करने के लिए…
अंतरिक्ष यात्री का त्याग किसी भी उच्च से उच्च श्रेणी के तपस्वी से महान है
गृह और किसी अन्य ग्रह का दृश्य एक जैसा कैसे हो सकता है ? ग्रह पर जोखिम बहुत है। अगर हमारी फ्लाइट या ट्रेन की समय-सारिणी बदल जाती है, तो हम एक प्रकार से एयरपोर्ट अथवा स्टेशन पर फंस जाते हैं और हम इन क्षणों में बेचैनी और हताश से भर जाते हैं। सोचिये क्या…
श्री गुरु नानकदेव जी के 550वें शताब्दी वर्ष में तीसरा ऑनलाईन कवि दरबार संपन्न – स.हरभजन सिंह दिओल
नई दिल्ली, भारत सरकार द्वारा श्री गुरु नानकदेव जी के 550वें शताब्दी वर्षके सिलसिले में कोरोना महामारी की वजह से बंद हुए कवि दरबारों को ऑनलाईनके माध्यम से शुरु किया गया है । इस कड़ी में भारतीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा तीसराऑनलाइन कवि दरबार आयोजित किया गया । जिसमें विभिन्न कवियों द्वारा श्री गुरुनानकदेव जी की…
मित्रता दिवस पर सखी को समर्पित कविता
मंजू लता हे ! सखी फ़िर कब मिलेंगेयाद आती हैं तुम्हारीखोजती हैं आंखे तुम्हारी चंचलतातुम्हारे कोमल अधरों की मुस्कुराहट हे ! सखी फ़िर कब मिलेंगेखोजती हैं मेरी आंखे तुम्हारा भोलापनमेरा रूठना तुम्हारा मनानासाथ ही डेरी मिल्क गिफ्ट करना हे ! सखी फ़िर कब मिलेंगेयाद आती हैं क्लास की बातेएक दूसरे में खोकर खाली पीरियड मेंबाते…
अद्यतन इतिहास से गवाही मांगता सनातन धर्म..!
एक सम्प्रदाय चौदह सौ वर्ष में अठावन देशों में दूसरा दो हजार वर्षो में पिचासी देशों में फेल हो गया लेकिन सत्य,अहिंसा,वसुधैव कुटुम्ब कम,सर्वधर्म समभाव,नारी तू नारायणी और सबका साथ सबका विकास की बात करने वाला सनातन जो असल धर्म है फैलने की बात तो दूर दुनिया नहीं तो कम से कम भारत के ही…
अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” की ओर से प्रेमचंद जयंती
भारतीय जनमानस का चितेरा लोक कथाकार प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” (साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था) के तत्वावधान में संस्था के अध्यक्ष श्री देवेन्द्रनाथ शुक्ल की अध्यक्षता एवं संस्थापक एवं महासचिव डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद के संचालन में उनकी विभिन्न रचनाओं पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। सबसे पहले सिंगापुर से उपस्थित…
