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राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूंगा है : महात्मा गांधी

महात्मा गांधी ने अदालती कामकाज में भी हिन्दी के इस्तेमाल की पुरजोर पैरवी की थी। वे कहते थे, देश की उन्नति के लिए राष्ट्रीय व्यवहार में हिन्दी को काम में लाना अत्यंत आवश्यक है। क्योंकि अपनों तक अपनी बात हम अपनी भाषा द्वारा ही पहुंचा सकते हैं। अपनों से अपनी भाषा में बात करने में…

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विकार

समाज सहता प्रहार इतने  बहुत जगह वे गड़े मिलेंगे ।  कहीं खुले तो छिपे कहीं पर  दुखी हृदय भी पड़े मिलेंगे ।।  सदा रहा आन बान जग में  सभी तरफ घोष थी जय जय।  पड़ा उसी पर कभी अँधेरा  किताब में वह जड़े मिलेंगे।।  कभी अँधेरा कभी उजाला  चले सतत यह समय निरन्तर।  समय सदा…

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शहीद भगत सिंह

(27 सितम्बर, 1907 से 23 मार्च, 1931) प्रारंभिक जीवन :- भगत सिंह का जन्म पंजाब के नवांशहर जिले के खटकर कलां गाँव के एक सिख परिवार में 27 सितम्बर, 1907 को हुआ था। उनकी याद में अब इस जिले का नाम बदल कर शहीद भगत सिंह नगर रख दिया गया है। वह सरदार किशन सिंह…

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स्वच्छ भारत अभियान:

इस कैंपेन के तहत सरकार द्वारा विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नागरिको को अपना पूरा योगदान देने को कहा है ताकि भारत जल्द से जल्द एक स्वच्छ देश बन सके। इस कैंपेन के शुरुआत में खुद प्रधानमंत्री ने रोड साफ़ कर इस अभियान का आगाज़ किया था। स्वच्छ…

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उम्मीद के दीप

माना रात घनी है,घोर तमस से भरी है। उजियारी भौंर के सामने कई चुनौतियाँ धरी हैं। तुम सूरज पर एतबार बनाए रखना। उम्मीदों के दीपक जलाए रखना। मंजिल बहुत दूर हो,दर्द बेहिसाब हो। सबसे मेरा रश़्क हो,उजड़े हुए मेहताब हो। जुगनुओं से इल्तिफात तुम बनाए रखना। उम्मीदों के दीपक जलाए रखना। मंज़र-ए-नदीश में कष्ट इफरात…

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हम पहुँच वाले लोग हैं, हमारा दुख भी वीआईपी है

हर भावना का प्रदर्शन, हर रिश्ते का प्रचार, और हर मौके का राजनीतिक/सामाजिक इस्तेमाल।) — डॉ. सत्यवान सौरभ मकान का मुहूर्त हो या दुकान का उद्घाटन, शादी-ब्याह की खुशियाँ हों या किसी अपने की मृत्यु का गम—हर जगह बड़े नेताओं और अफसरों की तस्वीरें चिपकाना अब “सम्मान” नहीं, बल्कि प्रभाव और पहुँच का प्रदर्शन बन…

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पीबीएल-3: किदाम्बी श्रीकांत को हराते हुए प्रणॉय की लगातार 10वीं जीत

एच.एस. प्रणॉय ने मंगलवार को बाबू बनारसी दास उप्र बैडमिंटन संघ स्टेडियम में भारत के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त पुरुष एकल खिलाड़ी किदाम्बी श्रीकांत को हराते हुए वोडाफोन प्रीमियर बैडमिंटन लीग में अपनी लगातार 10वीं जीत दर्ज की। प्रणॉय को इस साल हुई नालामी में अहमदाबाद स्मैश मास्टर्स टीम ने 62 लाख रुपये में अपने साथ…

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रेशमा

              रेशमा एक बहुत ही सीधी-सादी लड़की थी । जहां उसके साथ की लड़कियां फ़ैशन ,टीवी और मोबाइल में लगी रहती थी वहीं वह उम्र से पहले ही बड़ी हो चुकी थी। रेशमा का पिता शराबी था वह दर्जी का काम किया करता था परन्तु सारी की सारी कमाई अय्याशी और शराब पर लुटा दिया…

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शिक्षक दुष्यन्त कुमार को लेखन में मिला अन्तरराष्ट्रीय सम्मान

नेपाल सरकार द्वारा पंजीकृत अंतरर्राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था “शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल” द्वारा 8 मार्च 2024 को अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में आयोजित की गई अन्तरराष्ट्रीय “महिला शक्ति कविता प्रतियोगिता” में अपनी कविता “मैं वर्तमान की नारी हूं।” के माध्यम से उत्तर प्रदेश के जिला अमरोहा के गांव तरारा के लेखक कवि एवं…

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धूप में न निकला करो…… !

                                                                                                   कुशलेन्द्र श्रीवास्तव बहुत तेज धूप है, सूरज तप रहा है और धरती जल रही है । गर्मी तो हर साल आती है और मई के महिने में धूप भी बहुत तेज होती है, पर इतनी तेज धूप नहीं रही अभी तक शायद ! ऐसा बोला जा सकता है । धूप तेज है तो एक…

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