आगमन संदेश प्रिय के
साँवरी भूरि धरा पर, नथ सजा जौ की सुनहरी, चाँद की बिछिया बना कर भेंटता फागुन , लाल दुल्हन की चुनर मे, पीत स्वर मंगल-ध्वनि मे, नील डोली की गति मे , घोलता फागुन, चटक नारंगी पुहुप के, सरस वंदनवार बनकर नव – वधु के आगमन पर डोलता फागुन , श्यामवर्णी कोकिला और, हरित शुक…
