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बाल बहार, (कविता) दिवाली की छुट्टियां

दीपावली त्यौहार का,अनुपम अपना ढंग।  बच्चे मनाते हैं खुशी से, घरवालों के संग॥  घरवालों के संग, मजा तब दुगुना हो जाता।  होते जब मित्रों संग, फुलझड़ी स्वयं चलाता॥  रहा इंतजार महीनों से, अवसर कब आयेगा।  दिया रावण दहन संदेश, मास अगले आयेगा॥  हम दिन गिन रहे थे रोज,माह कार्तिक का आया।  तब अमावस्या से पूर्व,…

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हिन्दी फैल रही दुनिया में

हिन्दी हिन्दुस्तान की ही, रही नहीं अब भाषा फैल रही है दुनिया में, बन जन-जन की आशा हिन्दी हिन्दुस्तान की ही रही…….. आजादी में फर्ज निभाया, बनके जैसे फौजी दसों दिशा के लोग बने थे, अजब मनमौजी बनी देश की भाषा यह, दुनिया की अभिलाषा हिन्दी हिन्दुस्तान की ही रही…….. दुनिया में हिन्दी बिना अब,…

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (८ मार्च ) की हार्दिक बधाई

अनुराधा प्रकाशन परिवार विश्व की सभी महिलाओं को नमन करता है , वंदन और अभिनन्दन करता है , महिलाओं ने अपने अस्तित्व को अपनी योग्यता से स्थापित किया है और सभी क्षेत्रों में पुरुषों के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर कार्य कर रही है अनुराधा प्रकाशन से जुडी सभी महिलाओं का आभार व्यक्त करते हुए…

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साझा काव्य संकलन ‘संगम स्वर’ का हुआ भव्य लोकार्पण

दिनांक 23-9-2019 को राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर जी की जयंती के अवसर पर गोरखपुर उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठित संगम सांस्कृतिक साहित्यिक एव्ं समाजिक संस्था द्वारा 253वीं नियमित मासिक काव्य गोष्ठी होटल शिवम् गेस्ट हाऊस में सफलता पूर्वक सम्मपन हुई। साथ ही साथ “संगम स्वर” ( यह पुस्तक संगम संस्था के स्मृति शेष व सक्रिय…

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बँटवारा

        “भैया अम्मा की तबियत ठीक नहीं है आप भाभी और बच्चों को लेकर आ जाइए।” सुनील ने बड़े भाई  विकास को फोन किया तो उसकी आंखें भर आयीं थी । चार पाँच साल से गाँव में रहकर वह अकेले ही मां की सेवा कर रहा था। भाभी और स्वयं उसकी पत्नी भी शहर में…

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शुद्धिमंत्र बनें जो सदियों तक दोहराया जाएगा

कविता मल्होत्रा (स्थायी स्तंभकार, संरक्षक) बालक हो या शावक सबकी पालिका एक भेदभाव इंसानी कुंठा प्रकृति का इरादा नेक ✍️ हम सभी अपनी माँ की गोद पर तो अपना स्वामित्व समझने लगते हैं लेकिन उस मातृत्व की गरिमा को बनाए रखने के सब दायित्व नज़रअंदाज़ कर देते हैं।परिवार और समाज से मिलने वाली शिक्षा को हम…

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दो-दो हिन्दुस्तान

लाज तिरंगें की रहे, बस इतना अरमान ।मरते दम तक मैं रखूँ, दिल में हिन्दुस्तान ।।●●●बच पाए कैसे भला, अपना हिन्दुस्तान ।बेच रहे हैं खेत को, आये रोज किसान ।।●●●आधा भूखा है मरे, आधा ले पकवान ।एक देश में देखिये, दो-दो हिन्दुस्तान ।।●●●सरहद पर जांबाज़ जब, जागे सारी रात ।सो पाते हम चैन से, रह…

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हम पूरे समर्पण के साथ सेवारत हैं : PM मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक लालकिले के प्राचीर से राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए कहा, देशवासियों ने जो काम दिया, हम उसे पूरा कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि सत्तर साल में अनुच्छेद 370 को हटाया नहीं गया, लेकिन उनकी सरकार ने 70 दिन के भीतर उसे समाप्त कर दिया।…

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धनाढ्य परिवारों को मिलने वाला आरक्षण गंभीर विषय है!

सामान्य वर्ग के लोग गांवों से रोजगार और बेहतर जीवन की खोज में महानगरों में धक्के खाते है , मजदूरी करते है और आरक्षण के विषबेल में लिपटा संविधान उनकी सुधी नहीं लेता क्योंकि वो सामान्य श्रेणी से है और महानगरों में कमा रहे । वहीं तुलनात्मक रूप से अधिक धनाढ्य पिछड़े और दलित  सुविधायुक्त…

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सर्वोत्तम योग

प्रकृति की निराली छटा में गुँजित हैं वेद पुराण निस्वार्थता रस्म जिसकी है परस्पर प्रेम पहचान कितना खूबसूरत है न ईश्वर का बख़्शा हुआ ये मानव जीवन, जिसकी नस नस में वात्सल्य पोषित होता है, किंतु इस अमृत का विष में रूपाँतरण क्यूँ, कब और कैसे हो गया ये गँभीर चिंतन का विषय है।धरती, आकाश,…

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