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बैसाख़ पर गुलज़ार हो हर हृदय में प्रेम की शाख़

कविता मल्होत्रा (स्थायी स्तंभकार, संरक्षक) प्रेम के पल्लवों से गुलज़ार हो जाए हर शाख़ नवचेतना हर रूह में उतरे तो घटित हो बैसाख़ वक्त की रफ़्तार और प्रकृति के प्रहार धीमे धीमे अपने विभिन्न रंगों से समूचे विश्व को रंग रहे हैं।वैश्विक स्वास्थ्य केवल दैहिक उपकरणों की देख-भाल का परिमाण नहीं है, बल्कि वैश्विक मानसिकता…

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उठो द्रोपती वस्त्र सभालो

उठो द्रोपती वस्त्र सभालो, अब कृष्ण नहीं आएगा.घर घर में दुशाशन बैठा, वस्त्र कँहा से लाएगा..दर्योधन के मित्र कर्ण, तुम्हे थनों में मिल जायेंगे.अपनी बीती कंहोगी ज़ब तुम, तुम पर दाग लगाएंगे..कोई न होगा तेरा अबला, कोई न धीर बधाएँगा.उठो द्रोपती वस्त्र सभालो, अब कृष्ण नहीं आएगा —-(1)मानो कैंस दर्ज होजाये, क़ानून की फाइल मे.दस…

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भूकंप

मत बनाओ! इंसानों गगनचुंबी इमारतें धरती खोदकर वरना: कुदरत का करिश्मा! आंखों से देख ली फिर भी नहीं मानते अपनी बुद्धि का प्रदर्शन करते रहते सर पर मौत का छत डालकर बना लेते सौ सौ तल्ले और अहंकार में कहते मेरे देश की बल्ले बल्ले। जब सहती नहीं भार पृथ्वी की परतें सौ सौ तल्ले…

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हाउसिंग फॉर ऑल 2022 का लक्ष्य पूरा करने को बने अलग से मंत्रालय : केके खंडेलवाल

-चैलेंजिस फॉर हाउसिंग फॉर ऑल 2022 में बोले हरेरा चेयरमैन-रियल एस्टेट को जनता के हितों का ध्यान रखने की सलाह-अग्रवाल वैश्य समाज की ओर से आयोजित किया गया वेबीनारगुरूग्राम, 12 जुलाई। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेरिटी अथॉरिटी (हरेरा) के चेयरमैन डा. केके खंडेलवाल ने कहा कि हाउसिंग फॉर ऑल 2022 का लक्ष्य पूरा करने के लिए…

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ये शायर तो….. नहीं

हम जब भी कोई शायर के बारे में सोचते हैं तो एक कोमल हृदय का नाजुक से तेवर वाला या वाली तस्वीर सामने आती हैं।एक नर्म दिल आदमी जिसके दिल में एक प्यार की शमां जलती हैं जो  खुद तो रोशन होती हैं लेकिन औरो को भी रोशन करने का काम करती हैं।वे एक नाजुक…

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आँसू जो तेज़ाब बन गये

प्रवासी नहीं,ये भारतवासी हैं,सैंकड़ों हजारों किलोमीटर दूर पैदल चलने को मजबूर हैं,इन्हीं को आप राष्ट्र निर्माता कहते हैं,भाग्य विधाता कहते हैं,यही तो आपके मतदाता हैं, जिन्होंने आप को सत्ता तक पहुंचाया है, यही हैं वो,जिनके बारे में संविधान की प्रस्तावना में लिखा है-“हम भारत के लोग”जिन गाँवो को ये लोग लौट रहे हैं, वे सालों…

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होली मिलन

बाबू की खुशी का ठिकाना नहीं था। उसके बाबा का गांव से फोन आया था। बाबा चाहते थे कि बाबू गांव में पूरे परिवार के साथ होली मनाए। होली बाबू का प्रिय त्यौहार था। बाबू को शहर गए हुए एक वर्ष हो चुका था। गांव की पाठशाला से उसने आठवीं की परीक्षा पास की थी। पूरे जिले में…

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बिल्ली को ही सौंपी गई है दूध की रखवाली की जिम्मेदारी

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने हाल ही में पाकिस्तान को आतंकवादी गतिविधियों की निगरानी करने वाली समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है। यह ठीक वैसे ही है जैसे- बिल्ली को ही दूध की रखवाली की जिम्मेदारी दे दी जाए। पिछले दिनों पहलगाम के आतंकी हमले में पाकिस्तान की भूमिका क्रिस्टल क्लियर थी। वे संदिग्ध…

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राखी के दोहे

धागा यद्यपि सूत का,पर दृढ़ औ’ मजबूत । बहिन-सहोदर नेह का,बन जाता जो दूत ।। पर्वों का यह पर्व है,जिसमें रक्षा,नेह । अंतर्मन उल्लास में,होती पुलकित देह ।। धागा बस इक माध्यम,पलता है विश्वास । जिसमें रहती निष्कपट,मीठी-सी इक आस ।। बचपन की यादें लिये,बिखरे मंगल गान । सम्बंधों में है सजा,संस्कार का मान ।।…

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जो जहां हैं वहीं पर रुक जाएं

Doctor Sudhir Singh जो जहां हैं वहीं पर रुक जाएं,‘होम शेल्टर’ का  सहारा ले लें.घर-गांव आने की  हड़बड़ी में,‘कोरोना’का खतरा बढ़ने न दें.सबों की  अपनी जिम्मेवारी है,उससे  हमलोग मुँह  नहीं मोड़ें.देश आपात स्थिति में खड़ा है,हर प्रकार से सब सहयोग करें.वक्त कभी  भी ढहरता नहीं है,आकर तेजी से  गुजर जाता है.‘कोरोना’ भी जाएगा जरूर ही,जागरुक…

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