Latest Updates

बैसाख़ी के फिर मेले हों

श्रीमती कविता मल्होत्रा इतिहास गवाह है कि जहाँ रूह सहमत होती है वहीं रब की रहमत होती है।किसी भी तरह की अनहोनी का अंदेशा सबसे पहले अपनी ही रूह को होता है।ये और बात है कि मानव की चेतना अपने ही चैतन्य के इशारे को नज़रअंदाज़ कर देती है।यूँ तो मानव की पहुँच चाँद तक…

Read More

अल्फाज़

तू  वक़्त न यूँ  ज़ाया  कर  ,         अल्फाज़  मेरे समझने में  | दिल से सुन  ज़ज्बात मेरे   ,          देर ना क़र तू  समझने में  || वो बात क्या जो कहनी पड़े  ,       मै कुछ ना कहूं तू सब सुन भी ले || बात जो छुपी है दिल में        मज़ा क्या जुबाँ…

Read More

कहानी-कला प्रतियोगिता का आयोजन

कम्पोजिट विद्यालय, भतसार, एक आदर्श विद्यालय और अपने उत्कृष्ट  कार्यों से वाराणसी, उत्तर प्रदेश के प्राथमिक/ माध्यमिक विद्यालयों की श्रेणी में प्रथम पंक्ति में अधिकृत रूप से परिगणित है। प्रधानाध्यापक वीरेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि बच्चों को नये-नये कार्यों का प्रशिक्षण देने और भावी आत्मनिर्भरता के गुण  पैदा करने की दिशा में उन्होंने एक…

Read More

कालचक्र : कुछ सच, कुछ कल्पना

कवि और कविता का सम्बन्ध अन्योन्याश्रित ही माना जाता रहा है। यह किसी विद्वत्जन का कथन तो नहीं पर आज कवि वही है जो कविताओं की रचना करता है तथाकविता भी वही जोअपने रचयिता को कवि की संज्ञा दे सकती है। दोनों एक दूसरे के आधार हैं।आज का कवि अपनी रचनाओं में अपने अन्तर की…

Read More

गायों की हो रही है दुर्दशा

भारतीय संस्कृति में जिस गाय को ‘मां’ की संज्ञा दी गई है, उसका ऐसा हश्र लम्पी बीमारी से पहले कभी नहीं हुआ। गायों की दुर्दशा को लेकर अब सिर्फ जिनके घर गाय है वो ही चिंतित हैं।  क्या गाय बचाने की जिम्मेवारी सिर्फ पशुपालन विभाग की ही बनती है, बाकी समाज केवल तमाशा देखे। आज…

Read More

भाजपा को अब संजीवनी की जरूरत !

भाजपा ने जहां – जहां रिक्त स्थान छोड़ा वहा – वहा उसे मुंह की खानी पड़ी । एक – एक करके सात राज्य हाथ से निकल गए , कारण सिर्फ एक था कि इनके पास उन जगहों पर कोई योग्य  कद्दावर नेता नहीं मिला जिसे विधानसभा दल का नेता घोषित करके चुनाव  लड़ा जाय, जिसे…

Read More

क्या हो गया है इन औरतों को?

“जब कोई महिला अपराध में शामिल होती है, तो समाज उसकी परवरिश, चरित्र और कोमलता पर सवाल उठाता है, जबकि पुरुष अपराधियों को अक्सर सहानुभूति या ‘दबंगई’ का जामा पहनाया जाता है।  अपराध का कोई लिंग नहीं होता और स्त्री भी इंसान है — जिसमें अच्छाई-बुराई, स्वतंत्रता और जिम्मेदारी, सब कुछ समाहित है। समाज को…

Read More

मैं बदलूँ तो बदले समाज

आज मनुष्य का जीवन हर प्रकार से त्रस्त और असुरक्षित है।पेट भरने को भोजन नहीं है,कितनीही आशंकाओं के बीच जी रहे हैं और हर ओर सेमनुष्य का शोषण औरउत्पीड़न हो रहा है।ऐसीपरिस्थिति में आदमी के पास केवल एक ही विकल्प बचा है कि वह व्यवस्था को बदल डाले।आज लगभग पूरा विश्व ही कोरोना महामारी की चपेट…

Read More

फिल्म 695 में दिखेगा उभरते सितारे आलाप के अभिनय  का जलवा

पूरा देश राममय लग रहा है जी हाँ दोस्तों आप सभी जानते हैं कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम 22 जनवरी 2024 को हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित देश के नामचीन लोग इस प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होंगे। संत,…

Read More

भारत विकास परिषद सृष्टि शाखा के तत्वाधान में विराट अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित हुआ ‘एक शाम मां के नाम’

पिलखुवा, भारत विकास परिषद सृष्टि शाखा के तत्वधान में एक विराट अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित हुआ कार्यक्रम के संयोजक| वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार अशोक गोयल रहे| कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार| डॉ वागीश दिनकर ने की।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान से सोहन लाल शर्मा प्रेम रहे।आज के कार्यक्रम का…

Read More