Latest Updates

मातृभूमि

देखो मदान्ध हो ड्रैगन ने, फिर हमको ललकारा है। स्वर्गादपि गरीयसी इस मातृभूमि, का कण कण हमको प्यारा है।। आत्मनिर्भर हो भारत अपना , अखंड राष्ट्र का नारा है । चीनियों का बहिष्कार हो , राष्ट्र धर्म हमारा है ।। मानसरोवर का खौलता जल , हिम बना धधकता अँगारा है । बच्चे- बच्चे का अंग…

Read More

जा रहा है कोरोना

जा रहा है कोरोना लेकर कितनों की जान कितनों की बर्बादी ,कितनों का ईमान इतिहास गवाही देगा, उनकी तबाही की गूंजती है जिनके रोने की आवाज खुलने लगे हैं बाजार होने लगी है चहल पहल सुनाई देने लगी गानो की आवाज,पर गूंजती है उनके रोने की आवाज छिन गई है जिनके घरों में रोटियां बुझ…

Read More

लक्ष्मी बाई प्रशिक्षण संस्थान NGO द्वारा ऑनलाइन डान्स प्रतियोगिता का आयोजन

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में लक्ष्मी बाई प्रशिक्षण संस्थान NGO द्वारा ऑनलाइन डान्स प्रतियोगिता देशभक्ति गीतों पर बहुत सुंदर नृत्य किया इसमें 100 प्रतियोगियों ने हिस्सा लियाइस कार्यक्रम के मुख्य संयोजक डॉक्टर पवनदीप कौर स्ट्रॉबेरी किड्ज़ प्ले स्कूल की प्रधानाचार्या जी के निर्देश द्वारा चलाया गया हरमीक कौर ,नेहा शर्मा,ईशा शर्मा ,अध्यक्षा सीमा…

Read More

समाजिक भाईचारे का पर्व है होली- लाल बिहारी लाल

भारत में फागुन महीने के पूर्णिंमा या पूर्णमासी के दिन हर्षोउल्लास के साथ मनाये जाने वाला विविध रंगों से भरा हुआ हिदुओं का एक प्रमुख त्योहार है-होली।होली का वृहद मायने ही पवित्र है। पौरानिक मान्यताओं के अनुसार फागुन माह के पूर्णिमा के दिन ही भगवान कृष्ण बाल्य काल में राक्षसणी पुतना का बध किया था…

Read More

Mauni Amavasya 2022: प्रयागराज संगम में ठंड पर आस्‍था भारी, कोविड गाइडलाइन का हो रहा पालन

मौनी अमावस्‍या 2022 पर मंगलवार को प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्‍य सरस्‍वती के पावन संगम में पुण्‍य की डुबकी लगाने को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। मौनी अमावस्‍या माघ मेला का प्रमुख व सबसे पुण्यदायी स्नान पर्व माना जाता है। बांध के नीचे लाखों श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है। हर डगर, हर…

Read More

अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद

.डॉक्टर मनोज कुमार (23 जुलाई, 1906 से 27 फरवरी, 1931) प्रारंभिक जीवन :-             चंद्रशेखर आज़ाद का जन्म 23 जुलाई, 1906 को उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले के बदर गाँव में हुआ था। उनके पिता पंडित सीताराम तिवारी और माता श्रीमती जगरानी थीं। पंडित सीताराम तिवारी तत्कालीन अलीराजपुर की रियासत में सेवारत थे (वर्तमान में…

Read More

देशप्रेम

“निशि  मुझे आज ही जाना होगा , जल्दी से तैयारी करा दो ।” समर बोला।        “कैसे ,अभी कल ही तो आये हो और आज फिर जाना है ?” निशि का चेहरा उदास हो गया।    “यही तो हमारी वर्दी का कमाल है प्रिये,जब चाहे तब बुलावा आ जाता है ।आखिर जिम्मेदारी भी तो बड़ी…

Read More

मुर्दों का मोहल्ला

हो गया हल्ला जब मिला मुर्दों का मोहल्ला खुले आसमान में गंगा की गोद में सोये हुए प्राणहीन आप के सगे संबंधी।  कौन है? जिम्मेवार! जिन्हें छोड़ कर बालू की रेत में चले जा रहे अपना कर्म पूर्ण कर। बनाकर विविध पंथ, धर्म, पाखण्ड में पड़कर! अपनों को ही चील , कौओं के हवाले कर…

Read More

मानवता और भारतीय संस्कृति

लक्ष्य करने की बात है कि  संघर्ष के इस युग मे जब संघर्ष का कोई बौद्धिक कारण नहीं मिलता तो यही समझ में आता है किहिंसक और कुछ हद तक अहिंसक संघर्ष भी क्रोध स्वार्थऔर संकुचित मानस की उपज है । आध्यात्मिक गुरुओं और जीवनदिशा निर्देशक महापुरुषों ने स्पष्ट करना चाहा है कि जीवन में…

Read More

।। कुछ करते क्यों नहीं ।।

जनसंख्या विस्फोट को कंट्रोल करते क्यों नहीं हैं, मिल सारे नेता ऐसा कोई कानून गढ़ते क्यों नहीं हैं। प्रकृति भी देगी किसी दिन धोखा डरते क्यों नहीं हैं, हम दो हमारे दो का नारा ये सच करते क्यों नहीं हैं। कहीं अकाल सदियों से तो कहीं बरस रहा पानी। आया बुढ़ापा पता ना चला कब…

Read More