Latest Updates

कविता- कलुषित विचार

कलुषित विचारों का हो यदि माली कैसे बगिया महकेगी कैसे कोई नन्ही चिड़िया चहकेगी? भावों की अशुद्धियां अंतर्मन पर अधिकार किये कैसे दिव्य देशना बसेगी आखिर कैसे बगिया महकेगी? खाद पानी नहीं है केवल बिन मौसम बरसात कभी जब तक संयमित ना हो माली आखिर कैसे बगिया महकेगी? बातों से नहीं सीचीं जाती जड़ें गहराई…

Read More

वाराणसी से पीएम ने देश को समझाया बजट का फायदा, पढ़ें भाषण की प्रमुख बातें

धानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर दूसरी बार शपथ लेने के बाद वह दूसरी बार वाराणसी पहुंचे। यहां पहुंचते ही उन्होंने देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 18 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। इसके बाद उन्होंने आनंद कानन पौधारोपण कार्यक्रम की शुरुआत…

Read More

भारतीय राजनीति में आज भी प्रासांगिक एव अद्वीतीय है महात्मा गांधी (पुण्य तिथि-30 जनवरी पर विशेष)

लाल बिहारी लाल भारत में सत्ता दिल्ली सलतनत से मुगल साम्राज्य फिर मुगल से जब सत्ता अंग्रैजो के हाथ में गई तो पहले अंग्रैजों का व्यापारिक उदेश्य था पर धीरे-धीरे उनका राजनैतिक रुप भी समने नजर आने लगा। और वे अपने इस कुटिल चाल में कामयाब भी हो गये । धीरे –धीरे उनके क्रिया-कलापों के…

Read More

सिद्ध बहुत तन की गुफा  (दोहे)

साधे तो सधता सभी, योग बड़ा विज्ञान | मन की इच्छा पूर्ण हो, आ जाये संज्ञान || मन की आंखें खोल तो, देख जगह संसार | वरना सब कुछ सो रहा, जो तेरा अधिकार || सांसों में है भेद सब, सब सांसों का सार | भार समर्पित भाव यह, जीवन का आधार || योग चेतन…

Read More

पुनर्वास

खूबसूरती लिपटी मिली हर निगाह के त्रास में बेवजह तलाशा करते हैं लोग जिस्म ए लिबास में ✍️ कोरोना काल के दौरान कितने ही लोग बेरोज़गार हुए, कितने ही ज़रूरतों के चलते अपनी ही निगाह में शर्मसार हुए। सच है किसी के आगे हाथ फैलाना एक साथ कई मौतें मरने के बराबर है।अपनी आत्मा को…

Read More

एक सौ पचासवीं जयन्ती पर

एक सौ पचासवीं जयन्ती मना रहा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की, पक्ष/विपक्ष मित्र/शत्रु सभी दिखते हैं गांधी के विचारों पर एकमत, आज भी प्रासंगिक हैं उनके विचार/ शिक्षाएँ, तभी तो हुनर को मिलने लगा सम्मान स्वच्छता मन/तन की घर/बाहर/आसपास की ईमानदारी की शर्त अपने लिए सबसे पहले यही तो कहते रहे सदा, सुना/पढ़ा सब लोगों…

Read More

हिन्दी फैल रही दुनिया में

हिन्दी हिन्दुस्तान की ही, रही नहीं अब भाषा फैल रही है दुनिया में, बन जन-जन की आशा हिन्दी हिन्दुस्तान की ही रही…….. आजादी में फर्ज निभाया, बनके जैसे फौजी दसों दिशा के लोग बने थे, अजब मनमौजी बनी देश की भाषा यह, दुनिया की अभिलाषा हिन्दी हिन्दुस्तान की ही रही…….. दुनिया में हिन्दी बिना अब,…

Read More

लघुकथा : हौसलों की उड़ान

बोलते मम्मी से गले लिपट गई। मम्मी की आंखों में खुशी के आंसू निकल पड़े। उन्हें लगा कि आज उनकी मेहनत सफल हो गई। मम्मी (नविता जी) का मन अतीत की स्मृतियों में खो जाता है । अनन्या जब मात्र 10 महीने की थी तभी उसे दिमागी बुखार चढ़ जाता है। उसमे उसका अगर शरीर…

Read More

प्रयागराज में महापुण्य का दुर्लभ संयोग है महाकुंभ – 2025..!

पंकज सीबी मिश्रा / राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी सम्पर्क सूत्र – 8808113709 रामचरितमानस में स्पष्ट कहा गया है कि ‘ माघ मकर रवि गति जब हुई तीर्थ पतिहि आव सब कोई ‘ अतः माघ मास में उत्तरायण की अवधि देवताओं का दिन तथा दक्षिणायन देवताओं की रात्रि है । सूर्य उत्तरायण का न…

Read More

गणतंत्र भारतीयम कार्यक्रम संपन्न

नृत्यालय एवं जी वि क्रियेटिव आर्ट्स हैदराबाद , के तत्वाधन मे ” गणतंत्र भारतीयम ” औनलाइन कार्यक्रम  25 जनवरी 2022 को पूरे उत्साह के साथ मनाया गया  जिसमे गायन, वादन तथा नृत्य तीनो के माध्यम से माँ भारती का वंदन किया गया l इस अवसर पर कोमली शंकर, यशस्वी, सत्य शारदा, तनिमा, साहिती, जानकी, वि. निवेदिता,…

Read More