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श्री चौरासिया ब्राह्मण समाज समन्वय समिति के व्दारा‌ ‘राष्ट्रीय प्रबुद्ध ब्राह्मण‌ महासम्मेलन‌’ का सफल आयोजन

नयी दिल्ली; श्री चौरासिया ब्राह्मण समाज समन्वय समिति द्वारा आयोजित “राष्ट्रीय प्रबुद्ध ब्राह्मण सम्मेलन” कल यानि 23 मार्च 2025 को एनडीएमसी सभागार, 15 संसद मार्ग, नई दिल्ली में परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूषित स्वामी देवादित्यानंद जी महाराज की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। सर्वाधिक प्रतिष्ठित व्यक्तियों में, द्वापरयुग में श्री द्रोणाचार्य जी व्दारा…

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जयहिंदी,जयहिंद’ के जयकारा को हम

डॉक्टर सुधीर सिंह जयहिंदी, जयहिंद के जयकारा को हम, मिलकर हिंद  की  सरजमीन पर उतारें। हिंदी थिरकेगी जनजीवन के अधरों पर, प्रत्येक भारतीय इसके लिए प्रयास करें। समाज और समुदाय के बीच राष्ट्रभाषा, मधुर रिश्तों की दृढ़-बुनियाद रखती है। एकजुटता,भाईचारा और राष्ट्रीयता का; अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करती है। व्यक्ति,समाज और राष्ट्र का प्रगति-पथ; समृद्ध राष्ट्रभाषा…

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बंकिमचंद्र के जन्मदिन पर अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन

भारतीय स्वतंत्रता काल में क्रांतिकारियों का प्रेरणास्रोत -‘वंदे मातरम्’- जो 1937 में भारत का राष्ट्रगीत बन गया, जिसके रचयिता बंग्ला भाषा के प्रख्यात उपन्यासकार एवं कवि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के जन्मदिन पर “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” (साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था) के तत्वावधान में संस्था के अध्यक्ष श्री देवेंद्र नाथ शुक्ल एवं महासचिव डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद के संचालन…

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त्योहार मनाएं, लेकिन शरीर को सेहतमंद रखने के लिए ये फेस्टिव मंत्र भी अपनाएं

विजय गर्ग इस दौरान न तो खानपान पर लोगों का कंट्रोल रह पाता है और न ही वो यह ध्यान रख पाते हैं कि उनके शरीर के लिए कौन सी चीज ठीक है और कौन सी नहीं। इस दाैरान तले-भुने पकवान, मिठाइयां और अल्कोहल का जमकर इस्तेमाल होता है। जब खाने को आसपास इतनी सारी…

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नोबेल विजेता अभिजीत ने डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का निर्देशन भी किया है

नई दिल्ली: भारतवंशी-एमआईटी प्रोफेसर अभिजीत बनर्जी, उनकी पत्नी एस्थर डुफ्लो और हार्वर्ड के प्रोफेसर माइकल क्रेमर को ‘व्यावहारिक रूप से गरीबी से लड़ने की हमारी क्षमता में प्रभावशाली तरीके से सुधार’ के लिए अर्थशास्त्र के क्षेत्र में 2019 के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से पीचएडी की उपाधि हासिल की और…

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तुम्हारे आगमन से

इक  तुम्हारे आगमन से खिली धरा, फैला उजास सृष्टि के कण कण में दिखता नित नया ही अब हुलास….. मन ने भँवर बांध तोड़े छोड़ बैठा हर प्रवास नव स्वप्न जीवित हो उठे दृष्टिगत है अब विभास….. प्रेम अनुभूति में भी है नवीन कल्पना का वास सब धुला व सजा है ज्यों आयोजन हो ख़ास…….

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लघुकथा : मरहम

लेखिका : डोली शाह आज श्रेया म्यूजियम जाने के लिए बिल्कुल तैयार बैठी थी, लेकिन  मेरे दफ्तर से आने में थोड़ी विलंबता के कारण जाना ना हो पाया । वह नाराज  होकर  आराम करने बिस्तर पर चली गई । कुछ ही समय पश्चात सुरेश  पानी पीने फ्रिज तक पहुंचा, श्रेया ने फौरन बोतल लेते हुए…

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डॉ. मनोज कुमार “मन” की तीन कविताएँ

कवि तुम मुझे जगा देना अंसतोष बहुत था उसके मन में, सो, वो रो दिया। जमा हुई भीड़ में उसने, किसी अपने को खो दिया।। अब तो कोई भी बरगला लेता है, मासूमों को राम के नाम पर। देखो गौर से अब जमाने में, वश नहीं रहा किसी का काम पर।। देखो आज फिर आ…

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पायल

कहीं सीमा का बंधन देखो कहीं रात अलबेली है  पैरों की पायल है मेरी  या जंजीर की बेडी है रुके रुके कदमों से देखो अठखेली ये करती है  रुनझुन रुनझुन करते करते  सांझ सलोनी कटती है छम छम करता बचपन बीता  झनक झनक करते यौवन छनक छनक सी बीती उमरिया खनक खनक बरसे बादल  एक…

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जीवन की गतिशीलता के आनंद का उत्सव :मकर संक्रांति

संक्रान्ति का अर्थ है, ‘सूर्य का एक राशि से अगली राशि में संक्रमण (जाना)’। एक संक्रांति से दूसरी संक्रांति के बीच का समय ही सौर मास है।इस दिन, सूर्य मकर रेखा (दक्षिणायन) से कर्क रेखा (उत्तरायण) की ओर बढ़ता है।पूरे वर्ष में कुल 12 संक्रान्तियां होती हैं। लेकिन इनमें से चार संक्रांति मेष, कर्क, तुला…

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