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द्वितीय एएलएस लिट फेस्ट का सफल आयोजन

एशियन लिटरेरी सोसाइटी ( एएलएस ) एक साहित्यिक समुदाय है जिसकी स्थापना लेखक श्री मनोज कृष्णन ने एशियाई कला, संस्कृति और साहित्य को प्रोत्साहित करने के लिए की है। एशियन लिटरेरी सोसाइटी ने 28 फरवरी 2020 को नई दिल्ली के डेलनेट में द्वितीय एएलएस लिट फेस्ट का आयोजित किया। मुख्य अतिथि श्री बाल्मीकि प्रसाद सिंह…

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चैटिंग

अमन बड़े दिनों बाद अपने पुराने शहर माता-पिता से मिलने आया था। घर पहुंचने से पहले जब उसकी गाड़ी बाज़ार से गुज़र रही थी तो उसकी पत्नी मंजू बोली सुनो मेरा कोल्ड ड्रिंक पीने का बहुत मन हो रहा है। ऐसा करो गाड़ी कहीं किनारे लगा कर घर के लिए फल मिठाई भी ले लो…

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शरद पूनम

शरद ऋतु की सुहानी आई है पूनम की रात बरस की इसी रात में होती येअमृत बरसात खीर बना कर सब रखें चंद्र-किरण इसमें  झरे भोग लगा कर खाने से रोग भागें तन के सगरे इसी रात में श्रीकृष्ण ने गोपिन संग रास रचाया रास देखने भोला शंकर पार्वती संग में था आया वर्जित  अन्य…

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बसंत : डॉक्टर सरला

आयो बसंत मधुमाह सखी , सब ओर सुहानी ऋतु छाई । वृक्षों ने नवपत्र किए धारण, कलियां धीरे से मुस्काईं । गीत सुनाती कोकिल देखो, भौंरे  भी  राग   सुनाते  हैं । अम्बर खुश है देखो कितना , देख  धरा   मुस्काई   है । आयो बसंत मधुमाह सखी , सर्वत्र खुशी – सी छाई है । आम्रबौर …

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जीएसटी की वार्षिक रिटर्न भरने की सीमा बढाई

v नई दिल्ली: सरकार ने गुरुवार वार्षिक रिटर्न (जीएसटीआर-9) व रिकंसिलिएशन स्टेटमेंट (जीएसटीआर-9सी) भरने की समय सीमा को बढ़ा दिया। अब वार्षिक र्टिन व रिकंसिलिएशन स्टेटमेंट वित्त वर्ष 2017-18 के लिए 31 दिसंबर 2019 तक व वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 31 मार्च 2020 तक भरा जा सकेगा। केंद्र ने साथ ही इन फार्मो को…

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स्वार्थ निहित राष्ट्रवादियों से सावधान ..!

राष्ट्रवाद के निमित्त देश हित में सामाजिक  रंग और भावना कैसा है,कोई इसे हनुमान की तरह सीना फाड़कर नहीं दिखा सकता। राष्ट्रवादी होने का कोई गीत नहीं गाया जा सकता। राष्ट्रवाद अपने आप में एक जज्बा है, जूनून है जिसे मौक़ा मिलने पर पूरी ताक़त से दिखाया जाना चाहिए ना की पहले भारत तेरे टुकड़े…

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मां सरस्वती की कृपा का पर्व है बसंत पंचमी

मां सरस्वती की कृपा का पर्व है बसंत पंचमी बसंत पंचमी या श्रीपंचमी एक हिन्दू त्योहार है।बसंत की शुरुआत माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी से होती है। इस दिन को बुद्धि, ज्ञान और कला की देवी सरस्वती की पूजा-आराधना के दिन के रूप में मनाया जाता है।यह पूजा पूर्वी भारत, पश्चिमोत्तर बांग्लादेश, नेपाल…

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देश में पनप रहें खतरनाक वीआईपी कल्चर से निजात कब..?

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, महाकाल मंदिर,  अङ्गदानंद आश्रम इत्यादि जगहों पर तेजी से पनप चुके वीआईपी कल्चर ने ना सिर्फ आस्था को चोट पहुँचाना शुरू कर दिया है अपितु लोगो को सनातन और पूजा पाठ से भी दूर करने का काम किया है। मै अभी पिछले सप्ताह काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल धाम गया पर…

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उम्र के पड़ाव पर रिश्तों व समाज की जरूरत

जैसा कि हम सभी जानते हैं मानव जीवन में समाज, धर्म, जाती, रिश्ते, परिवार आदि  की समय समय पर एक दूसरे की जरूरत रहती हैं।  परन्तु आज के युग में मानव जीवन की जटिलता कहो या अपने स्वार्थ के लिए समाज, धर्म, रिश्तों को  निभाने में टाल मटोल करता है, जिस से समाजों के बिखराव…

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बदलाव

सुभाष जी अपनी पत्नी को जैसे ही समझाने का प्रयास करते, उनकी पत्नी मीनू एकदम बिखर जाती। बहु-बहु होती हैं, बेटी-बेटी। बहुत फर्क है दोनों में। बहू कभी बेटी नहीं बन सकती और सास कभी माँ। घर का माहौल भी प्रभावित होता उनकी भेद भरी बातों से।  मीनू जी ज्यादा ही पुराने ख्यालातों की थी।…

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