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“कलबूत” – वंदना गर्ग

अरे वाह! आ गई आपवेलकम! वेलकम!कुशन की टेक लगाकर आराम से बैठीऐ (मनोवैज्ञानिक ने मुस्कुराते हुए आदर भाव से कहा)मैं चाय वाय का इंतजाम करती हूं, मौसम भी अच्छा हुआ है,सच्च पूछो तो मॉनसून की बात ही अलग होती है, है ना!क्या कहती हैं आप?हां बिलकुल , ठीक कहा!हर मौसम का लुत्फ ही अलग होता…

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सवाल किससे करें?

ज़हन में कई हैं ख्याल, सवाल किससे करें? सियासत का बुरा हाल, सवाल किससे करें? करते हैं नंगा नाच, संसद में अब नेता, अपनी ही ठोंके ताल, सवाल किससे करें? सब चाहते बिरयानी, चाँदी के थाल में, ना खाएं चावल दाल, सवाल किससे करें? लूट, हत्या व डकैती, राहजनी बेख़ौफ़, सड़क पर ताण्डव कमाल, सवाल…

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पावन होली की हार्दिक शुभकामनाएं : डॉक्टर सुधीर सिंह

पावन होली की हार्दिक शुभकामनाएं,हर हिंदुस्तानी यहां  सुखी-समृद्ध रहे।सबों के मन में रहे  भाईचारे का भाव,प्रगति-पथ पर सब  सदा अग्रसर रहे। प्रेमपूर्ण परिवेश के रंग में रंग जाने से,फाग का राग दिल गाने लग जाता है।थिरकने लगता है अधर गीत सुनकर,ढोल,मृदंग पर थाप बरसने लगता है। गुलाल की खुशबू  से  भींगा माहौल,वसंत का एहसास  कराने…

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हम हैं तुलसीदास

किसी ने मुझे दरवाजे से आवाज दी, भीतर कोउ है का..? मैंने अंदर से ही पूछा कौन है भाई ? दरवाजे से फिर आवाज आई, हम हैं तुलसीदास। मैंने दरवाजा खोला और उनसे वहीं खड़े-खड़े पूछा क्या चाहिए ? वे बोले कुछ नहीं। मैंने फिर जिज्ञासा से पूछा तो क्या? वे बड़े ही कातर स्वर…

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आत्मालाप –

आत्मा चोला बदलती है— “अरेरे. आत्मा तो चोला बदलती है- सब पुण्यात्माओ   के लिये लोग-बाग कहते थे/फिर  उन्हें जब ‘आत्मा’ कहा था तो—-‘ चोला  डालकर —–‘ कहीं सो गये होगे ? अभी तक- चोला बदल नही पाये होगे – अरे रे गले से नया चोला उतरा ही नहीं होगा…!! जानकर गले में अटका कर दिनभर…

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रँग भेद (एक कथालेख)

गाँ।व की पगडंडी-उस पर चलती हुई मैं।दूर एक पतली सी नदी बहती है जो पथरीली जमीन से होती हुई एक मैदान में पहुँचती है ।जलधारा कभी बहुत पतली हो जाती है और वर्षा का सहारा ले कभी कुछ चौड़ी और छोटी छोटी तरंगों से युक्त भी।अचानक ही इच्छा हुई उस नदी को देखने की।बच्चों को…

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  लोकतंत्र के मंदिर का उद्घाटन : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

नए संसद भवन का उद्घाटन ऐतिहासिक घटना है, यह ऐसी महोत्सव है जो सदियों याद किया जाता रहेगा । अनेक प्रश्नों के निरूत्तर घेरे में संसद भवन का उद्घाटन हो गया और यह भी हो गया कि देश के 21 विपक्षी दलों ने इसमें सहभागिता नहीं निभाई । लोकंतत्र में सभी का एक साथ होना…

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कलाविपंची के अंतराष्ट्रीय म्युसिक फेस्टिवल मे प्रियंवदा के गायन ने खूब सराहना बटोरी

27 जून को संपन्न हुए कलाविपंची के अंतर्राष्ट्रीय संगीत कार्यक्रम मे अनुराधा प्रकाशन परिवार की सदस्य कवयित्री और गायिका प्रियंवदा जी की प्रस्तुति सराहनीय रही l इस ऑनलाइन म्युज़िक फेस्टिवल मे सिंगापुर, मलेशिया,दोहा, डेनमार्क, श्रीलंका, कतर, स्वीडेन, लंदन, कनाडा और USA के कलाकारों ने संगीत और नृत्य की बेहतरीन प्रस्तुतियाँ दीं lआज हम ठुमरी गायिका…

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हिंदुस्तान में पुन: सुख-समृद्धि लाना है.

चुनौतियां आती हैं और  चली जाती हैं,किंतु गहरी छाप छोड़ कर ही जाती हैं.वैसी ही चुनौती ‘कोरोना का वायरस’है,जिसनेआदमी की परेशानियां बढ़ाई है.हरेक चुनौती का एक ही लक्ष्य होता है,इंसान के धीरज की अग्नि-परीक्षा लेना.‘लॉकडाउन’ की सफलता को देख कर,कोरोना ने शुरू किया संक्रमण समेटना.इंसान के  संयम व सत्प्रयास के सामने,किसी शत्रु का  बिल्कुल  नहीं…

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बीबा द्वारा पटना में विशेष महिला मिलन समारोह का आयोजन

नारी वंदन की भावना के साथ ग्रीष्मकालीन शैली और उत्सव परिधानों का उत्सव स्थान: पटनादिनांक: 18 अप्रैल 2026 भारत के अग्रणी जातीय परिधान ब्रांडों में से एक, बीबा ने क्षेत्रीय बाजारों में अपनी मजबूत उपस्थिति को और सुदृढ़ करते हुए बिहार को एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया है, जिसमें पटना इस विस्तार…

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