राष्ट्र, समाज और संघ: शताब्दी की नयी दृष्टि
संघ की शताब्दी यात्रा का उद्देश्य केवल संगठन विस्तार नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों में संतुलन, संस्कार और एकता लाना है। डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भारत अखंड है और हिन्दू राष्ट्र की भावना जीवन और संस्कृति में निहित है। संघ का कार्य निःस्वार्थ सेवा, शिक्षा में संस्कार और सामाजिक उत्थान पर केंद्रित…
