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गीतों के होठों पर

फिर वही यादों की बारिश,वही गम का मौसम। जाने कब झूम के आएगा प्यार का मौसम। ख्वाबों के ताजमहल, रोज बना करते हैं, वादों के शीश महल, चूर हुआ करते हैं। फिर वही टूटी उम्मीदों के खंडहर सा मौसम, जाने कब झूम के आएगा प्यार का मौसम। चांदनी आती नहीं, चांद भी नहीं आता, तारों…

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देश की तरक्की के लिए धन और ब्रेन, ड्रेन को रोकना जरूरी*

(राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी) के पांच साल) स्कूल समाजीकरण के प्राथमिक माध्यम के रूप में नागरिकों के निर्माण में पहला और सबसे महत्वपूर्ण घटक है। इवान इलिच ने अपनी पुस्तक ‘डिस्कूलिंग सोसाइटी’ (1971) में तर्क प्रस्तुत किया है कि “शिक्षा का संस्थागतकरण एक अति-संस्थागत समाज के निर्माण को गति प्रदान करता है। शिक्षा प्रणाली एक…

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संसद की सुरक्षा व्यवस्था सरकार की नहीं, मेरी जिम्मेदारी है : लोकसभा स्पीकर

लोकसभा की सुरक्षा में बुधवार को हुई चूक के मामले में गुरुवार को भी लोक सभा में जमकर हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने सरकार के जवाब और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष सरकार की तरफ से जवाब की मांग करते हुए गृह मंत्री अमित…

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सिक्सटी प्लस,पाओ यश

बचपन,यौवन,प्रौढ़ावस्था, बुढ़ापा ये तो प्रत्येक के जीवन की अमिट कहानी है।राजा हो या रंक,धनी हो या धनहीन,उद्योगपति हो या मज़दूर सब को हीइस चक्र से ही गुजरना हीगुजरना है।गौतम बुद्ध ने तो बूढ़े व्यक्ति को देखकर व्यथित हो वैराग्य ले कर  राजपाट को ही त्याग दिया था। इन्सान अपनीजवानी के पैंतीस-चालीसवर्ष धनोपार्जन व बच्चों के पालनपोषण…

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मैच फिक्सिंग ( हास्य कविता )

मैच खिलाड़ियों का फील्डिंग में होता था , देखो , हारकर भी खिलाड़ी चैन से सोता था , हम सोचते थे पहले ,हर मैच में ही हार होती है , क्या समझते थे हम कि , जिंदगी दुशवार होती है । जीतते है तो बस दुनियाँ में ही नाम होता है , मिलते है कम…

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व्यंग्य – जात न पूछिए नेता की…!

जीवन में कोई कब कोई नेता किस धर्म जाति संप्रदाय का हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता । आजकल के ट्रेंड में हर संप्रदाय का अपना रूल रेगुलेशन है  । किसी को डॉगगिरी पसंद है तो किसी को घाघगिरी । अपने पलटूराम भैया को ही ले लीजिए ताजा ताजा मीम समर्थक बने थे और…

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भारत माता अभिनंदन संगठन द्वारा नव वर्ष परआयोजित विराट काव्य संध्या भारत माता व देश के वीर सपूतों को समर्पित

भर हृदय में खुशी भूल जा सर्व गमप्रदेश प्रभारी कवयित्री बीना गोयल* भारत माता अभिनंदन संगठन द्वाराविराट काव्य संध्या का आयोजन भारत माता व देश के वीर सपूतों को समर्पित कर कवियों ने एक से बढ़कर एक रचना प्रस्तुत की। कार्यक्रम जिला अध्यक्ष नीलम मिश्रा तरंग के नेतृत्व में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षतावरिष्ठ कवि एवमसाहित्यकार…

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ऐसे सुधरेगा वहशी समाज

सुबह जैसे ही टी वी खोलते ही लोगों ने हैदराबाद के चारों बलात्कारियों के एन्काउन्टर में मारे जाने का समाचार सुना,तो पूरे देश में खुशी व उल्लास का वातावरण छा गया। ऐसे वीभत्स कांड के इतनी जल्दी पटाक्षेप ने जन मानस में आशा का संचार कर दिया। 16 दिसम्बर को निर्भया कांड को सात साल…

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लेखक श्री लीलाराम वर्मा होंगे सम्मानित

अनुराधा प्रकाशन ,नई दिल्ली के बैनर तले मार्च 2024 में वर्तमान के ज्वंलत समाजिक मुद्दे बाल यौन शोषण पर प्रकाशित तथा लेखक श्री लीलाराम वर्मा द्वारा लिखित पुस्तक बाल यौन शोषण : दुनिया के माथे पर कलंक एक बेहतरीन पुस्तक है, जिसमें लेखक ने बाल यौनशोषण/उत्पीड़न से संबंधित सभी पहलुओं जैसे इसके कारण, सामाजिक भूमिका,बच्चों…

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राम से बड़ा राम का नाम : लता गोयल

राम हिंदू संस्कृति का प्रतीकात्मक शब्द है। राम शब्द के उद्बोधन में ईश्वरत्व का आभास होता है। राम शब्द हमें उस अलौकिक शक्ति का एहसास कराता है जो इस पूरे ब्रह्मांड का रचयिता है, जिस शक्ति के आगे बड़े से बड़े ऋषि और बड़े से बड़े वैज्ञानिक भी नतमस्तक होते हैं। फिर प्रश्न यह है…

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