योग और अध्यात्म
आओ, योग करें हम और करें आत्म- मन्थन, योग हमारे लिए आज है कितना उपयोगी? इसका है अभिप्राय पुरुष-प्रकृति की विवेचना और पुरुष- तत्व का आसन- रूप में विश्लेषण है। गीता में भी कहा कृष्ण ने पुरुष-प्रकृति विश्लेषण है, अन्य वक्ता भी इसको इसी अर्थ मैं हैं मानते। इसके होते पन्द्रह प्रकार जो अति महत्वपूर्ण …
