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स्व. प्रो. बाँके बिहारी झा करील द्वारा रचित दो  काव्यसंग्रह “अभिसारिका एवं “हितोपदेश” का भव्य लोकार्पण

प्रेस विज्ञप्ति दिनांक 22 मई 2022 रविवार को हिन्दी भवन दिल्ली में स्व. प्रो. बाँके बिहारी झा करील द्वारा रचित दो  काव्यसंग्रह “अभिसारिका -आत्मा से अनंत तक” एवं “हितोपदेश” का भव्य विमोचन किया गया। स्व. करील जी बिहार (मिथिला) के एक जाने माने संत, कवि,लेखक ,शिक्षाविद एवं समाजसेवक रहे हैं। उनकी पूर्व रचना “करील कादम्बिनी”…

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कौन सुलगा रहा है हमारे भारतवर्ष को धर्म के नाम पर?

आए दिन दंगों की वजह से भारत की छवि खराब होती जा रही है ।क्या किसी को कारण पता है? दंगों की वजह क्या है ? दंगों के पीछे जो खेल खेला जा रहा है। हम भारतवासी समझ ही नहीं पा रहे ।आपको नहीं लगता है कि ये सिर्फ और सिर्फ साजिश है ,भारत की…

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संस्मरण : यादगार बोहाग बिहू

बैशाख का महीना असम के लिए खास होता है। बैशाख जिसे असमिया में बोहाग कहते है, इस महीने में बोहाग बिहू मनाया जाता है। यह रोंगाली बिहू और भोगाली बिहू के नाम से भी जाना जाता है। गांवों में घर धन-धान्य से भरे होते है। भोग करने के साधन होते हैं और फल-फूल से भरे…

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कबीरा खड़ा बाज़ार में ………..

 देश में आपसी सद्भाव का मौसम बनता बिगड़ता रहा है । इन सबके बीच दिल्ली से भाजपा नेता बग्गा की गिरफ्तारी , शाहीन बाग से बुलडोजर की बिना एक्शन वापिस लौटना , कांग्रेस का पत्थरबाजो का हिमायती होना और ताजमहल का भी ऑपरेशन कराने के खबर के बीच अब राजनीति ज्ञानवापी और मथुरा की तरफ…

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जो इस देश का नागरिक है, उसे राष्ट्रगान गाना चाहिए : शाहनवाज

बिहार के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने शुक्रवार को यहां कहा कि राष्ट्रगान में किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो इस राष्ट्र का नागरिक है, उसे राष्ट्र से प्रेम करना चाहिए और राष्ट्रगान को निश्चित रूप से गाना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी के सहयोग कार्यक्रम में उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज…

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शांति तभी कायम होगी जब लोगों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा होगी: सीजेआई

भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) एन. वी. रमना ने शनिवार को कहा कि शांति तभी कायम होगी, जब लोगों की गरिमा और अधिकारों को मान्यता दी जाएगी और उनकी रक्षा की जाएगी। सीजेआई ने श्रीनगर में एक नए उच्च न्यायालय भवन परिसर की आधारशिला रखने के बाद यह टिप्पणी की। उन्होंने इस बात पर जोर…

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चिन्तन शिविर से  उपजे सवाल

राजनीतिक सफरनामा                                                                                                    कुशलेन्द्र श्रीवास्तव मई की तपती दुपहरी और राजस्थान की मरू भूमि पर कांग्रेस का चिन्तन शिविर आयोजित किया । कांग्रेस को वैसे भी चिन्ता और चिन्तन दोनों की आवश्यकता तो है । उनके अपने ही सदस्यों ने चिन्ता व्यक्त की और हाईकमान ने चिन्तन शिविर लगा दिया ‘‘आओ हम मिलकर चिन्तन करें’’…

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बुलडोज़र की सार्थकता

कविता मल्होत्रा (स्थायी स्तंभकार एवं संरक्षक उत्कर्ष मेल) आजकल अवैध क़ब्ज़ों को लक्षित करते हुए बुलडोज़र पर चर्चा आम है अनश्वर प्रेम को नज़रअंदाज़ करती नश्वर सत्ता का ही तो ये परिणाम है रक्त मास से बनी मानव देह की ज़रूरतें उतनी बड़ी नहीं हैं जितनी बड़ी उसकी अधिग्रहण की चाहतें हैं। मानव जीवन का…

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घमासान

क्यों हो रहीं हैं घुटन क्यों डर रहा हैं मन कहीं तो हो रहा हैं इंसानियत पर जुल्म घुट घुट के मार रहें हैं लोग या मर मर के जी रहे हैं लोग मासूमों के हाल बुरे हैं सपने देखने वाले सो कहां पा रहें हैं आग सैलाब की लपटों में जुलसे जा रहें हैं…

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कुछ बेबसी ऐसी भी

          आज पहली बार आभास हुआ कि कुछ विवाहित महिलाएं कितनी वेबस और लाचार होती हैं। चाहे वे नौकरी करने वाली हों या घरेलू  महिलाएं दोनों के ही साथ बहुत सारी पाबन्दियां जुड़ी होती हैं।अभी कल की ही तो बात है मिसेज शर्मा पति के दो शर्ट पैंट लेकर गली गली प्रेस वाले की दुकान…

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