दोहों के मनके
अपना अपना ज्ञान है,सब जग रहा बखान। माने खुद को ही बड़ा,दें न किसी को मान।। देखो सजा बजार है , दुनिया में सब ओर। अपना अपना ज्ञान वे , बेच रहे पुरजोर ।। ज्ञानी सब बनते फिरें , सच से होकर दूर। अपना अपना ज्ञान ले, फिरते मद में चूर ।। राम और रहमान…
