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महिला सशक्तिकरण की दौड़ जीतती भारतीय रेलवे

(पुरुषों के गढ़ तोड़ने वाली “प्रथम महिलाओं” को पहचानने की आवश्यकता) कैबिनेट द्वारा स्वीकृत नियुक्तियों के नवीनतम दौर के साथ पहली बार रेलवे बोर्ड में महिलाएँ ड्राइवर की सीट पर हैं। कांच की छत को तोड़ते हुए, रेलवे बोर्ड का नेतृत्व पहले से ही एक महिला द्वारा किया जा रहा है, अब संचालन और व्यवसाय…

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सलाह देने की आदत

हेमंत जी अपना घर बड़े मन से बनवा रहे हैं। कोई कसर न छोड़ी मकान बनवाने में। पूरी जिंदगी का ख्वाब जो पूरा हो रहा था उनका। बचपन से ही पुराने मकान में रहते हुए जिंदगी गुजर गई। अब अपने मकान का घर का सपना पूरा हो रहा था। सारा दिन मकान बनवाने की भागा…

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प्रयागराज में महापुण्य का दुर्लभ संयोग है महाकुंभ – 2025..!

पंकज सीबी मिश्रा / राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी सम्पर्क सूत्र – 8808113709 रामचरितमानस में स्पष्ट कहा गया है कि ‘ माघ मकर रवि गति जब हुई तीर्थ पतिहि आव सब कोई ‘ अतः माघ मास में उत्तरायण की अवधि देवताओं का दिन तथा दक्षिणायन देवताओं की रात्रि है । सूर्य उत्तरायण का न…

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प्रयागराज  के संगम पर भक्तों का मेला

राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव सम्पूर्ण भारत जैसे प्रयागराज में सिमट गया हो……..12 वर्षों के बाद पड़ने वाला इस बार का महाकुम्भ प्रचार-प्रसार और व्यवस्थाओं के चलते आमजन का आकर्षण का केन्द्र बन चुका है। सनातन संस्कृति की विरासत के इस माहपर्व पर लोग या तो पहुंच चुके हैं या पहुंचने वाले हैं जो नहीं…

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गंतव्य संस्थान के सदस्यों  की टीम द्वारा निराश्रित वरिष्ठ नागरिकों को कंबल व खाद्यान्न  सहयोग

गंतव्य संस्थान के सदस्यों  की टीम निराश्रित वरिष्ठ नागरिकों को कंबल व खाद्यान्न  सहयोग  अभियान के अंतर्गत आज  माता रामबेटी वृद्धाश्रम , मुकरबा चौक , करनाल बाईपास  दिल्ली पहुची जहां सभी ने बुजुर्गों को कम्बल ओढा कर व फल आदि देकर सम्मानित किया साथ ही करीब एक महीने का राशन व फल भी आश्रम के…

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विश्व हिंदी दिवस को समर्पित पंक्तियां

डॉक्टर सुधीर सिंह जी (शेखपुरा, बिहार ) हिंद और हिंदी हिंदुस्तानी की पहचान है,वही हमारी राष्ट्रीय अस्मिता की जान है।हिंदी की श्रेष्ठता को संसार स्वीकार कर,सरेआम कह रहा है हिन्दुस्तान महान है। भाषाअभिलाषा को कार्यान्वित करती है,उससे ही व्यक्तित्व का विकास होता है।हिंदी की भव्यता ही भारत का भविष्य है,इसलिए वह हमारी प्यारी राष्ट्रभाषा है।…

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प्रिय सेवानिवृत्त या वरिष्ठजन :

            हम लोग वरिष्ठ नागरिक स्वरूप 55 से  60 के उस पार एक शानदार उम्र के दौर में हैं । शायद हम लोग उम्र के इस मोड़ पर भी बहुत खूबसूरत दिखते हैं, ऐसा मेरा विश्वास है । हमारे पास लगभग वह सब कुछ है जो हम बचपन में चाहते थे ।       हम स्कूल…

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बदलाव

सुभाष जी अपनी पत्नी को जैसे ही समझाने का प्रयास करते, उनकी पत्नी मीनू एकदम बिखर जाती। बहु-बहु होती हैं, बेटी-बेटी। बहुत फर्क है दोनों में। बहू कभी बेटी नहीं बन सकती और सास कभी माँ। घर का माहौल भी प्रभावित होता उनकी भेद भरी बातों से।  मीनू जी ज्यादा ही पुराने ख्यालातों की थी।…

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ट्वेंटी – ट्वेंटी फाईव में बड़का वेलकम

पंकज सीबी मिश्रा / राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार जौनपुर यूपी दिसंबर खत्म और ये जनवरी इस साल फिर से शुरू हुई और अबकी साल 2025 में बस नीतीश चचा के पलटने का इंतजार है अथवा मफलर मैन के फेयरवेल का आयोजन सुनिश्चित हो जाए या फिर दोनों में से कौनो एक काज हो जाए तो…

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नये साल का रोचक इतिहास : लाल बिहारी लाल

नव वर्ष उत्सव  मनाने की परंपरा 4000 वर्ष पहले बेबीलोन(मध्य ईराक) से शुरु हुई थी जो 21 मार्च को मनाया जाता था, पर रोम के शासक जुलियस सीजर ने ईसा से 45 ई. पूर्व जूलियन कैलेंडर की स्थापना विश्व में पहली बार की तब ईसा पूर्व इसके 1 साल पहले का वर्ष यानी  46वें ईसा…

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