व्यवस्था परिवर्तन बनाम आत्म परिवर्तन -राजेन्द्र परदेसी
पक्ष हो या विपक्ष, चुनाव आते ही दोनों जनता से कहते हैं – “व्यवस्था बदलो”। वही आम जनता, जो प्रतिनिधि चुनकर व्यवस्था चलाने के लिए भेजती है। जिसे अधिक लोग चुनकर भेजते हैं, उसी को सत्ता मिलती है। हम हर पांच साल में एक सपना देखते हैं। “इस बार व्यवस्था बदल जाएगी”। नया नेता आएगा,…
