पथ के हो राही
पथ के हो राही तुम हो पथिक थक के न हारो थोड़ा भी तनिक थोड़ा धीरज धर बढ़ते जाना एक दूजे का मनोबल बढ़ाना, आएंगी बाधाएं हजार साहस को तुम बनाना आधार, टेड़ी मेड़ी होगी डगर चलते जाना तुम हो निडर, आएगी जो भी है रुकावट वो तो होगी बस क्षणिक… पथ के हो राही…
