रिश्ता आत्मा का-(चूड़ीवाला)
कहानी बहुत पुरानी है———। –मईयाँ—–मईयाँ—-। यह स्वर सुनते ही सुधा दौड़कर दरवाजे पर गयी।उसका हृदय खुशी से भर गया। दृष्टि हाथों की कलाईयों पर जा पड़ी। यह स्वर चूड़ीवाले काथा। माथे पर चूड़ियों कीटोकरी।कमर में चारखाने की रंगीन लुंगीलपेटे वह दरवाजे पर आकर हाँक लगा रहा था।उसकी कमीज सफेद थी जिसकी पूरी बाहों को उसने…
