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गंतव्य संस्थान ने मनाया विश्व पर्यावरण दिवस और किया प्रतियोगिता में विजेता और शिक्षकों को सम्मानित

गर्मियों की छुट्टियों में कई सामाजिक एवं रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी बच्चों के लिए समर कैंप का आयोजन कर रहे हैं ।आज 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया सभी संगठनों के अध्यक्ष/महासचिव , स्वयंसेवक शिक्षक व बच्चों ने इसमें भाग लिया ।कार्यक्रम की अध्यक्षता धर्मगुरु पंडित चन्द्रवल्लभ बुडाकोटी जी ने की व अतिथियों के…

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श्यामा

माता-पिता बहुत देखभाल करने के बाद अपनी बेटी का रिश्ता कहीं पर करते हैं। किसी के भी माथे पर यह नहीं लिखा होता कि वह कैसा इंसान है। ऐसे ही श्यामा के मां बाप भी अपनी बेटी के लिए कोई एक अच्छा सा रिश्ता तलाश रहे थे।“अरे भाई कोई अच्छा रिश्ता हो तो बताओ, श्यामा…

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02 जून का दिन वास्तव में गहन चिंतन का दिन है

आज के दिन यानी 02 जून, 1947 को भारत के शीर्ष नेताओं ने भारत के अंतिम वायसराय लॉर्ड लुईस माउंटबेटन के घर पर देश के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक के लिए एकत्र हुए। और वह बैठक थी भारत-पाक विभाजन की योजना के संबंध में। माउंटबेटन, जो सिर्फ़ तीन महीने पहले ही…

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दरवाजे पर दस्तक देता कोरोना

राजनीतिक सफरनामा दरवाजे पर दस्तक देता कोरोना कुशलेन्द्र श्रीवास्तव कोरोना की फिर से वापिसी हो गई है । देश के कई राज्यों में कोरोना के मरीज मिलने शुरू हो गए हैं इनमें मध्यप्रदेश भी शामिल है । इदौर में कोरोना के मरीज मिले हें जिनमें एक मरीज तो अहमदाबाद से आया है ऐसा माना जा…

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बेलगाम आतंकवाद एक वैश्विक समस्या बन जाएगी

पाकिस्तान के घरेलू आतंकवाद के बारे में सबूतों की कोई कमी नहीं है। इसने IC-814 का अपहरण करने वालों का साथ दिया, 26/11 मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों को पनाह दी, दुनिया के सबसे वांछित आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को अपनी सैन्य अकादमी से एक मील से भी कम दूरी पर एक सुरक्षित पनाहगाह…

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आज के दिन ही उगा था हिंदी मीडिया का सूरज

(हिंदी पत्रकारिता की दो शताब्दी का सफर) 19 वीं सदी के कलकत्ता की चहल-पहल भरी गलियों में, घोड़ों की गाड़ियों के शोर और ताज़ी चाय की खुशबू के बीच, एक शांत क्रांति आकार ले रही थी। 30 मई, 1826 को उदंत मार्तंड नामक एक मामूली साप्ताहिक का प्रकाशन शुरू हुआ था-जिसका अर्थ है “उगता हुआ…

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आतंकवाद के जड़मूल नाश से पूर्व यह’ ऑपरेशन सिन्दूर’ रुकेगा नहीं : मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (संपादक)

22 अप्रैल को हुआ पहलगाम (जम्मू कश्मीर में) हमला जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। उन परिवारों को या कहें पूरे देशवासियों को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया जो जीवन भर दर्द का अहसास कराता रहेगा किन्तु उन परिवारों के साथ पूरे देश की जनता की आवाज एक सुर में उठने…

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पत्रकारिता : चुनौती एवं भविष्य : विजय गर्ग

हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर यदि सामाजिक सरोकार रखने वाली निष्पक्ष पत्रकारिता तथा पीत पत्रकारिता के बारे में बात न हो,तो हिंदी पत्रकारिता दिवस की महत्वत्ता का आंकलन नही किया जा सकता। वर्तमान परिदृश्य में पीत पत्रकारिता की प्रबलता और स्वार्थसाधनी राजनीति निजी महत्वकांक्षा के चलते पत्रकारिता मिशन न रहकर व्यवसाय बन चुका है।…

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भारतीय शौर्य के आगे झुका पाकिस्तान, पीओके वापिस देने का बढ़ा दबाव …! पंकज सीबी मिश्रा 

पंकज सीबी मिश्रा  / पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक जौनपुर यूपी भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ आतंक के विरुद्ध जारी युद्ध को फिलहाल अमरीकी हस्तक्षेप के बाद अस्थाई तौर पर रोक दिया है। भारतीय सोशल मीडिया पर भारत के लोगो का गुस्सा स्पष्ट देखा जा सकता है । भारत ने केवल तीन दिन में पाकिस्तान…

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कब तक बचोगो पाकिस्तान……: कुशलेन्द्र श्रीवास्तव

                                                                                                                 राजनीतिक सफरनामा बच गया पाकिस्तान, लगता है उसकी किस्तम ही अच्छी थी, वरना अब तक तो वहां तिरंगा लहरा रहा होता । हम तो पूरी तरह तैयार भी थे आम लोगों ने भी मानसिकता बना ली थी कि रोज-रोज की झंझट से अच्छा है कि एक बार में ही निपटा लो । हम भारतवासी…

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