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उत्कर्ष मेल 16-30 अप्रैल (सम्पादकीय )
उत्कर्ष मेल (राष्ट्रिय पाक्षिक पत्र) 16-30 अप्रैल (सम्पादकीय )14 अप्रैल को अम्बेडकर जयंती के विशाल कार्यक्रम -राष्ट्रीय-प्रादेशिक एवं जिला स्तर पर सरकारी, गैरसरकारी तथा समितियों द्वारा आयोजित किए गये, जिनमें पार्टी बाजी से इतर सबने मिलजुल कर संविधान निर्माण में अहम भूमिका अदा करने वाले डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी को नमन-वंदन करते हुए ठोस लोकतन्त्र…
भारत में वैदिक कालीन शिक्षा पद्धति
डॉ ज्योत्स्ना शर्मा संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार (मो.)- 9810424170 @ j.shriji@gmail.com शिक्षा समाज और मानव विकास की आधारशिला है। जब मानव जाति के लिए शिक्षा शब्द का प्रयोग किया जाता है तब उसका अर्थ विवेक से लिया गया यानी मनुष्य की वह स्थिति जिसके अंतर्गत उसमें अंतर्निहित शक्तियों का निरंतर विकास होता है तथा उसके…
राज्यपाल को राह दिखाई कोर्ट ने
राजनीतिक सफरनामा राज्यपाल को राह दिखाई कोर्ट ने कुशलेन्द्र श्रीवास्तव माननीय सर्वोच्च न्यायालय का एक फैसला इन दिनों चर्चाओं में हैं । ‘‘राज्यपाल किसी पार्टी के प्रतिनिधि के प्रतिनिधि नहीं बन सकते’’ इस सख्त टिप्पणी के बहुत गहरे मायने हैं । तमिलनाडु सरकार द्वारा वहां के गवर्नर द्वारा विधानसभा में पारित प्रस्तावों को…
हर दिल अजीज मनोज कुमार को शत-शत नमन..!
तरीका यह है कि सिनेमा, खासकर बॉलीवुड ने इसे अलग-अलग युगों में कैसे परिभाषित किया है। 87 साल की उम्र में “भारत” मनोज कुमार (जन्म हरिकृष्ण गिरि गोस्वामी, 24 जुलाई, 1937) का निधन हमें सोचने का मौका देता है। उन्होंने किसी भी अन्य अभिनेता से ज़्यादा देशभक्ति, राष्ट्रवाद, अच्छी नागरिकता, वैध जीवन और एक सद्गुणी…
क्या सचमुच सिमट रही है दामन की प्रतिष्ठा?
समय के साथ परिधान और समाज की सोच में बदलाव आया है। पहले “दामन” केवल वस्त्र का टुकड़ा नहीं, बल्कि मर्यादा और संस्कृति का प्रतीक माना जाता था। पारंपरिक वस्त्रों—साड़ी, घाघरा, अनारकली—को महिलाओं की गरिमा से जोड़ा जाता था। “दामन की प्रतिष्ठा” अब भी बनी हुई है, परंतु उसकी परिभाषा बदल चुकी है। परंपरा और…
अश्लील और कानफोड़ू गानों से करें परहेज
शादी एक पवित्र और भावनात्मक अवसर होती है, जिसमें दो परिवारों का मिलन होता है। इस अवसर पर संगीत का चयन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह हमारे मूल्यों, रिश्तों और भावनाओं का भी सम्मान करना चाहिए। शादी में बजने वाले गाने रिश्तों की गरिमा, परिवार की भावनाओं और संस्कृति को भी…
श्री चौरासिया ब्राह्मण समाज समन्वय समिति के व्दारा ‘राष्ट्रीय प्रबुद्ध ब्राह्मण महासम्मेलन’ का सफल आयोजन
नयी दिल्ली; श्री चौरासिया ब्राह्मण समाज समन्वय समिति द्वारा आयोजित “राष्ट्रीय प्रबुद्ध ब्राह्मण सम्मेलन” कल यानि 23 मार्च 2025 को एनडीएमसी सभागार, 15 संसद मार्ग, नई दिल्ली में परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूषित स्वामी देवादित्यानंद जी महाराज की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। सर्वाधिक प्रतिष्ठित व्यक्तियों में, द्वापरयुग में श्री द्रोणाचार्य जी व्दारा…
धरती पर लौटीं सुनीता विलियम्स: एक ऐतिहासिक वापसी
(सुनीता विलियम्स की उपलब्धियाँ न केवल भारतीय वैज्ञानिकों बल्कि देश के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं।) सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की धरती पर सुरक्षित वापसी एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि मानी जा रही है। वे जून 2024 में बोइंग के “स्टारलाइनर” मिशन के तहत अंतरिक्ष गए थे, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते…
बदलते ज़माने की रंग बदलती होली
आज हम जो होली मनाते हैं, वह पहले की होली से काफ़ी अलग है। पहले, यह त्यौहार लोगों के बीच अपार ख़ुशी और एकता लेकर आता था। उस समय प्यार की सच्ची भावना होती थी और दुश्मनी कहीं नहीं दिखती थी। परिवार और दोस्त मिलकर रंगों और हंसी-मजाक के साथ जश्न मनाते थे। जैसे-जैसे समय…
अवगुण सबों में है – आशा सहाय
दिनांक –13-2-2025 Speaking tree,–Times of India .“We look upon the world and see ourselves. What we experience is but a reflection of our inner state. when we perceive toxicity, it provides a mirror into our inner world .Notice what you think is wrong in a person , but be sure that a similar defect lies…
