साहित्य
नाटिका : “मिच्छामी दुक्कडम “
पात्र परिचय: 1 नव्या एक स्कूल गर्ल। उम्र 17 वर्ष2_ नीलू कॉलेज गर्ल उम्र 18 वर्ष3_झलक कॉलेज बॉय उम्र 20 वर्ष4_ मां उम्र 50 वर्ष5 पिता उम्र 54 वर्ष 6 नाना जी (बूढ़े आदमी साधु यानी भिक्षु वेश में) उम्र 75 वर्ष7_ नानी जी (बूढ़ी महिला साध्वी वेश में श्वेतांबरी सफेद साड़ी पहने हुए, मुंह…
आत्महत्या कोई विकल्प नहीं
नीट की परीक्षा उत्तीर्ण ना कर पाने के कारण स्वाति बहुत उदास हो गई थी। कुछ नंबर की ही कमी रह गई वरना पेपर निकल जाता। यह उसका तीसरा प्रयास था उसे पूरी उम्मीद थी कि इस बार क्वालीफाई कर लेगी। ऊपर से समाचारों में नीट की पारदर्शिता पर उठे सवालों से उसका मन और…
डॉ.राहुल को विजया स्मृति गौरव सम्मान
शताब्दी-पुरुष प्रो. रामदरश मिश्र ने भारतीय साहित्य एवं कला-सांस्कृतिक प्रतिष्ठान ‘शब्दसृष्टि’, मुम्बई द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डॉ. राहुल को “विजया स्मृति गौरव सम्मान”(शाल और प्रतीक चिन्ह सहित) प्रदान किया। इस अवसर पर साथ में हैं- डॉ. ओम निश्चल,शब्दसृष्टि के निदेशक और मनोहर मीडिया संचालक प्रो.मनोहर प्राचार्य डॉ.मुकुन्द आंधलकर और मीडिया सचिव सुश्री आशा रानी।यह सम्मान समारोह…
ग्लोबल वार्मिंग प्रमुख वैश्विक समस्या
ग्लोबल वार्मिंग वर्तमान समय की प्रमुख वैश्विक पर्यावरणीय समस्या है। यह एक ऐसा विषय है कि इस पर जितना सर्वेक्षण और पुनर्वालोकन करें, कम ही होगा। आज ग्लोबल वार्मिंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिज्ञों, पर्यावरणविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं वैज्ञानिकों की चिंता का विषय बना हुआ है। ग्लोबल वार्मिंग से पृथ्वी ही नहीं बल्कि पूरे ब्रह्मांड की…
बढ़ती जनसंख्या विकास में बाधक है इसे रोकना जरुरी : लाल बिहारी लाल
================================================================ आज जनसंख्या रोकने के लिए सबको शिक्षा होनी चाहिये जिससे इसे कम करने में मदद मिलेगी शिक्षा के साथ-साथ जागरुकता की सख्त जरुरत है ताकि देश उनन्ति के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ सके । वर्ष 2021 में असम सरकार इस ओर सख्त पहल की है और उ.प्र. सरकार भी आज जनसंख्या स्थिरिकरण…
गीतों के होठों पर
फिर वही यादों की बारिश,वही गम का मौसम। जाने कब झूम के आएगा प्यार का मौसम। ख्वाबों के ताजमहल, रोज बना करते हैं, वादों के शीश महल, चूर हुआ करते हैं। फिर वही टूटी उम्मीदों के खंडहर सा मौसम, जाने कब झूम के आएगा प्यार का मौसम। चांदनी आती नहीं, चांद भी नहीं आता, तारों…
प्यारी सी बिटिया
मै गीत गुन -गुनाऊ सुन प्यारी सी बिटियाँ चिड़ियों सी चहकती रहे हर आँगन की बिटियाँ हर वक्त तू खुश रहे मेरी प्यारी सी बिटियाँ। मै तुझे आवाज लगाऊ तुम दोड़ी आओं बिटियाँ बाबुल का कहा मानती हर आँगन की बिटियाँ हर वक्त तू खुश रहे मेरी प्यारी सी बिटियाँ। मै सपने देखता जाऊं मेहंदी…
संतोष (लघुकथा)
शाम होते-होते सूरज ढलने लगा। उम्मीदों के दीप बूझने लगे मगर सबको अपना-सा लगने वाला रमेश फिर कभी उन लोगों के बीच कभी नहीं लौटा जिनके लिए आधी रात को भी मुसीबत आए तो तैयार हो जाता था। गॉंव छोड़ शहर की नौकरी में ऐसा उलझा की घर बसाना ही भुल गया। गॉंव भी…
10वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के बहाने
वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र के 177 सदस्यों द्वारा 21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। 21 जून उत्तरी गोलार्ध का सबसे लंबा दिन भी होता है। योग कोई सरल प्रक्रिया नहीं है और ना ही प्रदर्शन की वस्तु है। योग मनुष्य को स्वस्थ जीवन के साथ मोक्ष के…
अबकी बार हुए न पार
जी हाँ, अबकी बार 400 पार का नारा इतनी पहले से और आखिरी वोटिंग तक दिया जाता रहा मेन मीडिया जिसको कुछ लोगों द्वारा गोदी मीडिया भी कहा जाने लगा है, ने भी बढ़ चढ़कर समर्थन किया और नारे की आवाज को बुलन्द करने में अपनी भूमिका निभाई। समाचार चैनलों की वार्ता में, ज्योतिषीय विश्लेषण…
