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हर क्षेत्र में विराजमान है, नारी तू ही स्वाभिमान है

आदि काल से ही नारी, शक्ति के रूप में खुद को स्थापित करती रही है। जिसमें माता को आदि शक्ति के रूप में माना जाता है। उन्ही के अलग अलग रूपो का बखान हमें पढने को मिलता है।शिव शक्ति के वगैर अधूरे माने जाते है।उसी तरह हमारे इतिहास और राजा रजवाडो की कहानियों मे भी…

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समाजिक भाईचारे का पर्व है होली- लाल बिहारी लाल

भारत में फागुन महीने के पूर्णिंमा या पूर्णमासी के दिन हर्षोउल्लास के साथ मनाये जाने वाला विविध रंगों से भरा हुआ हिदुओं का एक प्रमुख त्योहार है-होली।होली का वृहद मायने ही पवित्र है। पौरानिक मान्यताओं के अनुसार फागुन माह के पूर्णिमा के दिन ही भगवान कृष्ण बाल्य काल में राक्षसणी पुतना का बध किया था…

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मेरी की व्यथा ही मेरी की कथा है

मैं सीता हूँ, विनीता हूँ, लोग मुझे देवी कहते हैं। जग जननी कहते हैं, माता कहते हैं। स्त्रियों के लिए आदर्श स्वरुपा हूँ, पति अनुगामिनी हूँ, धैर्य प्रतिरुपा हूँ, आज्ञाकारिणी पुत्री हूँ, शालिनी हूँ, कामिनी हूँ।  मेरे पिता जनक, विदेह, महाज्ञानी राजा हैं। मेरे श्वसुर सम्राटों के सम्राट, रथियों में महारथी दशरथ हैं। और पति!…

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छिलका आन्दोलन

स्वच्छ वातावरण, जैविक खेती, हृष्ट पुष्ट गायों एवं पशुओं के लिए एक सजग प्रयास “छिलका आन्दोलन” | हर वर्ग, जाती, धर्म, गरीब, अमीर, प्रत्येक संगठन, सामाजिक संस्थाओं और हर जन की भागीदारी का एक प्रयास स्वस्थ, स्वच्छ, सुन्दरतम भारत के लिए| भारतीय संस्कृति प्राचीनतम और सर्वश्रेष्ठसंस्कृति है | भारतीय धर्म और ज्ञान विज्ञान विश्व में…

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आर्थिक स्तर पर हो जनगणना , केवल गरीबों को मिले आरक्षण और अवसर ..!

देश का लचीला संविधान कहता है कि सबको जीने का अधिकार है जिसके तहत 1980 से पहले दबे कुचले दलितों और आदिवासियों को आरक्षण देकर उनके उत्थान का काम किया गया ।  अब जब आरक्षण वर्तमान समय में अपना काम 70% पूर्ण कर चुका है तो इसे संशोधित करके आरक्षण का आधार केवल गरीबी रखा…

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दिल्ली के नगरनिगम की नूराकुश्ती 

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव दिल्ली की नगर निगम का दंगल सभी की निगाहों से होकर गुजरा ‘‘ओह अच्छा ! तो हमें पार्षद बनकर ऐसे दंगल करना पड़ता है’’ । वैसे तो अब उम्मीद नहीं हैं कि किसी को ज्यादा आश्चर्य हुआ होगा, क्योंकि पिछले कुछ दशकों संे हम ऐसा होता हुआ विधानसभा से लेकर कुछ-कुछ संसद में…

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महिलाएं सदैव जीवन के लिए प्रकाश स्तंभ रही हैं

(अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष) अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर वर्ष ‘आठ मार्च’ को विश्वभर में मनाया जाता है। इस दिन सम्पूर्ण विश्व की महिलाएँ देश, जात-पात, भाषा, राजनीतिक, सांस्कृतिक भेदभाव से परे एकजुट होकर इस दिन को मनाती हैं। महिला दिवस पर स्त्री की प्रेम, स्नेह व मातृत्व के साथ ही शक्तिसंपन्न स्त्री की मूर्ति…

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अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मातृभाषा संवर्धन  का  दिन  

लाल  बिहारी लाल +++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++ यूनेस्को ने नवंबर 1999 में सभी लोगों, समुदायों, क्षेत्र व देशों की मातृभाषा को संरक्षण प्रदान करने के लिए 21 फरवरी का दिन अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा के लिए समर्पित किया। ++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++        यूनेस्को ने 17 नवंबर 1999 को  अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस  मनाए जाने की घोषणा की थी कि  21 फरवरी 1952 को…

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हम हैं तुलसीदास

किसी ने मुझे दरवाजे से आवाज दी, भीतर कोउ है का..? मैंने अंदर से ही पूछा कौन है भाई ? दरवाजे से फिर आवाज आई, हम हैं तुलसीदास। मैंने दरवाजा खोला और उनसे वहीं खड़े-खड़े पूछा क्या चाहिए ? वे बोले कुछ नहीं। मैंने फिर जिज्ञासा से पूछा तो क्या? वे बड़े ही कातर स्वर…

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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हैं स्वयं सहायता समूह

स्वयं सहायता समूह दृष्टिकोण ग्रामीण विकास के लिए एक सक्षम, सशक्त और नीचे से ऊपर का दृष्टिकोण है जिसने विकासशील देशों में कम आय वाले परिवारों को काफी आर्थिक और गैर-आर्थिक बाह्यता प्रदान की हैं।  स्वयं सहायता समूह दृष्टिकोण को गरीबी का मुकाबला करने के लिए एक स्थायी उपकरण के रूप में सराहा जा रहा…

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