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पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा ऐसी की लोकतंत्र हिल जाए ..!

पश्चिम बंगाल में स्थानीय निकायों  के चुनाव में हिंसा में विभिन्न दलों के एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ता मारे गए हैं । हैरानी तब होती जब बंगाल में चुनाव हों और हिंसा ना होती , राजनीतिक हिंसा तो बंगाल के डी एन ए में है । नक्सली हिंसा  का नाम सुनते आ रहे हैं कई…

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बाढ, सीमा और ज्याति की हड़कम्प

                                                                                           कुशलेन्द्र श्रीवास्तव भला ऐसा सोच भी कौन सकता है कि दिल्ली बाढ़ के पानी में डूब जायेगी । दिल्ली तो हमारे देश की राजधानी है और जाहिर है कि राजधानी को विश्वस्तरीय दर्जा मिला हुआ है,उसका सारा विकास ऐसे ही मापदण्डों के आधार पर किया जाता है, पर फिर भी दिल्ली डूब गई और…

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विश्व जनसंख्या दिवस पर विशेष(11 जुलाई) विकास के लिए जनसंख्या दर को कम करना होगा : लाल बिहारी लाल

++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++सन 1987 में विश्व की जनसंख्या 5 अरब को पार गई तभी से सारी दुनिया में जनसंख्या रोकने के लिए जागरुकता की शुरुआत के क्रम में 1987 से हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाते हैं।++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++आज सारी दुनिया की 90% आबादी इसके 10% भू-भाग पर निवास करती है। विश्व की आबादी कहीं 11-50/वर्ग…

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किसी अच्छे संवाद लेखक से लिखवा लेते संवाद

कुशलेन्द्र श्रीवास्तव आदि पुरूष बहुत मंहगी फिल्म बनाई गई है । वैसे भी अब फिल्मों को अनावश्यक मंहगा करना फैशन जैसा बन गया है, ताकि कहने में अच्छा लगा कि हम कोई ऐसे वैसे फिल्म मेकर नहीं हैं कि सस्ती सी फिल्म बना दें । आदि पुरूष भी महंगी बना दी गई । जब इतनी…

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नोसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने किया अनुराधा प्रकाशन की पुस्तकों एवं ‘उत्कर्ष मेल’ का लोकार्पण

नयी दिल्ली ; 19 जून (सोमवार) का दिन अनुराधा प्रकाशन परिवार के लिए प्रभु कृपा बनकर आया .अनुराधा प्रकाशन के संस्थापक एवं संपादक मनमोहन शर्मा ‘शरण’ तथा कमांडर मनोज चौधरी जी का नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार जी के कार्यालय जाना हुआ, इस अवसर पर नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार जी द्वारा कमांडर…

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अखबार के रंग, चाय की चुस्कियों के संग

उर्दू भाषा का शब्द अखबार आज हर घर की जरूरत है। घर-घर में चाय की चुस्कियांँ लेकर अखबार पढ़ा जाता है। अखबार होता है, जादुई पिटारा। जो देता है हमें बारीक से बारीक खबर। समाचार, खेल, मनोरंजन, साहित्यिक, टेक्नोलॉजी सभी को समेटे होते हैं आज के अखबार। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने चाहे कितना भी कब्जा क्यों…

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धीरे – धीरे हम भारतीय संस्कृति को स्वयं नष्ट करते जा रहे..!

ग्रामीण क्षेत्रों में माहौल बदल रहा और अब आधुनिकता के नाम पर जो कुसंस्कृति कभी शहरों की पहचान मानी जाती थी अब गांवों में पैर पसार चुकी है । आधुनिकता के नाम पर जमकर अश्लिलिता परोसी जा रही और इसका लुत्फ घर के सभी सदस्य उठा रहें । अगर बात करें शादी विवाह में बढ़ते…

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जीवन का आधार योग

योग: कर्मसु कौशलम् अर्थात कार्य में कुशलता ही योग है योग का अर्थ है जुड़ना जब हम किसी कार्य या विचार के साथ जुड़ जाते हैं तो वह योग कहलाता है योग हमारे तन और मन को जोड़ता है योगिक क्रियाएं ना केवल शारीरिक क्रियाओं को प्रभावित करती हैं अपितु मन पर भी सकारात्मक प्रभाव…

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सचिन पायलट की ठंडी हुंकार

राजनीतिक सफरनामा : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव सचिन पायलट ‘‘खोजी खबरदाता’’ के रूप् में उभर चुके हैं । सारे लोग उनके हर एक कदम को विशेष निगाहों से देखते हैं और हर शब्द का विश्लेषण कर अपनी नई सोच बनाकर परोस देते हैं । मीडिया को चाहिए ‘‘सबसे पहले’’ वाली न्यूज, इस के चक्कर में वे हर…

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जन भागिदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण असंभव है

-लाल बिहारी लालनई दिल्ली । जब इस श्रृष्टि का निर्माण हुआ तो इसे संचालित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों का एक सामंजस्य स्थापित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों के बीच एक परस्पर संबंध का रुप प्रकृति ने दिया जो कलान्तर मे पर्यावरण कहलाया। जीवों के दैनिक जीवन को संचालित करने के लिए उष्मा…

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