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जन भागिदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण असंभव है
विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष (5 जून,) जन भागिदारी के बिना पर्यावरण संरक्षण असंभव है लाल बिहारी लाल नई दिल्ली । जब इस श्रृष्टि का निर्माण हुआ तो इसे संचालित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों का एक सामंजस्य स्थापित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों के बीच एक परस्पर संबंध का रुप प्रकृति ने…
तू चल मैं आया ! : कुशलेन्द्र श्रीवास्तव
राजनीतिक सफरनामा चलो कपिल सिब्बल भी चल दिए दूसरे घर की ओर उन्हें राज्यसभा मेें जो जाना था । कुर्सी चाहिए जहां मिल जाए । नेता तो रमता जोगी बहता पानी जैसा होता है । आज यहां कल कहां उसे खुद ही नहीं मालूम होता । कुर्सी चाहिए, वे बगैर कुर्सी के नहीं रह सकते…
पर्यावरण सुरक्षित रहे यदि मानव मन लक्षित रहे
कविता मल्होत्रा (संरक्षक, स्थायी स्तंभकार) भला चारित्रिक गठन अनुवांशिक कहाँ होता है अनासक्त प्रेम जहाँ पर्यावरण सुरक्षित वहाँ होता है ✍️ विश्व का असीम और निःशुल्क पुस्तकालय मानव मन में ही विद्यमान है, जो हर किसी को अपने मन का अध्ययन करने में सहायक होता है। लेकिन इस पुस्तकालय तक पहुँचने का न तो कोई…
अरुणा आसफ अली
16 जुलाई, 1909 – 29 जुलाई, 1996) प्रारंभिक जीवन :- अरुणा आसफ अली का जन्म 16 जुलाई, 1909 को कालका, पंजाब, ब्रिटिश भारत (अब हरियाणा, भारत) में एक बंगाली ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता उपेंद्रनाथ गांगुली पूर्वी बंगाल (अब बांग्लादेश) के बारीसाल जिले से थे, लेकिन संयुक्त प्रांत में बस गए। वह एक…
उपन्यासकार एवं कथाकार गीतांजलि श्री को मिला 2022 का बुकर सम्मान
लाल बिहारी लाल ……………………………………………………………………………………………………….. इस साल का मैन बुकर सम्मान भारतीय लेखिका गीतांजलि श्री का उपन्यास ‘रेत समाधि’ के अंग्रेज़ी अनुवाद ‘टॉम्ब ऑफ़ सैण्ड’ के लिए दिया गया है जिसे डेजी राकवेल ने अंग्रैजी अनुवाद किया है। यह पहली बार है कि किसी भारतीय भाषा के अनुवाद को यह अवॉर्ड मिला है।………………………………………………………………………………………………….. नई दिल्ली। उपन्यासकार एवं कथाकार गितांजली श्री…
तंबाकू छोड़ो जीवन से नाता जोड़ो
विश्व तंबाकू निषेध दिवसपर विशेष ……………………………………………………………………………………………..तंबाकू के इतिहास की बात करे तो सन 1492 में क्रिस्टोफर कोलंबस ने पहली बार सैन साल्वाडोर द्वीप पर तंबाकू की खोज की थी। और अपनी दूसरी यात्रा के दैरान स्पेन में तंबाकू के पते लेकर आए। सन1558 में तंबाकू के बीज पूरे यूरोप महाद्वीप में फैल गए और उपनिवेशवादियों…
कबीरा खड़ा बाज़ार में ………..
देश में आपसी सद्भाव का मौसम बनता बिगड़ता रहा है । इन सबके बीच दिल्ली से भाजपा नेता बग्गा की गिरफ्तारी , शाहीन बाग से बुलडोजर की बिना एक्शन वापिस लौटना , कांग्रेस का पत्थरबाजो का हिमायती होना और ताजमहल का भी ऑपरेशन कराने के खबर के बीच अब राजनीति ज्ञानवापी और मथुरा की तरफ…
चिन्तन शिविर से उपजे सवाल
राजनीतिक सफरनामा कुशलेन्द्र श्रीवास्तव मई की तपती दुपहरी और राजस्थान की मरू भूमि पर कांग्रेस का चिन्तन शिविर आयोजित किया । कांग्रेस को वैसे भी चिन्ता और चिन्तन दोनों की आवश्यकता तो है । उनके अपने ही सदस्यों ने चिन्ता व्यक्त की और हाईकमान ने चिन्तन शिविर लगा दिया ‘‘आओ हम मिलकर चिन्तन करें’’…
बुलडोज़र की सार्थकता
कविता मल्होत्रा (स्थायी स्तंभकार एवं संरक्षक उत्कर्ष मेल) आजकल अवैध क़ब्ज़ों को लक्षित करते हुए बुलडोज़र पर चर्चा आम है अनश्वर प्रेम को नज़रअंदाज़ करती नश्वर सत्ता का ही तो ये परिणाम है रक्त मास से बनी मानव देह की ज़रूरतें उतनी बड़ी नहीं हैं जितनी बड़ी उसकी अधिग्रहण की चाहतें हैं। मानव जीवन का…
विनायक दामोदर सावरकर
(28 मई, 1883 से 26 फरवरी, 1966) प्रारंभिक जीवन वीर सावरकर का जन्म 28 मई, 1883 में महाराष्ट्र के नासिक जिले के भागुर गाँव में हुआ था। उनकी माता का नाम श्रीमती राधाबाई सावरकर और पिता श्री दामोदर पंत सावरकर था। वीर सावरकर के तीन भाई और एक बहन थी। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नासिक…
