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बिधान चंद्र रॉय
(डॉक्टर मनोज कुमार) (01 जुलाई,1882 से 01 जुलाई, 1962) प्रारंभिक जीवन :- बिधान चंद्र रॉय का जन्म 1 जुलाई, 1882 को बिहार के पटना जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम प्रकाश चन्द्र रॉय और माता का नाम अघोरकामिनी देवी था। बिधान ने मैट्रिकुलेशन की परीक्षा पटना के कोलीजिएट स्कूल से सन् 1897 में…
सच्ची आजादी, अमृतोत्सव भी सच्चा!
सम्पादकीय (मनमोहन शर्मा ‘शरण’) यह सच है कि अभी भारत में कोरोना के मामलों में काफी कमी देखी जा रही है किन्तु ध्यान रहे आगे बरसात का मौसम आने को है तब हमें विशेष सावधानी बरतनी है और कोरोना गाईडलाइन्स का कड़ाई से पालन करते हुए इसको पैर पसारने नहीं देना है । कोरोना वैक्सीन…
बातों से बात नहीं बनती साहब!
सम्पादकीय (मनमोहन शर्मा ‘शरण’) पूरे विश्व में मानव जाति पर कोरोना बहुत बड़े संकट के रूप में छाया हुआ है । भारत की बात करें तो दूसरी लहर में क्या–क्या घटित हो गया यह किसी से छिपा नहीं है । दूसरी लहर में युवाओं पर कहर टूटा और संख्या गिनती से परे है । कुछ…
उत्तर प्रदेश को अब पुनः ब्राह्मण मुख्यमंत्री चेहरे की जरूरत !
उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा का शीर्ष नेतृत्व मंथन करने में जुट गया है । मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा ये अब गंभीर विषय बन रहा । बात करें योगी आदित्यनाथ जी के कार्यकाल की तो उनके कार्यप्रणाली से सवर्णों का एक बड़ा वर्ग, ब्राह्मण वर्ग नाराज है । कारण…
एक खुली चिट्ठी प्रधानमंत्री मोदी के नाम
आदरणीय महामना मान्यवर मोदी जी आपको इस वर्ष के पहले दिन से ही मन की बात एक आम नागरिक के तौर पर कहना चाह रहा था।कुछ अच्छा होने की आशा कीइंतजार करते करते थक कर आज लिख रहा हूं!बहुत ही अच्छा लगा था,जब आप पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेनेसे पहले लोकतन्त्र के…
सरकार के गलें की फांस ना बन जाए बेरोजगारी !
वर्तमान समय में केंद्र सरकार महंगाई , बढ़ते पेट्रो कीमतों और गिरती अर्थव्यवस्था पर जनता की आलोचना झेल रही । केंद्र सरकार ने जिस हिंदुत्व के मुद्दों पर बंगाल चुनाव अभियान शुरू किया था उस वहा की जनता ने नकार दिया क्युकी मध्यम वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हुआ और महंगाई के मार से दबा आम…
एक थी सुमन… (स्टबर्न बट काइंड, लविंग बट फ़ेयर)
(राजसभा डाइरेक्टर, अंग्रेज़ी की प्रोफेसर, अप्रैल 4, 1956-जून 27-2020) बिहार भागलपुर के एक छोटे से गाँव कमलपुर में पैदा हुई सुमन माला ठाकुर , मध्यमवर्गीय एक आम परिवार में ४ एप्रिल १९५६ में पैदा हुई जहां नातो पैसा था ना ही लड़कियों के लिए शिक्षा का महत्व। ऐसे में सुमन के दादा बिंदेश्वरी प्रसाद ठाकुर…
पर्यावरण संरक्षण में जनभागिदारी जरुरी – लाल बिहारी लाल
जब इस श्रृष्टि का निर्माण हुआ तो इसे संचालित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवों का एक सामंजस्य स्थापित करने के लिए जीवों एवं निर्जीवोके बीच एक परस्पर संबंध का रुप प्रकृति ने दिया जो कलान्तर मे पर्यावरण कहलाया।जीवों के दैनिक जीवन को संचालित करने के लिए उष्मा रुपी उर्जा की जरुरत होती है। और…
कुर्सी की लालसा में सियासी हलचल
राजनीतिक सफरनामा (कुशलेन्द्र श्रीवास्तव) देश के कई राज्यों में हलचल है । यह हलचल कुर्सी के लिए है । समाजसेवा का लबादा ओढ़कर सत्ता के रसगुल्ले खाने की लालच से ग्रसित कतिपय लोगों ने लोकतंत्र को मजाक बनाकर रख दिया है । पश्चिम बंगाल में मुकुन्द राय ने टीएमसी के सत्ता पर काबिज होते ही पाला…
जलजला आता है निशां छोड़ जाता है (सम्पादकीय)
मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (प्रधान संपादक) बहुत दिनों के बाद फिर से सुनने को मिला है कि ‘कोरोना’ संक्रमण की गति धीमी हुई है और संक्रमितों की संख्या में काफी कमी देखी गई है । प्रतिदिन लाखों में संक्रमितों की संख्या अब 50–60 हजार के आसपास आ रही है । किन्तु फिर एक बार हम सबको…
