Special Article
अभी तो कई खिसकेंगे , यह तो बस शुरुआत है !
उत्तर प्रदेश में राजनीतिक उथल पुथल तेज हो गई है । जैसे – जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही हैं, विपक्ष और पक्ष के खेमे के सेनापति खेमा बदलना शुरू कर दिए हैं । जिसकी शुरुआत मंगलवार को बसपा से आए भाजपा में मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने कर दी । पांच…
चुनावी पतंगों से सज चुका आसमान
राजनीतिक सफरनामा चुनावी पतंगों से सज चुका आसमान कुशलेन्द्र श्रीवास्तव लोहड़ी पर्व पर पतंगबाजी होती है । पहले अपनी पतंग को हवा में ऊंचा उड़ाओ और फिर हवा में उड़ रही दूसरी पतंग को काट डालो । राजनीति में भी ऐसा ही होता है । आवश्वासनों से भरी रंगबिरंगी पतंगें आसमान में उड़ती…
वर्ष 2022 संकल्प : क्या करें?… क्या न करें?…
डॉ. नीरू मोहन ‘वागीश्वरी’ वर्ष आते हैं और चले जाते हैं परन्तु अपने साथ बहुत-सी दुखद और सुखद यादों के अनुभव छोड़ जाते हैं; जिनको याद करके मन कभी खुश हो जाता है और कभी दुखी। मुझे लगता है सभी को अपने आने वाले समय का इंतज़ार रहता है मगर वह कैसा बीतेगा इसका एहसास…
नयी ऊर्जा की ओर : आशा सहाय
वर्ष 2021 गुजर चुका है।समस्याओं और उपलब्धियों से यह लर्षभरा रहा ,ऐसा कहने में हमें संकोच नहीं होता. इसलिए कि समस्याओं ने राष्ट्र को अगर परेशान किया तो उनके समाधान भी देश ने ढूँढ लिए । कोरोना से जूझने के लिए टीकाकरण अभियान ने सामान्य जनता को सामान्य जीवनशैली की ओर उन्मुख कर दिया।यद्यपि इतनी…
सम्पादकीय : मनमोहन शरण ‘शरण’
‘उत्कर्ष मेल’ के सभी पाठकों को नववर्ष 2022 की शुभकामना देता हूँ और प्रभु के श्रीचरणों में निवेदन करता हूँ कि सभी देशवासियों को मन–बुद्धि–कौशल से दृढ़तापूर्वक संकल्प के साथ कार्य करने की शक्ति दें । सभी स्वस्थ रहें, सुखी हों ऐसा आशीर्वाद प्रदान करें ।नव वर्ष का उत्साह एक तरफ है और कोरोना के…
नए वर्ष 2022 से आपकी कितनी उम्मीदें और क्यों ?
महामारी की चपेट में जूझ रहे पूरे विश्व को विगत दो वर्षो से दैनिक लाइफ स्टाइल में काफी उठा पटक देखने को मिली । वर्तमान परिवेश में नए आंग्ल वर्ष का आगमन सबके लिए कम उत्साहजनक, अधिक चिंताजनक और अतीत के डर से ज्यादा सचेत हो सकता है । हर वर्ष एक वर्ष जाता है,…
आशंकाओं के भंवरजाल में नव वर्ष का उत्सव
इस एक जनवरी को उदित हुए सूरज के लाल रंग में उच्छवास नहीं है । घर की दीेवाल पर टंगें नए कैलेण्डर की चमक में भी आकर्षण नहीं है । शेष बचे पेड़ों की शाखाओं पर चिड़ियां तो चहक रहीं हैं पर इन पक्षियों की चहक मंे भी उत्साह नहीं सुनाई दे रहा है ।…
बनें रब का सेवादार
कविता मल्होत्रा (संरक्षक, स्तंभकार) “माता-पिता केवल शब्द नहीं ये जीवन का हैं सार ईश्वरीय श्रवण कुमार वही जो सृष्टि का सेवादार” शिक्षा के क्षेत्र में अनेक प्रकार की संभावनाएँ होती हैं जो किसी भी व्यक्ति के अस्तित्व को तराश कर एक सुघड़ आकार देतीं हैं।हर व्यक्ति की पसंद अलग होती है।अपनी पसंद के अनुसार हर…
नये साल में सबलोग दृढ़-संकल्प लें
डॉक्टर सुधीर सिंह साल बीत जाते ही नया सालआता है, आइए!उसका हार्दिकअभिनंदन करें। भूल जाएं हम बीते वर्ष का सारा गम, नव वर्ष में मिलजुलकर जश्न मनाएं। परिवर्तन प्रकृति का शाश्वत नियम है, समस्त संसार उसकी डोरी से बंधा है। नए साल में सबलोग दृढ़-संकल्प लें, ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’, लक्ष्य हमारा है। हर घर में…
लाल बहादुर शास्त्री
(जन्म 02 अक्टूबर, 1904 एवं निधन 10 जनवरी, 1966) प्रारंभिक जीवन :- लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 02 अक्टूबर, 1904 को उत्तर प्रदेश के मुग़लसराय में हुआ था। उनके पिता शारदा प्रसाद और माँ रामदुलारी देवी थीं। लाल बहादुर का उपनाम श्रीवास्तव था पर उन्होंने इसे बदल दिया क्योंकि वह अपनी जाति को अंकित करना…
