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सँभल जाए अगर माली, महके हर रूह की डाली : कविता मल्होत्रा

एक प्राकृतिक आपदा की तरह कोरोना वायरस समूचे विश्व पर मँडराया और वैश्विक बँधुत्व की सीख देकर आगे निकल गया।लेकिन अब भी सीमा पार से परस्पर वैमनस्य के कारण शहादत की खबरें आती हैं तो एैसा लगता है कि अभी मानव को बहुत कुछ सीखना है। कई लोगों को बेरोज़गारी का रोना रोते देखा और…

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यारो मैंने पंगा ले लिया… (सम्पादकीय)

जी हाँ मित्रो!, चीन ने पूरी दुनिया में कोरोना वायरस को फैलाकर कोहराम मचा दिया  जिसके चलते सारा विश्व परेशान है और सबके निशान पर चीन अपने को देख रहा है ।  गलती की है  और यदि मान लेते हो तो इसके अनेक उपाय हैं, बात बन जाएगी । किन्तु चोरी और सीनाजोरी न कभी…

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“जीवन का समीकरण”

“ये ज़िन्दगी भी तो एक रक्कशा है साहेब अगर आप सफल हो, सारे खूबसूरत जलवे दिखाती है। पर अगर आप गोते लगाते हो, असफलता के गर्त में, तो फिर ये आपसे नजरें चुराती है।” सपने देखना अच्छी बात है। उन्हें पूरे करने के लिए कोशिश करना और भी अच्छी बात है। परन्तु सारी कोशिशों के…

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Forty Second amendment in the Constitution of India and Biodiversity Conservation in the Perspective of 21ST CENTURY.

Dr. Jolly Garg, Associate Professor and Head, Department of Botany, D.A.K.P.G. College, Moradabad, U.P. India. mob. no. 9411683385. Email : drjollygarg@gmail.com The 20th century was marked by both the recognition and creation of array of environmental problems viz. deforestation, climate change, green house effect, Pollution, Sea acidification etc. Subsequently 21st century is bound to bear…

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क्या होगा चीन का अगला कदम?

पिछले कुछ दिनो से चीन और भारत के बीच जिस तरह की स्थिति बनी हुई है उसे देख कर ऐसा लगता है कि मामला काफी संवेदनशील है और कभी भी कुछ भी हो सकता है। जिस तरीके से चीन अपनी आक्रमक्ता भारत को दिखा रहा है और दुनिया को ये दिखाने की कोशिश कर रहा…

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लद्दाख में ड्रैगन को सबक सिखाना होगा

कर्नल सारंग थत्ते ( सेवानिवृत्त )        पूर्वी लद्दाख अब एक नया जंग का मैदान नामांकित हो गया है. पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी भारत और चीन के बीच तनाव के चरम बिंदु पर पहुँच चुकी है. यह वही इलाका है जहाँ 1962 में भारत और चीन के बीच में युद्ध हुआ था. मई 2020…

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करोना को सोच के खुद को ना भूले !

अति बौद्धिकवाद एजेंडा धारी दर्शन भी आतंक का ही रूप स्वरूप है। मात्र आलोचना या वादी प्रतिवादी को ही विद्वता नहीं कहते । इसके लिए आदमी के पास व्यवहारिक ज्ञान के साथ सम्यक व्यवहार होना नितांत अनिवार्य है। अब समय आ गया है ,  मजदूरों का रोना रोना बंद कर दीजिये  , मजदूर घर पहुंच…

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साँस हर दिल की थमी-थमी है सहमा-सहमा सा हर आदमी है

कविता मल्होत्रा (स्थायी स्तंभकार-उत्कर्ष मेल, कवियित्री एवं समाजसेवी) आज से तीन महीने पहले कब किसी ने सोचा था कि सरपट भागती जीवन की रफ़्तार अचानक यूँ थम जाएगी कि अगले पल साँस लेने से पहले भी सोचना पड़ेगा और साँस छोड़ने की दशा भी अकल्पनीय हो जाएगी। सच है! परिवर्तन ही संसार का शाश्वत नियम…

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SAY NO TO SUICIDE (सम्पादकीय )

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (प्रधान संपादक) वर्ष 2020 पूरी दुनिया को रास नहीं आ रहा । स्वास्थ्य, आर्थिक, प्राकृतिक आपदाओं के साथ–साथ जब हमारे बीच में से होनहार व्यक्तित्व तथा युवाओं का आदर्श कहे जाने वाले प्रतिभावान नायक सुशान्त सिंह राजपूत का मुंबई में अपने निवास पर ही आत्महत्या कर लेने की खबर का आना, एक…

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बेहद दुखद एवं निराशाजनक ……सुशांत सिंह राजपूत ने की आत्महत्या

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (34) ने मुंबई में अपने आवास पर आत्महत्या कर ली है। वह रविवार की सुबह बांद्रा में अपने अपार्टमेंट में फांसी के फंदे से लटके हुए पाए गए, जिसके बाद उनके घर पर काम करने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस इसकी सूचना दी।…..दुखद इसलिए कि एक इंसान ख्वाब देखता है…

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