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नेहरू जयंती विशेष – आधुनिक भारत के सक्रिय राजनेता !

            जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवम्बर 1889 को ब्रिटिश शासन काल के भारत में इलाहाबाद बदला हुआ नाम प्रयागराज  में हुआ था । जवाहर के पिता मोतीलाल नेहरू एक धनी बैरिस्टर जो कश्मीरी पण्डित थे। मोती लाल नेहरू सारस्वत कौल ब्राह्मण समुदाय से थे,  उनकी माता का नाम  स्वरूपरानी थुस्सू था, जो लाहौर में…

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सत्याग्रह के सही मायने !

आज के समाज में  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के विचार निसंदेह प्रासंगिक है । जिस सत्य अहिंसा और सद्भाव की बात राष्ट्रपिता गांधी करते थे वो आज के वर्तमान समय में लालच लाचारी और भ्रष्टाचार की भेट चढ़ चुकी है । प्रत्येक वर्ष हम दो अक्टूबर को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जी का…

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मानवता के प्रहरी – लाल बिहारी लाल

नीलू गुप्ता, सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल मानवता के प्रहरी एवं पर्यावरण प्रेमी के रूप में प्रसिद्ध लाल बिहारी लाल, जो बहुमुखी प्रतिभा के धनी है, आज उनका जन्मदिन है। हमारी ओर से लाल बिहारी लाल को जन्मदिन की ढेर सारी बधाइयां। इनका व्यक्तित्व अत्यंत सहज, सरल और उदार है, वहीं इनका कृतित्व साहित्य, पत्रकारिता और सामाजिक…

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सितारों के आगे जहाँ और भी है

(आज का बॉलीवुड वैसे भी देशभक्ति और सामाजिक मुद्दों को छोड़कर पूरी तरह नंगा हो चुका है. एकाद फिल्मों को छोड़कर बाकी फिल्मे हम परिवार के साथ नहीं देख सकते. बच्चों की मानसिकता पर नंगापन, नशा और मर्डर जैसे सीन हावी हो रहें है जिनका उनकी असल जिंदगी पर असर हो रहा है. यही कारण…

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फिल्मी बुतों के विसर्जन का अवसर

यशपाल सिंह यश ‌आजकल बॉलीवुड चर्चा में है। बॉलीवुड हमेशा ही चर्चा में रहा है । जब से बच्चा जवान होना शुरू होता है फिल्मी सितारे उसके स्वप्नलोक का हिस्सा बन जाते हैं । उन्हें देखना अच्छा लगता है, उन्हें सुनना अच्छा लगता है, उनकी बातें करना अच्छा लगता है। विज्ञापनदाता इस बात को खूब…

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कृषि संशोधन बिल से किसानों को राहत देने की कोशिश !

केंद्र सरकार ने बीते दिनों राज्य सभा में कृषि संशोधन बिल पास कराया जिसपर विपक्ष ने जम कर हंगामा काटा । सरकार ये जो तीन बिल किसानों के हित में लेकर अाई है उससे पंजाब की राजनीति में हाहाकार मचा हुआ है । पंजाब के किसानों में सबसे अधिक बेचैनी देखी जा रही । केन्द्र…

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गाँधी जयंती पर आइये कुछ नया सोचें

मनमोहन शर्मा ‘शरण’ (सम्पादकीय) एक बार फिर आप सभी को गांधी जयंती की बधाई एवं अनन्त शुभकामनाएं ।पिछले वर्ष हमने गाँधी मनाई और स्वच्छता अभियान भी जोरशोर से चलाने की बात हुई । कुछ हद तक सफल भी हुए सफाई अभियान में । आपको भी स्मरण होगा कि गाँधी जी का एक चित्र् जो अधिकांश…

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बालकथा – बापू के जन्मदिन

राजू एक नवी कक्षा का छात्र है और अपने घर के पास ही एक सरकारी स्कूल में पढ़ता है।राजू बचपन से ही पढ़ने बहुत होशियार विद्यार्थी है।लेकिन उसके दिमाग की सारी अच्छाइयां उसके गणित के अध्यापक के सामने खत्म हो जाती हैं। वह लगातार अपने गणित के अध्यापक के हाथों डांट खाता रहता है और…

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मातृभाषा सीखने से भविष्य की पीढ़ियों को अपने सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने के साथ संबंध बनाने में मदद मिलेगी : सत्यवान सौरभ

(मातृभाषा में पढाई  वैचारिक समझ के आधार पर एक घरेलू  प्रणाली के साथ सीखने और परीक्षा-आधारित शिक्षा की रट विधि को बदलने में मदद करेगा।  जिसका उद्देश्य छात्र के अपनी भाषा में ज्ञानात्मक कौशल को सुधारना है, ताकि वह अन्य भाषाओँ के बोझ तले न दब सके और चाव से अपनी प्राथमिक शिक्षा को पूर्ण…

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नींद से जागो

आज फिर रोज की तरह विवश हो गयी हूं ,समाज में हो रही अपराधिक घटनाओं के बारे में सोचने पर! क्या करूं मन का आक्रोश किस से सांझा करूं, क्योंकि यहां सभी धृतराष्ट्र हैं और जो नहीं है वह धृतराष्ट्र बने रहने को विवश हैं ,क्योंकि सत्य बोलने का हश्र हम सभी देख रहे है!यह…

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