Special Article
नारी (कविता-2)
माना एक नारी की जिंदगी उसकी कब होती है पर उसे भी अधिकार है अपने मन से जिंदगी जीने का खिलखिलाने का गुनगुनाने का, पर ये अधिकार उसे स्वयं लेना होगा देना सीखा है लेना भी सीखना होगा कर्तव्य के साथ सचेत होकर आगे बढ़ कर अपना अधिकार लेना होगा, इससे नहीं बदलेगा उसका बेटी/…
” नारी ” (कविता-1)
कोंख बसर में रख तूं पाला राम कृष्ण महावीर बुद्ध ; नानक ईशा कलाम विवेकानन्द मनीषी प्रबुद्ध! 🌹 पतिव्रत धर्म निभाने को पाहन रूप धरी अहिल्या ; सतीत्व को सत्यापित करने अग्नि परीक्षा से गुजरी सीता! 🌹 पति के स्वाभिमान की रक्षा में सती हो गयी हिमालय नन्दनी ; सबरी धीरज की सुकुमार हृदया नारी…
मेरी नस नस में बजे वात्सल्य की सितार …..
प्रकृति से प्रेम होने के कारण अक्सर मेरी भोर अँतस्थली में बहते सागर मँथन से आरँभ हुआ करती थी। पावनता की तरँगें मानवता की सरहदें मानने को तैयार ही नहीं होतीं थीं।इसलिए मेरे मन में बहता भाईचारे का चिनाब निस्वार्थ मोहब्बत की रावी से मिलने को बेचैन हो उठता था। मेरा सारा वजूद वैश्विक बँधुत्व…
क्या होंगे सावधान एक दिन ?
श्रीराम कथा में मिले परम पूज्य संत मोरारी बापू के आशीर्वाद से भारत के यशस्वी राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद से भेंट तक की यात्र में माता–पिता एवं गुरुजनों का आशीर्वाद एवं आप सभी की शुभकामनाओं को अनुभव करता हूँ । यूं ही स्नेह बनाये रखें । हम होंगे सावधान एक दिन ? क्या यह दिन…
अयोध्या पर फैसला
न्यायालय के फैसले, का सम्यक सत्कार नहीं किसी की जीत ना, हुई किसी की हार राजनीति के खेल में, उलझ गए थे राम आशा है लग जाएगा, उस पर पूर्ण विराम इस न्यायिक प्रक्रिया में, शामिल थे जो लोग अभिनन्दन हर किसी का, जिस जिस का सहयोग पांचों पंचों को करूं, बारंबार प्रणाम दर्ज हुआ…
धुंध में लिपटी राजधानी
– राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” शिक्षक एवम साहित्यकार दीपावली के तीन दिनों बाद हमारे देश की राजधानी दिल्ली धुंध के काले आवरण से ढँक चुकी थी।दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों से प्रदूषण की दर बढ़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 1600 बड़े शहरों में दिल्ली प्रदूषण में सबसे आगे हैं। भारत…
क़लम से कलाम के दफ़्तर तक
कविता मल्होत्रा (वरिष्ठ समाजसेवी एवं स्तंभकार -उत्कर्ष मेल) क़लम से कलाम के दफ़्तर तक पहुँचना हर किसी के बस की बात नहीं है।जिस क़लम की बुनियाद में सँस्कृति के बीज फलित होते हैं और मानवतावादी फ़सल का अँकुरण होता है, उस क़लम को ही साहित्यिक समाज में उच्चकोटि का सम्मान मिलता है। मानव मूल्यों को…
शिवसेना की फजीहत !
राजनीति के द्वंद्व मे फँसी शिवसेना महाराष्ट्रा मे आजकल बिना पेंदी के लोटा हो गयी है । धृतराष्ट्र बने ऊधव ठाकरे , बेटे आदित्य को सी ऍम बनाने के लिए हर विचारधारा को मानने को तैयार बैठे है । यकीन नही होता की जिस बाला साहेब ठाकरे ने मातोश्री से राजनीति की शुरुआत की और…
प्रदूषण भी दौड़ा दिल्ली की ओर !
देखिए जनाब दिल्ली की दौड़ का नायाब नमूना , पंजाब और हरियाणा की पराली का धूंआ भी दिल्ली की तरफ दौड़ रहा । पूरी दिल्ली और नोयडा एयर क्वालिटी इंडेक्स के गुस्से से थर थर कॉप रही । अभी कल ही अपने राजनीति के महान दिग्गज अभिनेता श्रीमान् केजरीवाल जी मिले मैंने पूछा सर दिल्ली…
..पिता….. (कविता-11)
करता है जिसकी खातिर दिन-रात पिता मेहनत। ढोता सिर पर बोझा, देता है मिटा सेहत। आदर्श ,संस्कार ,व्यवहार सिखाता। सच्चाई की हमेशा ही राह दिखाता। तुम समय के साथ बदल जाओगे कभी, लेकिन कभी पिता की बदलती नहीं फितरत,,,,,,, जन्म से ही पाल पोश, जवान कर दिया। शिक्षा हुनर देकर गुणवान कर दिया। पूछा नहीं…
